सरगुजा समय अंबिकापुर :- आज दिनांक 05.07.2025 को होली क्रॉस कॉन्वेंट सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, अम्बिकापुर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु चयनित छात्र संसद का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा (I.A.S.) मुख्य अतिथि की आसंदी से उपस्थित रहे।

विद्यालय के गौरव बैगपाइपर बैण्ड ने मुख्य अतिथि की आगवानी की तथा शिक्षक आशीष अग्रवाल ने ऑक्सीजन उत्पन्न करने वाला जेड़ जेड़ पौधा समर्पित कर उनका स्वागत किया। होली क्रॉस संस्थान की सिस्टर गण, सम्माननीय अभिभावक गण एवं शिक्षक गण की उपस्थिति में छात्र संसद के चयनित प्रतिनिधियों को विद्यालय की प्राचार्य महोदया डॉ. सि. जेस्सी द्वारा पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
इस प्रकार विद्यालय के अध्यक्ष पद पर क्रमशः शाश्वत पाण्डेय और अन्वेषा सिन्हा, उपाध्यक्ष पद पर शौर्य गुप्ता और अम्बिका सिंह, सचिव पद पर तेजस राज सोनी, सहसचिव पद पर काश्वी अग्रवाल चयनित हुए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की गरिमामय शुरूआत हुई।
विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती अपर्णा सरकार ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए आज के दिन को गौरवशाली बताया। सबसे पहले मंच पर माननीय मुख्य अतिथि और प्राचार्या डॉ. सि. जेस्सी द्वारा बैच और सैश पहनाकर छात्र प्रतिनिधियों को अलंकृत किया गया। इसके बाद सभी छात्र प्रतिनिधियों को बैच लगाकर उन्हें जिम्मेदारियों से जोड़ा गया। मंच पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि कमिश्नर सरगुजा श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा (I.A.S.) ने छात्र संसद को संबोधित करते हुए स्वंय का उदाहरण देते हुए कहा कि छात्र जीवन से लेकर आज कमिश्नर सरगुजा के पद पर आसीन होने तक का मेरा सफर असान नहीं था।

गाँव में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद अथक परिश्रम करते हुए मैने यह यात्रा तय की है। उन्होंने बच्चों से कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। आप सभी भाग्यशाली है कि आपकी शिक्षा की शुरूआत एक उच्च कोटि के विद्यालय में हुई है। आप के माता पिता अपने सुख की परवाह किए बिना आपको अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे है तो आपका भी यह फर्ज बनता है कि आप कठिन परिश्रम करे और एक सफल नागरिक बने।
छात्र संसद को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्य डॉ. सि. जेस्सी ने कहा कि एक शानदार नेतृत्वकर्ता के लिए सिर्फ बैंच पहन लेना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उसे अपने कंधो पर उठाई गई गंभीर जिम्मेदारियों का भी एहसास होना आवश्यक है। सबसे पहले आप स्वयं को व्यवस्थित करने की कोशिश करे अपने चारित्रिक गुणो का विकास करे।

अपने उद्बोधन में उन्होंने माननीय मुख्य अतिथि का भी आभार व्यक्त किया। शिक्षको और अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक और अभिभावक स्कूल के अविभाज्य अंग है। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य महोदया द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट की गई। कार्यक्रम का संचालन मिस रिम्शा श्रीवास्तव, श्री आशीष अग्रवाल, श्रीमती जिनी थामस ने किया। अभार प्रदर्शन श्रीमती अनुराधा अग्रवाल ने किया।

