सरगुजा समय छत्तीसगढ़ अंबिकापुर :-
सरगुजा संभाग में सड़कों के बदहाली का रंग लागातार सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों के खून, सड़को के गड्ढों, सड़कों पर बरसात के पानी एवं कीचङो से रंगा पड़ा हैं परंतु भाजपा कांग्रेस एवं तमाम पार्टियां सिर्फ और सिर्फ धरना प्रदर्शन एवं रोपा लगाने का दिखावा और सोशल मीडिया में हीरो हिरालाल बनने में व्यस्त हैं लेकिन धरातल पर उतर सरगुजा वाशियों कों इन तमाम समस्याओं से निजात दिलाने की हिमाकत किसी में नहीं हैं।

बता दें की सरगुजा में अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति हैं यहाँ कांग्रेस की सरकार में भाजपाई घटिया सड़क पर रोपा लगाते एवं भाजपा की सरकार में कांग्रेसी घटिया सड़कों पर रोपा लगाते अक्सर बरसात के महीने में दिख जाते हैं। सड़क सत्याग्रह से लेकर तमाम प्रकार की बातें घटिया सड़क के मामले में समाने आती हैं परन्तु उसके बाद भी इन राजनेताओं कों किसी प्रकार का फर्क नहीं पड़ता इसका सबसे मुख्य कारण यह हैं की शासन सत्ता किसी भी दल पार्टी का हो लेकिन मंत्री संत्री की सेटिंग पक्ष विपक्ष दोनों से ही रहती हैं।
अक्सर देखने कों मिला हैं की शासन सत्ता दल वाला रसूखदार अपने विपक्षी दल के दोस्त का बिजनेस पार्टनर होता हैं जिसके कारण शहर में विकास की गति का लागातार पहिया थमता दिख रहा हैं।
बता दें की सरगुजा संभाग जो की आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के रूप में विख्यात हैं पर यहाँ के दिग्गज – दिग्गज नेता मंत्री अपने निजी स्वार्थ कों साधने के अलावा कभी आम नागरिकों के हित के लिए कार्य नहीं किये सिर्फ आदिवासियों के नाम पर करोड़ों अरबों रूपए का बजट ला कर उक्त तलाम की बंदरबाट ही करते हुए अपनी तगड़ी राजनीति चमकाई हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की जब सरगुजा से बाहर का मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ में था तब लागातार सरगुजा से मुख्यमंत्री की मांग की जाती रही हैं जिसकी कमी भी भाजपा के इस कार्यकाल में पूरा किया गया परंतु उसके बाद भी सरगुजा में विकास की गति अत्यंत पिछड़ी ही दिख रही हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की अक्सर इसलिए सरगुजा के आम नागरिकों कों होने वाली तमाम मुसीबतों में अकेला छोड़ केंद्र के मंत्रीयों के सामने सिर्फ ज्ञापन ज्ञापन खेलते दीखते हैं लागातार झूठे आश्वासन से आम जनता कों ठगने एवं मासूम आदिवासियों का शोषण करने में इन नेताओं कों महारथ हासिल हो गया हैं।
सरगुजा की समस्त सड़के अब यमराज के यमलोक का दरवाजा बनती प्रतीत हो रही हैं लागातार हो रहे दुर्घटनाओं का मुख्य कारण शहर की घटिया जर्ज़र सड़के हैं लेकिन उसके पश्चात् भी राजनेताओं के कान में जुँ नहीं रेग रहा हैं।
सरगुजा के तत्कालीन विधायक एवं मंत्री टी एस सिंह देव की कार्यकारणी एवं उनके नाकामियों से नाराज मतदाताओं ने वर्तमान में विधायक राजेश अग्रवाल कों अपना नेता माना परंतु ऐसा प्रतीत होता हैं की विधायक महोदय कों जनसमस्याओं से कोई लेना देना नहीं हैं।
सरगुजा कई मंत्रीयों वाला संभाग हैं परंतु यहाँ के मंत्री सिर्फ और सिर्फ सोशल मीडिया की राजनीति करने में व्यस्त हैं कोई मंत्री दरवाजे में अंग्रेजी में लिखें पुल पूस में गुस्सा दिखाने एवं आम नागरिकों के सामने जमीनी स्तर की राजनीति करने का दिखावा कर रहे हैं जबकि करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप भी इनके ही विभाग में लग चूका हैं। कुछ मंत्री ऐसे हैं जिन्हे ज्ञापन- ज्ञापन खेलने से फुर्सत नहीं हैं।
शहर की तमाम सड़कों की स्थिति अत्यंत गंभीर और दयनीय हैं जिसके कारण लगभग रोजाना दुर्घटना हो रही हैं और विधायक मंत्री सिर्फ आश्वासन देते नजर आ रहे हैं
छत्तीसगढ़ में 15 साल शासन सत्ता का सुख भोगने वाली भाजपा के नेता मंत्रीओं के पर सातवे आसमां में था जिसके बाद कांग्रेस सत्ता में आई 5 साल में ही कांग्रेस के दबंग नेताओं ने छत्तीसगढ़ में तहलका मचा डाला एवं CM – CM की दौड़ में छत्तीसगढ़ की जनता कों छला गया उसके बाद 5 साल बाद पुनः भाजपा की सरकार बनी तो इसलिए कदर नेता मंत्री के पर निकलने लगे एवं उनकी उड़ान इतनी तेज हो गई की अब लगता हैं की इन्हे यह यकीन हो गया हैं की अगली बार पुनः भाजपा कों विपक्ष में बैठना हैं एवं विपक्ष में बैठने की तैयारी का प्रशिक्षण मैनपाट में जारी हैं?

