21/05/2026
1003747704.jpg

स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में नंबर वन की चाह रखने वाला नगर निगम शहर के गाँधी चौक में बने यूरिनल कों 10 वर्षो में भी सुधार करवाने में हुआ नाकाम?

सरगुजा समय अंबिकापुर :- अंबिकापुर नगर निगम में स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर सिर्फ कागजों एवं वॉल पेंटिंग में करोड़ों रूपए ख़र्च कर आम नागरिकों कों भ्रमित करने का कार्य बड़े जोरदार रूप से किया जा रहा हैं परंतु नगर निगम अंबिकापुर आयुक्त के द्वारा धरातल पर स्वच्छता अभियान में कार्य कर पाने में सक्षम दिखाई नहीं पड़ रहे हैं।

जानकारी के लिए बता दें की शहर में जिस स्वछता सर्वेक्षण के नाम पर करोड़ों रूपए बेफालतू के चीजों में खर्च कर झूठी वाहवाही लूटी जाती हैं उस हिसाब से धरातल में स्वच्छता के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये जाते हैं जिसका लाभ आम नागरिकों कों सीधे रूप से प्राप्त हो सके।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की अंबिकापुर शहर के शहर के सबसे व्यवस्तम गाँधी चौक में लाखों रूपए के लागत से हाईटेक रूप से बने यूरिनल कों मररम्मत एवं सुधार कार्य करवाने में आयुक्त महोदय एवं तात्कालिक महापौर एवं वर्तमान महापौर नाकाम शाबित होते दिख रहे हैं।
बड़े – बड़े जुमलेबाजी करने की अगर बात की जाए तो 10 साल नगर निगम में कांग्रेस की सरकार रही जिसमे बतौर महापौर डॉ अजय तिर्की निगम के महापौर की कुर्सी में राज करते दिखें परंतु आम जनता के हित सुख सुविधाओं के कार्यों में इनकी कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि नहीं रही जिसके फलस्वरूप जनता ने कांग्रेस कों निकाय चुनाव में बाहर का रास्ता दिखाते हुए भाजपा महापौर प्रत्याशी मंजूषा भगत पर भरोसा जताया परंतु चुनाव सम्पन हुए एवं महापौर की कुर्सी में कई महीनों से विराजमान वर्तमान महापौर मंजूषा भगत के निर्णायक छमता देखने कों नहीं मिल रही क्योंकि थाना चौक पर सार्वजनिक शौचालय कों निजी लाभ के कारण कुछ लोगों ने जमीदोज कर दिया और मात्र खानापूर्ति के लिए फाइबर युक्त अस्थाई मुत्रालय रख दिया गया जिसकी दुर्दशा अत्यंत विचारणीय हैं अब इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं होम तात्कालिक एवं वर्तमान महापौर के साथ- साथ आयुक्त कों किस बात की लाचारी विवस्ता हैं यह समझ से परे हैं।

अंबिकापुर नगर निगम की कुर्सी पर विराजमान नगर निगम के तात्कालिक एवं वर्तमान आयुक्त के साथ तात्कालिक महापौर सिर्फ कम्मल ओढ़ कर घी पिने वाला ही काम किया हैं ऐसा प्रतीत होता हैं क्योंकि धरातल में स्वछता एवं अन्य सुविधाओं कों सुचारु रूप से आम नागरिकों के हित में संचालित करना  जैसी कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि दिखाई दे ऐसी स्थिति इनके बस की बात नहीं हैं ऐसा प्रतीत होता हैं।


एक कहावत हैं की हाथी के खाने एवं दिखाने के दाँत दोनों अलग – अलग होते हैं ठीक उसी प्रकार अंबिकापुर नगर निगम का हाल हैं यहाँ के आला अफसरों के बड़े- बड़े कारनामे हवा हवाई से गुजरते हुए कुछ कागजों में एवं कुछ दीवालों में हो जाते हैं और करोड़ों रूपए के बजट का सिर्फ स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर वारा न्यारा कर दिया जाता हैं एवं धरातल पर शहरवासियों कों मिलता हैं शून्य बट्टा सन्नाटा, इस तरह के लाचारी एवं निष्क्रिय अधिकारी के बदौलत कैसे अंबिकापुर शहर देश में स्वच्छता में नंबर वन बनेगा?

स्वच्छता सर्वेक्षण SWACHHTA SURVEKSHAN  के मामले में ग्रहण लगाने का कार्य नगर निगम के अफसरों द्वारा लागातार किया जा रहा हैं यह हम नहीं कह रहे बल्कि इनके तगड़े कारनामों एवं निष्क्रियता एवं लाचारी का हाल स्वयं इनकी कहानी बयां करता हैं।



बता दें की जिस गाँधी चौक की हम बात कर रहे हैं वह इनके नगर निगम कार्यालय से महज 500 मीटर की दुरी पर हैं जहाँ से नगर निगम आयुक्त से लेकर तमाम तमाम बड़े अधिकारीयों मंत्रियो एवं राजनीतिक जनप्रतिनिधियों का आना जाना लगा रहता हैं उस स्थल पर बने यूरिनल की दुर्दशा का आलम यह हैं की उस जगह पर यूरिन करने जाना तो बड़े दूर की बात हैं उस जगह के बाहर खड़ा होना या वहां से गुजरना भी आफत हैं।


स्वच्छता अभियान की बैंड बजाने के लिए गाँधी चौक में स्थित यूरिनल का हाल बेहाल हैं यहाँ हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन लगा रहता हैं परंतु नगर निगम के द्वारा बनाए गए यूरिनल(मुत्रालय) मात्र शो बाजी बनता ही दिख रहा हैं।

लगभग 10 वर्षो से बेहाल इस यूरिनल विभाग के लिए जिस ही उद्देश्य हो हो परंतु यहाँ यह मुत्रालय आम नागरिकों खासकर ट्रैफिक के उन जवानों के लिए सिरदर्द बना हुआ हैं जो इस चौक पर लागातार ड्यूटी में तैनात रहते हैं।

नगर निगम अंबिकापुर में 10 वर्षो से कांग्रेस के महापौर एवं वर्तमान में भाजपा महापौर की स्थिति कितनी सही हैं इनके द्वारा निष्क्रिय अधिकारीयों पर कितनी लगाम लगाई गई हैं या लगाई जा रही हैं यह तो विचारणीय बात हैं लेकिन नगर निगम अंबिकापुर में महापौर चाहे कांग्रेस का जो या भाजपा का शहर के हालात बत से बत्तर ही नजर आते रहे हैं।

यह गाँधी चौक में पहला मामला नहीं हैं जहाँ पर यूरिनल की दुर्दशा देखने कों मिल रही हैं ऐसे ऐसे कारनामें नगर निगम अंबिकापुर के तत्कालीन आयुक्त एवं महापौर वर्तमान आयुक्त के राज में कई मामले देखने कों मिलेंगे।

खैर शहर की आम जनता कों भी निगम का एहसान मानने की जरुरत हैं की कम से कम गाँधी चौक पर यूरिनल बचा तो हैं वरना थाना चौक पर स्थित सार्वाजनिक प्रसाधन कों ही इन अफसरों एवं कुछ जनप्रतिनिधयों के द्वारा निगल लिया गया और अवैध रूप से गुंटी लगवा कर थाना चौक की सुंदरता पर ग्रहण लगवा डाला एवं दूर दराज से आए मजदूरों के मल मूत्र त्यागने वाले स्थान सार्वजनिक प्रसाधन कों स्वयं निगलते हुए स्वच्छता अभियान की बैंड बजा एवं बजवा डाली इस मुद्दे की विस्तृत खबर जल्द ही और प्रकाशन किया जायेगा जिसके लिए आप बने रहे सरगुजा समय के साथ।

थाना चौक में स्थिति पानी टंकी में बगल में रखें फाइबर युक्त अस्थाई मुत्रालय की घटिया व्यवस्था से निगम के दर्जनों कर्मचारियों से लेकर राहगीरों तक के लिए बड़ी मुसीबत बनती दिख रही हैं इस जगह एक बार निगम के आयुक्त एवं सम्बंधित विभाग के MIC सदस्य कों सिर्फ दो मिनट रुक कर देखने की हिम्मत करनी चाहिए जिससे यह ज्ञात हो सके की आम नागरिकों जान कैसे इस गन्दगी के दुर्गन्ध से हलक में आ जाती हैं।

oppo_0


अब नई नवेली महापौर शहर के थाना चौक में उन अधिकारीयों एवं जनपतिनिधियों पर क्या कार्यवाही करती हैं जिन्होंने आम नागरिकों की सुविधाओं के लिए बने शौचालय कों निगल लिया गया यह देखने वाली बात हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *