सरगुजा समय अंबिकापुर :- सरगुजा मे क्या हो रहा यह बताने की जरूरत शायद ही हैं यहाँ पर अफसरों की दलाली एवं चाटुकारिता करने वाले कर्मचारियों पर आला अफसर भी अपनी मेहरबानी बखूबी निभाते रहते हैं।
कहने को तो आला अफसर तमाम नियमों का हवाला देते हुए वर्तमान मे पदस्थ कर्मचारियों का तबादला इधर उधर करते हुए खूब वाहवाही लुटा जाता हैं परन्तु इस तबादले के पीछे छुपी होती हैं एक षड्यंत्र भरी कहानी जिसमे आला अफसरों की दलाली करने वाले कर्मचारियों पर काफ़ी तगड़ी मेहरबानी आला अफसरों के द्वारा दिखाई जाती हैं।
इसी क्रम मे आज हुए राजस्व विभाग मे हुए पटवारियों के तबादले मे देखने को मिला जिसमे 83 लोगो के तबादले तो वर्तमान व्यवस्था एवं शासकीय कार्य मे तीव्रता एवं ईमानदारी लाने के नाम पर कर दिया गया, बावजूद उसके भी अब भी दर्जनों पटवारी जो की अपने आला अफसरों के चरणवंदन, चाटुकारिता एवं दलाली बखूबी निभाना जानते हैं उन दलाल पटवारियों को आज हुए 83 तबादले से वंचित रखा गया।
इसका कारण यह ही माना जा सकता हैं की आला अफसर भी ऐसे दलालो को पनाह देने का प्रयास करते रहते हैं जिससे इन आला अफसरों की बेतुकी फरमान बड़े आसानी से पूरी हो सके।
इसी मामले मे एक ऐसे पटवारी जो की आला अफसरों की दलाली करने मे महारथ हासिल किये हुए हैं जो शासकीय कार्य को प्राथमिकता देने के बजाये अपने मौज मस्ती मे मसगुल रहते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की वह दलाल एवं भू माफियाओं का सरदार आज भी अंबिकापुर शहर के महत्पूर्ण हल्का को संचालित कर रहा हैं एवं तत्कालीन कलेक्टर का दाहिना हाथ माना जाता रहा हैं। उसे आज भी वर्तमान कलेक्टर के 83 लोगो के तबादला सूची से वंचित रखना यह स्पस्ट करता हैं की शहर मे राजस्व विभाग मे ईमानदारी पूर्वक कार्य कभी हो ही नहीं सकता, जिसका जिताजागता उदाहरण आज के हुए पटवारियों के तबादला लिस्ट में देखने को मिल रहा है।
अगले अंक में हम आपको जल्द ही बताने वाले हैं सरगुजा में वर्षों से अंगद की पैर कौन कौन पटवारी बने पड़े हैं जिनको हिला पाना या तबादला कर देना कलेक्टर के बस की भी बात मालूम नहीं पडती ऐसा प्रतीत होता दिख रहा हैं।

