सरगुजा समय अंबिकापुर :- सरगुजा में अजब गजब कहानी चल रही है आला अफसर अपने से निचले अधिकारी पर लगाम लगाने में असमर्थ नजर आ रहे है इसका मुख्य कारण क्या है यह तों सम्बंधित अधिकारी ही जान सकते है।
सरगुजा समय के न्यूज पोर्टल एवं लगभग 50 पोर्टल एवं अख़बार में लागातार सरगुजा पुलिस लाईन निरिक्षक के प्रभार कों संभालाने वाली अधिकारी ने कई और अन्य मलाईदार शाखा का प्रभार संभाल रखा है जिसमे इनके ऊपर आला अफसरों की मेहरबानी काफ़ी बरस रही है परन्तु इस मेहरबानी का कारण क्या है यह तों या साहब जाने या भ्रस्टाचार की चासनी में गोता लगाने वाली अधिकारी।

मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें की सरगुजा में एक मात्र भ्रस्टाचारी में महारथ हासिल काबिल अफसर इन्हे ही माना जा सकता है जिसके कारण तमाम खबर लगने एवं लगाने के बाद भी इनका मानना है की कोई खबर कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि जब तक अवैध उगाही के रकम का बंदरबाट जम कर हो रहा है तब तक कोई कुछ नहीं कर सकता?
अब इन अधिकारी जिससे एक पुलिस लाईन तक प्रभार सुचारु रूप से नहीं संभाल पाया जा रहा है उन पर आला अफसरों की मेरबानी क्यों है आखिर पुलिस विभाग के आला अफसर कों शहर की बदहाली वाली यातायात व्यवस्था नजर क्यों नहीं आ रही क्या इन अधिकारी की भ्रस्टाचार की चासनी में गोता लगाकर अवैध कमाई के कई हिस्से ऊपर तक पहुंच रहे है जिसके कारण पुलिस विभाग के मुखिया के आँखों में भी पट्टी पड़ गई है।
खैर शहर में यातायात व्यवस्था की जीतनी निंदा की जाए उतनी कम है लागातार शहरों में जाम की स्थिति बनी हुई है और बहुशाखा के साथ – साथ यातायात थाना का प्रभार सँभालने वाली अधिकारी अवैध उगाही में व्यस्त है?

इनके इस तरह के हरकतों से शहर में आय दिन घंटो- घंटो जाम की स्थिति निर्मित हो रही है आम जनता लागातार परेशान है एक तों शहर की घटिया सड़कों ने आम नागरिकों का जीना हराम कर रखा है ऊपर से इन बहुशाखा प्रभारी के निजी आर्थिक लाभ के कारण यातायात व्यवस्था ध्वस्त होती नजर आ रही है परन्तु एक कहवात है की समरथ कों ना दोष गोसाई मतलब की बलवान व्यक्ति की 100 गलतियों पर भी कोई दोष नहीं देता ठीक इसी प्रकार बहुशाखा प्रभारी के अवैध उगाही एवं भ्रस्टाचारी वाली कमाई का जम कर बटवारा हो रहा है ? जिसके कारण इनके किसी दोष पर आला अफसरों की नजर नहीं जा रही।
लागातार लग रहे जाम से गंभीर हालात में अस्पताल लें जाने में हो सकता है बड़ा हादसा :- जिस हिसाब से शहर में जाम की स्थिति निर्मित हो रही है उस हिसाब से अगर कोई परिजन अपने किसी बीमार परिजनों कों गंभीर हालात में अस्पताल लें जाने घर से निकलते है तों इन बहुशाखा प्रभारी के घटिया यातायात व्यवस्था के कारण जाम में ही फस कर रह जायेंगे और अस्पताल की जगह शमसान पहुंच जायेंगे और खबर यह रहेगी की यातायात प्रभारी ने लाखों रूपए की चलानी कार्यवाही की। आम जनता मरती है तों मरे शहर में घंटो- घंटो जाम लगाती है तों लगे लेकिन उगाही बंद नहीं होना चाहिए।

यह पहला मामला ही ऐसा होगा जहाँ शहर में लागातार जाम की स्थिति निर्मित होने के बावजूद समस्त जगहों से उगाही की रकम फिक्स करने की होड़ जम कर मची हुई है यातायात व्यवस्था की अगर बात करें तों शहर के गली- गली तक बड़े – बड़े ट्रक नो इंट्री होने के बाद भी मोहल्ले तक में घुस जा रहे है।

रात के समय में गांधीनगर थाना से लेकर होटल मधुर मिलन तक घंटो – घंटो जाम शहर के देवीगंज, सदर रोड़, ब्रम्ह रोड़, संगम चौक, गुदरी चौक, थाना चौक ऐसा कोई स्थान नहीं बचा होगा जहाँ लागातार घंटो – घंटो जाम न लग रहा हो परन्तु आला अफसरों से आशीर्वाद प्राप्त यातायात प्रभारी शहर से बाहर बड़े – बड़े वाहनों पर कार्रवाही के नाम पर खानापूर्ति कर रही है मतलब की जिससे महीना सेट हुआ उस पर मेहरबानी और जिससे मामला सेट नहीं हुआ उस पर चलानी कार्यवाही?
खैर सरगुजा समय लागातार सच्चाई के साथ अपने पाठकों कों भ्रस्टाचार में लिप्त अधिकारीयों की पोल खोलते रहा है और बताते रहा है की कैसे – कैसे भ्रस्टाचार की चासनी में अधिकारी गोता लगा रहे है कई मामलों में भ्रस्ट अधिकारी के खिलाफ सरगुजा समय द्वारा साक्षय प्रस्तुत कर निलंबित एवं बर्खास्त की कार्यवाही भी आला अफसरों एवं शासन स्तर से करवाई गई जिसमे कई अधिकारीयों की जानकारी आपको खबर के माध्यम से पूर्व में भी मिलती रही है।

