सरगुजा समय अंबिकापुर छत्तीसगढ़ ग्राउंड रिपोर्ट:- सरगुजा की जनता को लगातार अपने निर्णय पर अफ़सोस होता प्रतीत हो रहा है जहाँ सरगुजा में पूर्व विधायक एवं मंत्री टी एस सिंह के निष्क्रियता एवं सरगुजा के विकास की अनदेखी से परेशान होकर यहाँ की जनता ने भाजपा के राजेश अग्रवाल पर भरोसा करते हुए उन्हें विधानसभा चुनाव में विजेता बनाया और सपना देखा की अब राजेश अग्रवाल सरगुजा की जनता की तकलीफो को समझेंगे और उनकी मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखेंगे परन्तु सरगुजा की मासूम जनता के विश्वास पर विधायक एवं मंत्री राजेश अग्रवाल ने करारा प्रघात करते हुए सरगुजा की मूलभूत सुविधाओं से मुँह फेरने के मामले में पूर्व विधायक एवं मंत्री टी एस सिंह देव से 10 कदम आगे बढ़ कर निष्क्रिय हो गए है।
सरगुजा संभाग से जहाँ मंत्री विधायक सांसद यहाँ तक की मुख्यमंत्री भी सरगुजा से होने के बावजूद यहाँ की जनता को तमाम प्रकार की मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना एवं तड़पना पड़ रहा है, विधायक मंत्री राजेश अग्रवाल की सरगुजा के लिए बेरुखी इस कदर बरसी की अब यहाँ की जनता के मुँह से यह निकलते तनिक भी समय नहीं लगता की मंत्री राजेश अग्रवाल से कई गुना अच्छे टी एस सिंह ही थे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में विकास के सरकारी दावों की हवा शहर की सड़कों पर निकलते ही निकल जाती है। वीआईपी दौरों और कागजी घोषणाओं के बीच शहर की मुख्य और अंदरूनी सड़कें आज बदहाली, धूल और भ्रष्टाचार की मिसाल बन चुकी हैं। करोड़ों के बजट और लोक निर्माण विभाग (PWD) व नगर निगम के दावों के बावजूद शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं।
विधायक सांसद मंत्री घटिया सड़क के माध्यम से आम नागरिकों को बाट रहे मौत की सौंगात :- सरगुजा में सड़कों की ज़मीनी हकीकत बयां करने के लिए अब शब्द भी कम पड़ने लगे है यहाँ बदहाली की तस्वीरें बयां करती दास्तां कमरतोड़ सफर और रोज के हादसे: एम जी रोड़ जो की अब गड्ढे एवं तालाब में तब्दील है, खरसिया नाका रोड़ यहाँ भी वही हाल है, रिंग रोड, बनारस मार्ग, देवीगंज रोड और रिहायशी बस्तियों की सड़कें इस कदर छलनी हैं कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर सफर जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। आए दिन लोग गिरकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। लेकिन मंत्री एवं सांसद सिर्फ आश्वासन का खेल खेलते नजर आ रहे है।
अंबिकापुर में सड़कों का हाल बेहाल धूल का गुबार, कीचड़ की बौछार और सांसों पर पहरा: धूप निकलते ही सड़कों पर उड़ती धूल बारिश होते ही सड़कों का तालाब में तब्दील होना लबालब पानी से भरे सड़कों में हर कदम में मौत का भय आम नागरिकों दुकानदारों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है।

व्यापार पर भारी मार: जर्जर सड़कों और उड़ती धूल के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही घटी है, जिससे स्थानीय व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश है।
जनप्रतिनिधियों से सीधा सवाल: आखिर कब टूटेगी खामोशी?
शहरवासियों का कहना है कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं। क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल और संगठन के वरिष्ठ भाजपा नेता पवन देव से शहर की जनता अब आर-पार की बात करने के मूड में है:
स्थायी समाधान कब मिलेगा? केवल तात्कालिक पैचवर्क के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी बंद कर क्या सड़कों का ठोस व मजबूत नवनिर्माण कराया जाएगा?
जनता के पैसों का हिसाब कौन देगा? टैक्स भरने के बाद भी नागरिकों को धूल-धूसरित और जानलेवा गड्ढों वाली सड़कें क्यों झेलनी पड़ रही हैं?

“अंबिकापुर सरगुजा संभाग का दिल है, लेकिन यहां का बुनियादी ढांचा वेंटिलेटर पर है। हम सिर्फ वादे नहीं, जमीन पर डामर और मजबूत सड़कें देखना चाहते हैं। अगर जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।”
— व्यापारी एवं स्थानीय नागरिक, अंबिकापुर
आम नागरिकों की खुली चेतावनी :- शहर की जनता अब भाजपा के नेताओं एवं विधायक मंत्री सांसद के खोखले आश्वासनों से ऊब चुकी है। यदि शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तत्काल संज्ञान लेकर युद्धस्तर पर गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया, तो आने वाले दिनों में यह जनाक्रोश एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।
एम जी रोड़ एवं खरसिया रोड़ में बड़े बड़े गिट्टा डाल कर दो पहिया वाहन चालकों को मौत खुला सौंगात देना माना जा सकता है बड़े बड़े गड्ढों एवं कीचड़ पानी से लबालब सड़क उस पर अब बड़े बड़े गिट्टा गजब में इंजिनियर एवं मंत्री नेता सरगुजा में भरे पड़े है जो को आम नागरिकों के लिए खुलेआम मुसीबत बन रहे है।
