24/05/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर :- सरगुजा समय समाचार पत्र एवं वेब पोर्टल के द्वारा लगातार अपने खबरों के माध्यम से बताया गया की अंबिकापुर मे सबसे बड़े पैमाने मे विवादित विजय ट्रेडिंग कंपनी के संचालक के इसारे मे नाचने वाले उर्वरक निरिक्षक सोहन भगत आखिरकार फेल नजर आ ही गए.  जिसका सबसे बड़ा उदाहरण उस समय देखने को मिला जब लगभग पिछले 6 -7 माह पूर्व DDA क़ृषि द्वारा विजय ट्रेडिंग कंपनी के संस्थान मे रखे उर्वरक को राजसात करने के लिए टीम का गठन किया गया था और यह टीम 6-7 माह मे भी सम्बंधित संचालक के संस्थान मे रखे उर्वरक को राजसात करने मे असमर्थ रही जिसका सबसे बड़ा कारण वर्तमान मे उर्वरक निरिक्षक का प्रभार संभालने वाले सोहन भगत के ऊपर जाता हैं ऐसा माना जा सकता हैं।

 

हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार किसी भी कंपनी मे राजसात करने के लिए टीम गठन करने का अधिकार कलेक्टर होता हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी मे अनुसार जब राजसात की कार्यवाही करने के लिए टीम गठन का अधिकार कलेक्टर के पास रहता हैं बावजूद उसके सोहन भगत ने दलाली एवं भ्रामक जानकारी देते हुए DDA को अपने पक्ष मे लेते हुए राजसात की कार्यवाही हेतु DDA द्वारा एक टीम का गठन करवा लिया गया जबकि इसका अधिकार कलेक्टर को होता हैं ना की DDA को जिससे यह सिद्ध होता हैं की वर्तमान मे पदस्थ उर्वरक निरीक्षक सोहन भगत वाकई में अनुभवहीन है, जिन्हें विभागीय कार्यवाही करने का तनिक भी अनुभव नहीं ऐसा प्रतीत होता है।

 

अब उक्त तमाम मामले में सरगुजा जिला कलेक्टर अजीत बसंत ने मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए नई टीम गठित किए हैं जिसमें  विजय ट्रेडिंग कंपनी के ऊपर राजसात की कार्यवाही की जावेगी जिस कार्यवाही को करने के लिए कलेक्टर ने नोडल अधिकारी के रूप में अंबिकापुर एसडीएम को नोडल अधिकारी के साथ अन्य 09 लोगो को नियुक्त किया गया है। जिसमे राजसात की कार्यवाही मे उर्वरक निरिक्षक सोहन भगत को राजसात की कार्यवाही वाले टीम मे रखना कलेक्टर की भी मज़बूरी जान पड़ती हैं क्योंकि वर्तमान मे यही अंबिकापुर के उर्वरक निरिक्षक की कुर्सी मे विराजमान हैं।

 

लेकिन सोहन भगत एक अनुभहींनअधिकारी हैं यह स्पस्ट इस लिए होता दिख रहा हैं क्योंकि विजय ट्रेडिंग कंपनी के ऊपर राजसात की कार्यवाही करने की हिमाकत कर पाना उर्वरक निरीक्षक सोहन भगत के बस की बात नहीं थी जिसके कारण अब नई टीम का गठन सरगुजा कलेक्टर के द्वारा किया गया है जिसमें अंबिकापुर के एसडीएम फागेश सिन्हा के नेतृत्व में विजय ट्रेडिंग कंपनी के संस्थान के ऊपर राजसात कार्रवाई की जाएगी।

 

आपकी जानकारी लिए बता दे की सोहन भगत अपने दलाली पूर्वक रवैया के माध्यम से अखबारों में भी अपने हिसाब एवं अपने निजी लाभ के लिए खबर लगाने का आदेश भी अखबार स्वामी को इस प्रकार देता हैं जैसे कि  अखबार स्वामी उनके विभाग मे अधीनस्थ कार्य करने वाला एक स्टाफ हो कई पत्रकार इस आदेश को अपने सराखो मे रखते हुए सोहन भगत की महिमा मण्डल गाते होंगे लेकिन सरगुजा समय किसी की महिमा मण्डल का गुड़गान फर्जी तरीके से नहीं करता।

आपको बता दे की उर्वरक निरीक्षक सोहन भगत की लाखों रूपए की अवैध उगाही वाली मंशा पूरी नहीं होने के पश्चात DDA क़ृषि के द्वारा लगभग 6-7 माह पूर्व जारी किए गए आदेश जिसमें अनुभवहीन उर्वरक निरीक्षक सोहन भगत अपने आप को सर्वे सरवा मानते हुए विजय ट्रेडिंग के करोड़ों रुपए के उर्वरक को बचाने के लिए लाखों रुपए की डील करने की एड़ी चोटी एक कर पूरी ताकत लगा दिया की कैसे भी मामला फ़ाइनल हो जाए और लाखों रूपए सोहन भगत स्वयं गटक जाए पर सरगुजा कलेक्टर ने सोहन की तामस्म उमीदो मे पानी उस समय फेर दिया जब उक्त मामले मे राजसात की कार्यवाही हेतु नए नोडल के रूप मे SDM के हाथ मे पूरी कमान थमा दी जिससे सोहन भगत का बौखलाना लाजमी था ही।

 

परंतु अब वर्तमान कलेक्टर अजीत बसंत के नए जांच टीम जिसके द्वारा विजय ट्रेडिंग कंपनी के ऊपर राज्य साथ की कार्रवाई की जानी है के नोडल प्रभारी अंबिकापुर के एसडीएम फागेश सिन्हा के नेतृत्व में यह कार्रवाई अब की जाएगी जिसके कारण अब उर्वरक निरीक्षक सोहन भगत अपने आप को शिथिल करने को मजबूर होंगे नहीं तो इस उर्वरक निरीक्षक के हौसले इतने बुलंद है कि सरगुजा समय के संपादक को कलेक्टर के द्वारा विजय ट्रेडिंग के मामले को राजसात के लिए गठित के किए गए नई टीम के तारीफ में खबर छापने के लिए बाध्य करने वाला व्हाट्सएप में एसएमएस किया जाता है।

क्रमशः…..

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