24/05/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर :- जिला सरगुजा में लगातार बढ़ते अपराध के रोकथाम में अंकुश लगाने के लिए निचले स्तर की सरगुजा पुलिस दिन रात एक कर रही है उसके बाद भी सरगुजा में अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे यह समझा जा सकता है की शहर में प्रशिक्षु आईपीएस राहुल बंसल जिनके हाथ में शहर की कमान है वह शहर में लॉ एन ऑडर संभालने में असमर्थ नजर आ रहे है।

पुराने बातों की अगर बात की जाए तो शहर में CSP के दबदबा के कारण अपराधियों के पसीने छूट जाते थे परन्तु अभी के CSP महोदय अपने एयर कंडीसन वाले कार एवं कार्यालय से निकल सडक पर खड़ा होना ही नहीं चाहते जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद होना माना जा सकता है।



आपकी जानकारी के लिए बता दें की शहर में पूर्व में कई CSP आये और गए कई प्रशिक्षु आईपीएस सरगुजा से ही अपने IPS की प्रथम ट्रेनिंग शुरू करके आज बड़े बड़े जिला को संभाल रखा है परंतु अभी के प्रशिक्षु आईपीएस राहुल बंसल शहर में बढ़ते अपराध में रोकथाम लगाने में असमर्थ नजर आ रहे है ऐसा प्रतीत होता है।

शहर के CSP के द्वारा शहर में लगातार तमाम मामलों या फिर घटित होने वाले अपराधों में कई मिडियाकर्मियों के समक्ष अपना पक्ष देते नजर आ ही जाते है लेकिन शहर में हो रही लगातार अपराधों पर लगाम लगाने का जिम्मा किसका है यह समझ से परे है।

एक ओर एडिशनल एसपी अमोलक सिंह भाटिया  के द्वारा शाम को बयान जारी किया जाता है की शहर में किसी प्रकार की गोली नहीं चली यह अफवाह है और वही अमोलाक सिंह भाटिया के द्वारा दूसरे दिन बयान जारी किया जाता है की गोली चली थी जिसमे अपराधियों का धरपकड़ जारी है।


गजब की ध्वस्त पुलीसिया व्यवस्था है शहर में जहाँ बड़े अफसर के बयान भी इस प्रकार जारी होते है जैसे कोई पानीपुरी के ठेला में पानीपुरी खाने वाले व्यक्ति की बात हो शहर में पुलिस की जिम्मेदारी एवं जवाबदारी में बहुत बड़ा सवाल खड़ा होता दिख रहा है।

आगे की जानकारी में आपको बता दें की कहने को तो शहर के नए नवेले नगर पुलिस अधीक्षक काफ़ी दुरूरत दीखते है लेकिन इनकी तत्परता मात्र एयर कंडीशन ऑफिस एवं कार तक ही सिमित नजर आ रही है सडक एवं अपराधियों पर लगाम लगाने की जरुरत प्रशिक्षु आईपीएस श्रीमान राहुल बंसल जी नहीं समझते क्योंकि इन्हे भी मालूम है की आज नहीं तो कल इन्हे जिला मुख्यालय तो मिल ही जायेगा परंतु यह भी विडंबना है की सरगुजा जिला प्रशिक्षु आईपीएस के लिए प्रथम पाठशाला ही मानी जाती है जहाँ कई प्रशिक्षु आईपीएस नें काम काज सीखा उसके बाद आगे के लिए तैयार हुए पर अभी के नव नवेले साहब में यह देखने को नहीं दिख रहा।



आपकी जानकारी के लिए बता दें की जिस सरगुजा में पुलिस मुख्यालय है सरगुजा के 6 एसपी इस संभागीय मुख्यालय में आते है जहाँ खुद IG का बैठना हो वहां की पुलीसिया व्यवस्था अत्यंत गंभीर हालत में है मेडिकल लाईन में अगर सरगुजा में पुलीसिया व्यवस्था की बात कही जाए तो यहां की पुलीसिया व्यवस्था वेंटीलेटर पर पड़ी है, बावजूद उसके यहां जहाँ खुद का लॉ एन ऑडर नहीं संभल पा रहा यहां के पुलिस बल मनेंद्रगढ़ में लॉ एन ऑडर संभालने जाएगी मतलब वही वाली बात हो गई की खुद के घर का खरपतवार साफ होता नहीं और चले मोहल्ले और शहर की सफाई करने।

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