सरगुजा समय अंबिकापुर :- पिछले माह 7 जून कों निजी वाहन में नीली बत्ती लगी हुई कार में बर्थडे मनाने वाली मैम का वीडियों वायरल होते ही इंस्टा अकाउंट तो प्राइवेट हो गया ताकि किसी बाहरी कों वीडियों ना दिखें परंतु खुद की गलती मानने के जगह मैम की अकड़ अलग दिख रही हैं।
जानकारी के लिए बता दें की पुलिस विभाग के डीएसपी तस्लीम आरिफ की पत्नी फरहिन खान बताई जा रही हैं जिन्होंने अपने इंस्टा स्टेटस में लिखा हैं की
I don’t care. What people say about me Special day…..7 June
मतलब उनका कहना हैं की मुझे परवाह नहीं है। लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं मेरे लिए 7 जून का दिन विशेष हैं।

खैर अब शायद इन्हे फर्क पड़े क्योंकि इनके इस तरह के स्पेशल डे जिस दिन और जिस अंदाज में इन्होने बर्थडे मनाया अब वह वायरल वीडियों हाई कोर्ट के स्वतः संज्ञान में आ गया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने इस घटना को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए सीएस से शपथ-पत्र भी मांगा हैं। आपकी जानकारी के लिए बता डे की यह तमाम मामला पिछले महीने बलरामपुर जिले का हैं जहाँ पुलिस अफसर DSP की पत्नी द्वारा नीली बत्ती लगी गाड़ी के बोनट पर जन्मदिन मनाने का वीडियो जम कर वायरल हुआ था।
वीडियों वायरल होने के बाद अब इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः ही संज्ञान लें लिया हैं जो की अब बर्थडे मनाने एवं वाहन स्वामी के लिए मुसीबत शाबित हो सकती हैं।
बता दें की कोर्ट ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया है और प्रदेश के मुख्य सचिव से शपथ पत्र पर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हुआ वीडियों वायरल होने के बाद लोगों ने काफ़ी नाराजगी दिखाई लोगों के बढ़तेनाराजगी एवं मामला कों तूल पकड़ते देख अफसर की पत्नी ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट कर दिया।

बता दें की वीडियो में साफ देखा गया कि एक महिला, जो की DSP तस्लीम आरिफ की पत्नी बताई जा रही है वह नीली बत्ती लगी निजी एक्सयूवी 700 कार के बोनट पर बैठकर केक काट रही है और दोस्तों के साथ बर्थडे मना रही है सबसे बड़ी बात यह हैं की निजी वाहनों में नीली बत्ती लगाने एवं हटर लगाने वालों कों इसकी अनुमति क्यों और कौन देता हैं जो पुरे सिस्टम का मज़ाक उड़ाते फिरते रहते हैं।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि गाड़ी कोई अज्ञात व्यक्ति नहीं बल्कि महिला का कोई परिचित महिला ही चला रही हैं , फिर भी पुलिस ने एफआईआर में चालक को अज्ञात बताते हुए अपना पुलिसिया धर्म बरकरार रखा हैं ।
मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने वीडियो को स्वतः संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका की सुनवाई शुरू कर दी है। मुख्य सचिव से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। पुलिस ने बताया है कि वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के खिलाफ धारा 177 (गलत जानकारी देना), 184 (खतरनाक ड्राइविंग) और 281 (सार्वजनिक रास्ते में बाधा डालना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में विभागीय जांच भी की जाएगी।

