24/05/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर :- अंबिकापुर मे खरसिया रोड़ स्थित विजय ट्रेडिंग कंपनी के संचालक द्वारा मासूम किसानों को ठगते हुए अपने निजी लाभ को साधने के प्रयोजन के माध्यम से कार्य करते हुए अवैध तरीके से उर्वरक खाद्य बेचने के मामले मे राजसात की कार्यवाही नहीं हो पाने की सबसे महत्वपूर्ण एवं संदिग्ध भूमिका उर्वरक निरिक्षक सोहन भगत की मानी जा सकती हैं क्योंकि इस अधिकारी की कार्यशैली मे अनुभव की कमी ही नजर आ रही हैं।

 

आपकी जानकारी के लिए बता दे की उर्वरक निरिक्षक अंबिकापुर का प्रभार संभालाने वाले सोहन भगत अनुभवहींन अफसर साबित नजर आ रहे हैं जिसके कारण करोड़ों का उर्वरक जिसपर क़ृषि विभाग को राजसात की कार्यवाही करनी थी आज दिनांक तक नहीं हो पाया हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की सोहन भगत की कार्यशैली अक्सर विवादित ही रही हैं या फिर यह कह ले की इनके कार्य करने का अंदाज ठीक उस प्रकार वाला हैं जो एक कहावत चरितार्थ करता हैं की एक गन्दी मछली पुरे तालाब को गंदा कर देती हैं ठीक इसी प्रकार का कार्य सोहन भगत का भी उर्वरक निरिक्षक अंबिकापुर के कुर्सी मे बैठ कर किया जा रहा हैं।

सरगुजा समय के द्वारा लगातार खबर प्रकाशन के बाद यह महोदय अपनी कुम्भकरणीय निद्रा से जागृत होते हुए एक दो कोल्ड स्टोरेज मे कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति करते नजर आये जिससे यह समझ आता हैं की क़ृषि विभाग के आला अफसर एवं जिला कलेक्टर सरगुजा तक कोल्ड स्टोरेज मे किये गए कार्यवाही का ढिंढोरा पीटना इनका एक मात्र उद्देश्य होना माना सकता हैं क्योंकि सरगुजा समय के द्वारा ही पूर्व मे खबरों मे बताया गया था की महोदय सोहन भगत जी अपने उर्वरक निरिक्षक के प्रभार वाली कुर्सी को संभालाने के लगभग 6 -7 माह तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं किये इनकी कार्य योजना सिर्फ नए लाइसेंस के माध्यम एवं अन्य फर्टीलाजरों पर कार्यवाही नहीं करने के एवज मे हजारों और लाखों की डील की जाती रही हैं ऐसा विशेष सूत्रों के हवाले से जानकारी प्राप्त हुआ हैं।

जानकारी तो यहाँ तक मिल रही हैं की एक दो कोल्ड स्टोरेज वालों पर कार्यवाही का ढोंग इस लिए भी रचा जा रहा हैं की बाकि के दो नंबर वाले कार्य करने वाले कोल्ड स्टोरेज के संचालक श्रीमान उर्वरक निरिक्षक सोहन भगत जी से संपर्क करें और महीने का हिसाब बांध लिया जाये यह जानकारी भी हमारे विशेष सूत्र से प्राप्त हुई हैं।

सोहन भगत महोदय एकमात्र ऐसे अफसर बन गए हैं जिन्हे विभागीय कार्य करने मे अनुभहींनता एवं भ्रष्टाचार करने मे महारथ हासिल हैं, जिसके कारण करोड़ों रूपए का वारा न्यारा करने वाले विजय ट्रेडिंग कंपनी के ऊपर राजसात की कार्यवाही नहीं की जा रही हैं जहाँ इनकी विभागीय कार्य करने मे अनुभवहींनता वाली कला का प्रदर्शन होता हैं वही इस विजय ट्रेडिंग कंपनी के ऊपर राजसात की कार्यवाही नहीं करवाने करोड़ों के माल को बचाने लाखों की डीलिंग फ़ाइनल ? करने का मामला भ्रष्टाचार वाली मामले मे एकदम निपुणता दर्शाता हैं।

विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विजय ट्रेडिंग कंपनी के संचालक के द्वारा अपने संस्थान मे सील पड़े करोड़ों के उर्वरक को बचाने जगह जगह दौड़ लगाया जा रहा हैं और ऐसा प्रतीत होता दिख रहा की जब तक विजय ट्रेडिंग कंपनी के संस्थान मे सील करोड़ों का उर्वरक संचालक बचा नहीं लेता यह उर्वरक निरिक्षक अपने पद एवं विभाग की गरिमा को गर्त मे डालने का कार्य पूर्वत की तरह करता रहेगा।

क्योंकि एक कहावत हैं की चोर चोरी से जाये हेरा फेरी से ना जाए ऐसे कहावत को चरितार्थ महोदय के द्वारा किया जा रहा हैं और यह हम नहीं कह रहे इनके तमाम जिलों मे रहते हुए जिए गए कारनामें इनके भ्रष्टाचारी वाले महिमा का बखान करते नजर आएंगे जिसके बदौलत महोदय आय से अधिक के संपत्ति के स्वामी भी कहलाने लगे हैं जो जाँच का विषय हैं।

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