सरगुजा समय अंबिकापुर:- यह तो बताने वाली बात नहीं है कि नेताओं को कुर्सी से कितना मोह रहता है उनके द्वारा कुर्सी मोह ओर कुर्सी पाने के लिए तमाम प्रकार के शाम दाम दंड भेद सभी प्रकार हथकंडे अपनाए जाते है और कुर्सी पर जोरदार आसन लगाया जाता है ।
खैर हम बात कर रहे है महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की इनकी जितनी वाहवाही की जाए उतनी ही कम है यह हम नहीं कह रहे बल्कि इनके कारनामों की जोरदार चर्चा ओर ट्रोल ये स्वयं ही सोशल मीडिया में हो जाती है ।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की अजीबो गरीब कारनामों की भरमार है इनके द्वारा स्वयं को चर्चा में रखने के तमाम हथकंडे अपनाने से बाज नहीं आती है मंत्री महोदया अपनी बातों से तो आम जनता को यह जताने का प्रयास करती है कि वह जमीन से जुड़ी हुई है और धरातल में ही रह कर आम नागरिकों के तमाम समस्याओं का समाधान कर देंगी लेकिन इनके कारनामों से हमेशा यह ट्रोल होती दिखती है जिससे यह प्रतीत होता है कि ये धरातल से 3 फिट ऊपर ही रहते हुए मंत्री पद के VIP कल्चर में मस्त रहती है और आम नागरिकों को धरातल पर होने का बात मात्र दिखावा एवं आम नागरिकों के साथ छलावा है।

यह वही मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े है जिन्होंने विधानसभा में महिला एवं बाल विकास जिनकी ये ही मंत्री है वे अपने विभाग के मामलों में ठीक से आवाज न उठा पाने वाली मंत्री साबित हो गई है विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के समझाइश से ऐसा प्रतीत होता है कि मंत्री राजवाड़े अपने विभाग के तमाम जानकारियों एवं समस्याओं से अनभिज्ञ है उन्हें उनके ही विभाग की जानकारी नहीं है ।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पूर्ववर्ती सरकार पर खेद व्यक्त करने के मामले में विधानसभा अध्यक्ष दो रमन सिंह ने एक तरह से फटकार ही लगाते हुए मंत्री राजवाड़े को बताया कि आप खुद वर्तमान की मंत्री है और लगभग डेढ़ साल से मंत्री है आप अपने विभाग के लिए क्या करेंगी यह बताइए न कि पूर्ववर्ती सरकार के ऊपर आरोप प्रत्यारोप लगाए ।

खैर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की इसमें कोई गलती नहीं मानी जा सकती है क्योंकि मंत्री महोदया को तमाम प्रकार के कारनामों से सोशल मीडिया में लोकप्रिय भी होना रहता है इनकी कोशी तो पॉजिटिव मामले में वायरल होने की होती है लेकिन इनके वायरल वीडियो यह साबित कर देते है कि या सब प्री प्लानिंग है और सस्ती लोकप्रियता पाने का एक आसान रास्ता है ।
मंत्री मैडम को इनके कारनामों से लोकप्रियता तो मिलती है परन्तु पॉजिटिव नहीं बल्कि इनके कारनामों के कारण jm कर ट्रोल किया जाता है ।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि मंत्री मैडम का एक वीडियो जम कर वायरल हुआ जहां महिला बाल विकाश विभाग के दरवाजे में पुल ओर पुश लिखा हुआ था मैडम ने अपनी प्री प्लानिंग वाली वीडियो शूट करवाई जिसमें मंत्री मैडम गुस्से में लाल हो रही है और अधिकारियों को फटकार लगा रही है कि यह विदेश नहीं है कि पुल पुश लिखा गया है गांव की अम्मा आएंगी तो कैसे समझेंगी अब इस दरवाजे में हिंदी में लिखिए धकेलिए ,खींचिए अब मंत्री मैडम को कौन बताए कि गांव की अम्मा दरवाजे को ऐसे भी धकेल के खोल लेंगी चाहे हिन्दी लिखा हो या अंग्रेजी लेकिन इस तरह के वीडियो से मंत्री मैडम की जम कर किरकिरी हुई इनकी इस तरह के वीडियो का काफी मजाक उड़ाया गया सोशल मीडिया में मंत्री मैडम को ट्रोल किया गया एवं इनके ही अंदाज में कई लोगों ने रीलस भी बना डाले ।

अब इसी कड़ी में मंत्री मैडम खेत में रोपा लगते हुए कई फोटो अपने फेसबुक अकाउंट में पोस्ट कर पुनः लोगो को संदेश देना चाहा कि भले ही वह मंत्री बन गईं है परन्तु अभी भी वह धरातल से जुड़ी हुई है परन्तु इस बार पुनः मैडम मंत्री ट्रोल हो गई इनके कारनामों की चर्चा पुनः सोशल मीडिया में जोरो पर है । यह होना भी लाजमी था क्योंकि मैडम मंत्री धरातल पे जुड़े होने का संदेश देने का आम नागरिकों को तमाम प्रकार से प्रयास तो करती है लेकिन मंत्रीपना वाला VIP कल्चर इनके सर चढ़ कर बोल रहा है जिसके वजह से इन्हें ट्रोल होना पड़ता है ।
इस बार मंत्री मैडम के सोशल मीडिया में ट्रोल होने का कारण उनके द्वारा खेत में रोपा लगाते वक्त की तस्वीर पोस्ट करने का मामला है जिसमें मैडम मंत्री ने खीचड़ एवं पानी से भरे खेत में कुर्सी लगा कर रोपा लगाने का फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट किया जिसके बाद से तरह – तरह के कमेंट एवं सोशल मीडिया में मंत्री मैडम को सोशल मीडिया में ट्रोल किया जाने लगा ।
खैर सरगुजा में पिछले विधानसभा चुनाव में सरगुजा से भाजपा के 14 के 14 विधायक प्रत्याशी कांग्रेस के सामने धाराशाई हो गए थे 5 साल के उठापटक से इस बार के चुनाव में कांग्रेस से तंग आम जनता ने भाजपा को पुनः मौका दिया जिसके बाद सरगुजा में पुनः सरगुजा में भाजपा के 14 के 14 विधायक प्रत्याशी भाजपा लहर में जीत कर विधानसभा में पहुंच गए परन्तु कई विधायक ऐसे है जिन पर गंभीर रूप से भ्रष्टाचार करने का आरोप लगातार लग रहा है ।

आम नागरिकों के चर्चाओं के अनुसार यह चर्चा जोरो पर है कि मोदी लहर में भाजपा के कई विधायक चुनाव जीत गए जिसका जमीनी स्तर पर जनाधार के नाम पर शून्य जनाधार था अब वही विधायक एवं मंत्री करोड़ो रुपए का भ्रष्टाचार अपने परिवार एवं मित्र के माध्यम से कर रहे है ।
जल्द ही आपको बताएंगे कि किस विधायक एवं मंत्री सर पर विजय का ताज सिर्फ मोदी एवं भाजपा लहर के चलते सज पाया नहीं तो स्वयं का कोई जनाधार होना नहीं दिखता….

