24/05/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर :- शहर मे लगातार गुंडागर्दी एवं बढ़ते अपराध का ग्राफ लगातार अत्यंत गंभीर रूप से बढ़ता जा रहा हैं जिसका मुख्य कारण सरगुजा मे पुलीसिया व्यवस्था अत्यंत ध्वस्त एवं लचर होती नजर आ रही हैं ऐसा माना जा सकता हैं।

 

छत्तीसगढ़ मे ट्रिपल इंजन की सरकार का बखान करने वाले सरकार पर ग्रहण लगाने सरगुजा मे कुछ ऐसे कार्यकर्त्ता मौजूद हैं जिन्होंने अपने पार्टी के अस्तित्व कों ताक मे रख दिया है। इस भाजपा कार्यकर्त्ता ने पार्टी के सम्मान की बात ना सोचते हुए अपने निजी लाभ कों साधने के चक्कर मे स्वयं एवं अपने गुर्गो कों आगे कर लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के संचालक एवं एक आदिवासी पत्रकार के साथ अन्य पत्रकार पर जानलेवा हमला करवा डाला जिसमे एक वीडियो मे यह देखने कों मिला की सरगुजा भाजपा कोषाध्यक्ष निश्छल प्रताप सिंह रिंकू सिंह ने गाली गलौज करते हुए मेरा मोहल्ला हैं जैसे शब्दों के साथ भीड़ कों उकसाने का प्रयास किया जिससे कुछ अन्य गुर्गो ने जहाँ पर स्थिति सामन्य थी वहां मारपीट चालू कर दिया गया।

जिसमे अस्पताल संचालक के गाड़ी मे तोड़फोड़ किया गया एवं एक आदिवासी पत्रकार कों भी बेरहमी से मारा गया जिससे यह देखने कों कों मिला की अगर बिच बचाव नहीं किया जाता और अस्पताल संचालक अपने वाहन कों लेकर भागता नहीं तो आदिवासी पत्रकार एवं अस्पताल संचालक की हत्या भी की जा सकती थी इस तरह का स्थिति वहां पर उत्पन्न हो गया जिसका कारण सरगुजा भाजपा कोषाध्यक्ष एवं उनके गैंग का माना जा जा रहा हैं एवं पुलिस की मौजूदगी मे बात इतना बढ़ना कही ना कही पुलिस इस मामले मे पुलिस की भी मौन स्वीकृति प्रदान करना माना जा सकता हैं।

 

अंबिकापुर मे नगर निगम नहीं बल्कि नरक निगम के तर्ज पर हो रहा कार्य:- सरगुजा जिला मे सबसे घटिया व्यवस्था नगर निगम की हैं लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल एवं मोहल्ले वासियों के विवाद में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाला अगर कोई विभाग हैं तो वह विभाग हैं नगर निगम जिसके द्वारा पहले स्वयं एवं स्टॉफ एयर कंडीसन रूम मे गहरी नीद मे सोय रहते हैं एवं भवन निर्माण होने देते हैं उसके बाद बेतुके हिसाब वाला अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाता हैं।

जिसमे नगर निगम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा होता हैं की किस नियम के तहत बिना सर पैर के अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की नगर निगम ने लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल को अस्पताल संचालन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नगर निगम ने जारी किया था और जब बात ट्रांसफार्मर लगाने के विवाद मे आई तो नगर निगम ने किनारा कर लिया एवं दबाव मे ट्रांसफार्मर हटवाने के लिए बोल दिया गया जहाँ से बड़ा विवाद तूल पकड़ लिया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाया गया हैं वह अस्पताल संचालक के स्वयं की भूमि हैं जबकि ट्रांसफार्मर लगने का विरोध करने वाले पड़ोसियों के स्वयं के भवन ट्रांसफार्मर लगे स्थान से दो चार फिट आगे की ओर निकला हुआ हैं तो यह माना जा सकता हैं की अगर ट्रांसफार्मर सड़क पर शासकीय जमीन पर लगा हैं तो उक्त ट्रांसफार्मर के आगे निर्मित भवन भी अवैध निर्माण मे मानी जा सकती हैं जिस पर निगम कों कार्यवाही करने की जरुरत हैं।

सबसे बड़ी विडंबना यह हैं की अंबिकापुर नगर निगम के अंतर्गत निर्मित लगभग 95% आवासीय, कामर्शियल एवं अस्पताल संचालन वाले भवन अवैध निर्माण एवं नगर निगम के द्वारा प्रस्तावित नक्सा के विपरीत निर्माण किया गया हैं जबकि इसकी जाँच नगर निगम कभी नहीं करती की जिस नियम एवं दिशा निर्देश मे नक्सा के आधार पर भवन निर्माण की अनुमति प्रदान की गई हैं उस नियम के अनुसार कार्य किया जा रहा हैं या नहीं।

भवन निर्माण के बाद नगर निगम के द्वारा नियम कानून की बात करने बेवजह एवं विवादो कों बढ़ावा देता हैं जिसका सबसे बड़ा कारण वर्षो से नगर निगम के भवन शाखा मे जमें कुछ दलाल अधिकारी हैं जिसके इसारे मे शहर मे निर्मित भवन वैध और अवैध घोषित होता हैं शहर मे शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए ऐसे दलाल अफसर का तबादला होना अत्यंत आवश्यक हैं।

पत्रकार अस्पताल संचालक एवं सुशील बखला पर जानलेवा हमला करना एवं पत्रकार सुमित सिंह पर भी हाथ छोड़ने के बाद शहर मे स्थिति तनावपूर्ण हो गई कोतवाली थाना मे भारी गहमागहमी का माहौल निर्मित हो गया जहाँ डॉक्टर पर हुए जानलेवा हमला मे डॉक्टर संघ काफ़ी नाराजगी दिखाते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की वही आदिवासी पत्रकार सुशील बखला ने अपराध पंजीबंध करवा तमाम आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही एवं जल्द गिरफ़्तारी करने की मांग भी की।

तमाम मामले मे आदित्ययेश्वर सिंह देव (आदि बाबा) कांग्रेस जिलाध्यक्ष मल्लू पाठक डॉक्टर अजय तिर्की डॉ. योगेंद्र सिंह गहरवार सहित सैकड़ों डॉक्टर कांग्रेसी कार्यकर्त्ता मौजूद रहे जिन्होंने शहर मे हुए खुलेआम हुए गुंडागर्दी एवं प्राणघात हमला मे संलिप्त आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही एवं हुए FIR मे कार्यवाही एवं आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की हैं।

 

वही निश्छल प्रताप सिंह (रिंकू सिंह) ने भी कोतवाली पहुंच शिकायत दर्ज करवाया हैं।

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