सरगुजा समय अंबिकापुर :- शहर के सबसे व्यस्तम चौक संगम चौक में नवनिर्मित भवन स्वामी की मनमानी आम नागरिकों पर कभी भी भारी पड़ सकता है जिसका खामियाजा आम नागरिकों एवं उक्त स्थान में कार्य कर रहे मजदूरों को ही भुगतना पड़ेगा।
शहर के बीचों बिच नवनिर्मित कॉमलेक्स रूपी बिल्डिंग के शुरुवाती निर्माण में बेसमेंट बनाने के नियत से लापरवाही पूर्वक बड़े बड़े मशीनों को लगवाकर खुदाई करवा दिया गया जिससे आसपास बड़े बड़े ईमारत धाराशाई होने के कगार पर पहुंच गए।

अब इस तरह से बड़े बड़े ईमारत में दरार आने के साथ ही साथ एक तरफ काफी झुकाव आ गया है जिससे कभी भी बड़ा हादसा घट सकता है और इस घटना में सैंकड़ो लोगों की जान भी जा सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की संगम चौक में तीन मंजिला ईमारत जो की अब कभी भी जमींदोज हो सकता है बावजूद उसके यहां निर्माण कार्य कराने वाले स्वामी के द्वारा सैकड़ो मजदूर लगा कर कार्य करवाया जा रहा है।

शायद नगर निगम के अफसर भी इस स्थल पर मौत का तांडव ही देखना चाहते हो इस कारण से सिर्फ खानापूर्ति के लिए उक्त रास्ते को बंद तो कर दिया गया है लेकिन बेसमेंट में कार्य पुरे जोरशोर से चल रहा है।
जानकारी के लिए बता दें की लगभग 5 – 6 दिवस पहले संगम चौक के पास उस समय हड़कंप मच गया जब नव निर्माण कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट के लिए खोदे जा रहे गड्ढे को लापरवाही पूर्वक एवं बिना किसी टेक्निकल व्यक्ति के बड़ी बड़ी मशीने लगा कर खोद दिया गया और ठीक उस निर्माण भवन वाले स्थान के बगल में तीन मंजिला ईमारत एक तरफ झुक गया।

गनीमत यह रही की आनन फानन में उक्त ईमारत के सपोर्ट में लोहे का बड़ा बड़ा खम्भा लगा दिया गया जिससे तत्काल घटने वाली घटना को रोक लिया गया।
परन्तु इस लापरवाही का सबसे बड़ा जिम्मेदार कौन व्यक्ति है और नगर निगम नें अभी तक उक्त तमाम मामले में क्या कार्यवाही की अगर कोई कार्यवाही नहीं की गई तो इस तरह के लापरवाही पूर्वक किये जाने वाले कार्य जिससे हजारों लोगो के जान पर आफत मंडरा रहा है का जिम्मेदार कौन होगा।

संगम चौक गुदरी मार्ग को बंद कर निगम एवं प्रशासन नें अपना कोराम पूरा कर दिया जबकि उक्त खतरा वाले स्थान पर प्रतिदिन सैंकड़ो मजदूर कार्य कर रहे है जिससे नगर निगम के कार्यवाही पर सांवलिया निशान खड़ा होता नजर आ रहा है।


