सरगुजा समय अंबिकापुर छत्तीसगढ़ :- सरगुजा जिले के अंबिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भफौली में 15 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद कोतवाली थाना प्रभारी पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप।
भफोली गांव की महिला उपसरपंच के पति तरुण जायसवाल पर 15 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस पर शिकायत दर्ज करने में छह घंटे की देरी का आरोप लगाया है।
छत्तीसगढ़ के हाई-प्रोफाइल संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के कोतवाली थाने की कार्यप्रणाली इस वक्त खुली बहसों और तीखे सवालों के घेरे में आ चुकी है।
थाने की कुर्सी पर बैठे मुखिया की कमजोर इच्छाशक्ति और लचर प्रशासनिक पकड़ का नतीजा है कि शहर में अपराधों का ग्राफ बढ़ता एवं बेलगाम होता जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पूरे सरगुजा पुलिस महकमे में एक भी ऐसा दबंग, काबिल और ‘दमदार’ पुलिस निरीक्षक नहीं बचा, जो कोतवाली थाने की कमान संभालकर अपराधियों की रीढ़ तोड़ सके? या फिर सिस्टम के भीतर ही कोई ऐसा खेल चल रहा है, जहां खाकी खुद लाचार नजर आ रही है?
इस नाकामी का सबसे ताजा और घृणित उदाहरण कोतवाली थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी तरुण जायसवाल (निवासी भफौली) खुलेआम पुलिस को ठेंगा दिखा रहा है और पुलिस महकमा सिर्फ कागजी खानापूर्ति करने में जुटा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की सरगुजा संभाग में अभी सबसे ज्यादा लचर अगर किसी थाने की व्यवस्था हाई तो वाह हाई कोतवाली थाना अंबिकापुर क्योंकि जिस हिसाब से इस थाने की कार्यप्रणाली हाई उससे यह स्पस्ट दिख रहा हाई की आरोपियों में लगाम लगाने एवं बढ़ते अपराध को रोक पाने में थाना प्रभारी असमर्थ नजर आते दिख रहे हैं।
संभाग मुख्यालय के अंबिकापुर कोतवाली थाना का दुर्भाग्य ही हैं की थाना के गेट के ठीक सामने चेन लूट लेना एवं चाकू बाजी, चोरी, नशे का बढ़ता ग्राफ, जुआ जैसे तमाम अवैध गतिविधिया जमकर हो रही हैं परन्तु प्रभारी महोदय के ढुलमूल रवैया के कारण कार्यवाही शून्य होती नजर आ रही हैं।
सरगुजा पुलिस गजब हैं, बलात्कारी फरार आरोपी तरुण जायसवाल पर 5 हजार का इनाम, पर फोटो जारी करने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पाई पुलिस?
जिस हिसाब से तरुण जायसवाल का मामला कछुए की चाल से चल रहा हैं उससे मामले की फाइल ही चीख-चीखकर पुलिस की नाकामी बयां कर रही है। थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक-504/2026, धारा-65(1) BNS एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर है।
हालात की गंभीरता को भांपते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 80-ए के तहत आरोपी तरुण जायसवाल की जानकारी देने वाले को 5,000/- रुपये का इनाम देने की घोषणा तो कर दिए हैं, परन्तु पहला ऐसा मामला देखने को मिला हैं जहाँ आरोपी के लिए ईनाम की राशि तय कर दी गई लेकिन आरोपी का फोटो पुलिस के द्वारा जारी नहीं किया गया जो की अपने आप संदेहास्प होना मना जा सकता हैं।
यहाँ सबसे बड़ा और शर्मनाक सवाल यह है कि पुलिस ने अब तक आरोपी की तस्वीर सार्वजनिक करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई? बिना चेहरे या फोटो के आम जनता आखिर किस आधार पर उस दरिंदे को पहचानेगी? क्या पुलिस की इस ढिलाई के पीछे कोई सोची-समझी रणनीति है या महकमा किसी दबाव के आगे झुक गया है?
‘संरक्षण’ का काला साया: किसकी शह पर कानून की आंखों में धूल झोंक रहा है आरोपी?
सबसे बड़ा और ज्वलंत मुद्दा यह है कि आखिर एक जघन्य अपराध का आरोपी इतने दिनों से पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे है? क्या बिना किसी राजनीतिक या रसूखदार ‘संरक्षण’ के कोई अपराधी इस तरह पुलिस को चुनौती दे सकता है? जिस हिसाब से आरोपी फरार हैं उससे समाज में पुलिस की काफी फ़जीहत एवं किरकिरी हो रही हैं, इतने बड़े मामले में कोतवाली थाना के कोतवाल की लापरवाही समझ से परे हैं की आरोपी को फरार हो जाने तक का मौका कैसे मिल गया वो भी इस कदर का फरार हो जाना की पुलिस विभाग को आरोपी का बिना फोटो जारी किए 5000 रूपए ईनाम की घोषणा करना पड़ा।
शहर के गलियारों में यह चर्चा आम हो चुकी है कि इस फरार आरोपी को किसी बड़े सियासी या प्रभावशाली शख्स का वरदहस्त प्राप्त है, जिसके इशारे पर पुलिस के हाथ बंधे हुए हैं। किसकी शह पर और किस राजनीतिक दबाव के चलते तरुण जायसवाल को बचाया जा रहा है? यह अब एक उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच का सबसे बड़ा विषय बन चुका है। क्या खाकी के कुछ भ्रष्ट चेहरे ही इस भगोड़े के सबसे बड़े ढाल बने हुए हैं? यह गंभीर जाँच का विषय हैं।
जानता का सरगुजा पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज से सीधा आग्रह हैं की कोतवाली थाना में अब लचर नहीं, दमदार कोतवाली प्रभारी चाहिए जिससे लगातार बढ़ते अपराध पर लगाम कगाया जा सके और अवैध तरीके से संचालित कई कार्यों पर रोकथाम कर कार्यवाही किया जा सके।
सरगुजा की जनता अब खामोश बैठने को तैयार नहीं है। मासूम बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और कोतवाली पुलिस की इस संदेहास्पद कार्यशैली ने जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। अंबिकापुर की जनता और प्रबुद्ध वर्ग अब सीधे तौर पर मांग कर रहा है कि कोतवाली थाने में तत्काल प्रभाव से एक कड़क, ईमानदार और दबंग थाना प्रभारी की पदस्थापना की जाए, जो अपराधियों के दिल में कानून का खौफ पैदा कर सके।
सरगुजा समय की आम नागरिकों से अपील: यदि आपके पास फरार आरोपी तरुण जायसवाल (भफौली) के छिपने के ठिकाने या उसे संरक्षण देने वालों के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी है, तो पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक अपनी बात पहुँचाएं। (एसएसपी सरगुजा द्वारा दी गई घोषणा के अनुसार, सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा)।

