03/10/2026
अस्पतालों में संचालित गतिविधियों का औचक निरीक्षण  (2)


मरीजों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं; तीन बड़े अस्पतालों पर धावा, एक पर गिरी गाज
सरगुजा समय अम्बिकापुर:
शहर के निजी अस्पतालों में इलाज और जांच के नाम पर चल रही मनमानी के खिलाफ जिला प्रशासन ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ शुरू कर दी है। कलेक्टर श्री अजीत वसंत के कड़े तेवर के बाद हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय स्पेशल टीम ने शनिवार को शहर के तीन नामी निजी अस्पतालों पर अचानक छापा मारा। इस औचक कार्रवाई में महावीर अस्पताल की पोल खुल गई, जहां बिना वैध लाइसेंस के ही धड़ल्ले से लार्ज लैब चलाई जा रही थी। टीम ने रंगे हाथ पकड़ते हुए जांच मशीन को मौके पर ही सील कर दिया।


लाइसेंस ‘स्माल’ का, खेल ‘लार्ज’ का: महावीर अस्पताल का खेल बेनकाब :- CMHO डॉ. जे.एस. सरूता के निर्देशन में नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा और पैथोलॉजिस्ट डॉ. दीपक गुप्ता के नेतृत्व वाली टीम जब महावीर अस्पताल पहुंची, तो वहां दस्तावेजों और मशीनों का मिलान कराया गया। जांच में सामने आया कि अस्पताल प्रबंधन के पास केवल ‘स्माल लैब’ का साधारण लाइसेंस था, जबकि वहां भारी-भरकम लार्ज लैब का सेटअप खड़ा कर मरीजों की जांचें की जा रही थीं।


अस्पताल प्रबंधन मौके पर कोई वैध अनुज्ञा पत्र पेश नहीं कर सका। अधिकारियों ने बिना वक्त गंवाए लार्ज लैब की आधुनिक मशीन को तत्काल सील कर पंचनामा तैयार किया। प्रबंधन को दो टूक चेतावनी दी गई है कि जब तक नियम अनुसार नया लाइसेंस जारी नहीं होता, तब तक लार्ज लैब का एक भी टेस्ट नहीं होगा।


बाकी अस्पतालों में भी नपे दस्तावेज :- जांच का दायरा यहीं नहीं थमा। टीम ने गायत्री अस्पताल और लाइफ लाइन अस्पताल में भी सघन पड़ताल की।


लाइफ लाइन अस्पताल: यहां लार्ज लैब का विधिवत लाइसेंस और मानक व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं।

निजी अस्पताल मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर बिना अनुमति और बिना जरूरी पैमानों के लैब संचालित नहीं कर सकते। यदि किसी भी अस्पताल में नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं, तो नोटिस नहीं, सीधे जब्ती और कानूनी कार्रवाई होगी।


गायत्री अस्पताल: यहां टीम ने लैब के पंजीयन, उपकरणों और मानकों से जुड़े सभी दस्तावेजों को जब्त कर बारीकी से परखा।


कलेक्टर का सीधा संदेश: बिना लाइसेंस दुकानदारी बंद करें, वरना सीधे ताला लगेगा कलेक्टर अजीत वसंत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।


छापामार दल में शामिल रहे:
नर्सिंग होम एक्ट नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा, पैथोलॉजिस्ट डॉ. दीपक गुप्ता, सदस्य शिवेंद्र सिंह और शाखा प्रभारी संजय पांडे।

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