01/10/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर। स्थानीय राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में विजन समाजसेवी संस्था एवं पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर एक दिवसीय भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सरगुजा जिले के विभिन्न चयनित स्कूलों, बीएड महाविद्यालयों एवं पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।


18 हजार बच्चों तक पहुंचा जागरूकता अभियान: शिल्पा पांडेय
कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्य प्रस्तुत करते हुए विजन समाजसेवी संस्था की संयोजक, समाजसेविका एवं अधिवक्ता शिल्पा पांडेय ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार जिले के दूरस्थ क्षेत्रों, छात्रावासों व कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य, मोबाइल के दुष्प्रभाव, शोषण के विरुद्ध जागरूकता और पारिवारिक मूल्यों की स्थापना को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। पिछले छह माह में संस्था द्वारा 18 हजार से अधिक विद्यार्थियों को इन कार्यशालाओं से जोड़ा जा चुका है।


उन्होंने छात्राओं को सुरक्षा अधिकारों के प्रति सजग करते हुए ‘विशाखा गाइडलाइन’ की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय स्तर पर विशाखा समिति, उसके कार्यालय और शिकायत प्रक्रिया की पारदर्शी जानकारी हर छात्र-छात्रा व शिक्षक को होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यूजीसी 2015 की जीरो टॉलरेंस नीति और सुप्रीम कोर्ट की 2024 की गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों को पढ़ाई का इतना अनुचित दबाव नहीं बनाना चाहिए कि बच्चे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हों।
अकेलापन और संवादहीनता मानसिक तनाव के लक्षण:

आईजी दीपक कुमार झा:- मुख्य अतिथि सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईपीएस) दीपक कुमार झा ने कहा कि वर्तमान दौर में मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर विषय बन चुका है। व्यक्ति का अचानक गुमसुम होना, अकेलापन और मन की बातें साझा न करना तनाव की शुरुआत के संकेत हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने आसपास के लोगों के व्यवहार पर सजग दृष्टि रखनी चाहिए और संकट के समय मदद मांगने वाले को तत्काल संबल और सही मार्गदर्शन देना चाहिए।


संस्कार और गुरुजनों का मार्गदर्शन भटकाव से बचाएगा: कुलपति डॉ. शारदा त्रिपाठी:- कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शारदा त्रिपाठी ने कहा कि यदि युवा अपने माता-पिता के संस्कारों और गुरुजनों के प्रति सम्मान का भाव बनाए रखें, तो वे कभी गलत मार्ग पर नहीं जा सकते। गुरु निस्वार्थ भाव से शिष्य का सर्वांगीण विकास चाहता है, इसलिए छात्रों को अपनी समस्याएं बिना किसी हिचकिचाहट के गुरुजनों से साझा करनी चाहिए।


मोबाइल की लत और नशा मानसिक संतुलन बिगाड़ रहे: डॉ. शैलेंद्र गुप्ता:- विशिष्ट अतिथि व मेडिकल कॉलेज के मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति नोडल प्रभारी डॉ. शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि परिवार से दूरी, मोबाइल की लत और नशा मानसिक विकारों की मुख्य वजह बन रहे हैं। उन्होंने युवाओं को पारिवारिक संवाद मजबूत करने की सलाह दी।


शिक्षा विभाग के सहायक संचालक रविशंकर तिवारी ने विजन संस्था द्वारा पहुंचविहीन अंचलों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। वहीं, कवि व समाजसेवी संतोष दास ने अपनी कविताओं के जरिए छात्रों का उत्साहवर्धन किया।


पीजी कॉलेज के मनोरोग विभाग की विभागाध्यक्ष तृप्ति विश्वास ने कॉलेज में संचालित विशाखा समिति की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सिंह ने अभिभावक के रूप में पूरे आयोजन को सफल संरक्षण व सहयोग प्रदान किया।


कार्यक्रम का संचालन कामिनी सिंह ने किया। इस दौरान व्यवस्था व अनुशासन बनाए रखने में विजन संस्था की वालंटियर सुधा सिंह, फोटोग्राफी व व्यवस्था संभाल रहे राजू यादव सहित हर्षल यादव, लोकेश शुक्ला, शारदा कुशवाहा, आनंद दिग्ग एवं महाविद्यालयीन स्टाफ का सक्रिय योगदान रहा।

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