सरगुजा समय जांजगीर-चांपा, अंबिकापुर :- तफ्तीश में आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक टीम और वैज्ञानिक साक्ष्यों का ऐसा फौलादी जाल बुना कि अदालत में टिक नहीं पाए शातिर कातिल और दरिंदे
अपराध कितना भी पेचीदा हो या कातिल कितना भी शातिर, जब पुलिस की कमान पेशेवर नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के हाथों में हो, तो मुजरिमों का बचना नामुमकिन हो जाता है। चांपा पुलिस द्वारा तीन अलग-अलग संगीन मामलों में की गई ताबड़तोड़ विवेचना और अदालत में पेश किए गए अकाट्य साक्ष्यों के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय ने 8 आरोपियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इस पूरी कानूनी फतह और पेशेवर तफ्तीश के केंद्र में पुलिस अधिकारी मनीष परिहार की रणनीतिक कार्यप्रणाली और सूक्ष्म पर्यवेक्षण रहा। चाहे सिवनी शराब दुकान के अंधे कत्ल की गुत्थी को वैज्ञानिक तरीके से सुलझाना हो, 12 वर्ष से कम उम्र की मासूम से दरिंदगी के मामले में महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी कर 45 दिन में चालान पेश करना हो, या जानलेवा चाकूबाजी के आरोपियों पर शिकंजा कसना हो—मनीष परिहार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मिसाल कायम की है।
सिवनी दोहरा हत्याकांड: मनीष परिहार की रणनीतिक विवेचना ने सुलझाई अंधेकत्ल की गुत्थी ग्राम सिवनी स्थित अंग्रेजी व देशी शराब दुकान में तैनात दो स्थानीय गार्डों (यदुनंदन व जय कुमार) की अज्ञात तत्वों द्वारा कुल्हाड़ी मारकर की गई वीभत्स हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया था।
मामले की संवेदनशीलता और जनआक्रोश को देखते हुए मनीष परिहार ने तफ्तीश की कमान संभालते हुए आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी साधनों का चक्रव्यूह तैयार किया।
फॉरेंसिक व फील्ड एक्सपर्ट्स की तैनाती: घटनास्थल पर तत्काल एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों को उतारकर भौतिक साक्ष्य जुटाए गए।
1000 से अधिक फोन कॉल्स का विश्लेषण: साइबर टीम के साथ मिलकर 1,000 से ज्यादा मोबाइल नंबरों का डेटा खंगाला गया।
सीसीटीवी फुटेज व ‘सीन ऑफ क्राइम’ का रीकंस्ट्रक्शन: संदिग्धों की वेशभूषा, शारीरिक बनावट और चाल-ढाल का मिलान करने के लिए घटनास्थल पर क्राइम सीन का रीकंस्ट्रक्शन कराया गया।
मनीष परिहार के सटीक मार्गदर्शन और मनोवैज्ञानिक युक्तियों के दम पर टीम ने 18 जनवरी 2024 को आरोपी शिवशंकर उर्फ मुन्ना, कृष्णा सहिस व मंगली बाई को धर दबोचा और हत्या में प्रयुक्त टांगा व सामग्री बरामद की। अदालत में पेश किए गए पुख्ता सबूतों के चलते न्यायालय ने तीनों को आजीवन कारावास से दंडित किया।
मासूम से अनाचार पर सख्त रुख: 24 घंटे में गिरफ्तारी, 45 दिन में चालान 12 वर्ष से कम आयु की मासूम से बलात्कार के संवेदनशील मामले (अपराध क्रमांक 407/2023) में मनीष परिहार के त्वरित एक्शन ने न्याय की राह आसान की। उन्होंने बिना समय गंवाए पीड़िता का 24 घंटे के भीतर मेडिकल मुलाहिजा कराया, गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपी को उसी दिन सलाखों के पीछे भेज दिया।

यही नहीं, निर्धारित समय से काफी पहले मात्र 45 दिनों के भीतर अभियोग पत्र (चार्जशीट) विशेष न्यायालय में पेश कराया गया। नतीजतन, विशेष सत्र न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो व भादवि की धाराओं में 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सख्त सजा सुनाई।
घर में घुसकर जानलेवा हमला करने वाले 4 गुंडों पर कड़ा प्रहार
रात के अंधेरे में घर में घुसकर गाली-गलौज, धमकी व चाकू से जानलेवा हमला करने वाले बदमाशों (अपराध क्रमांक 248/2023) के खिलाफ मनीष परिहार के निर्देश पर तत्काल घेराबंदी की गई। आरोपी बिहारी लाल, शिवा यादव, विकास साहू और अनिल राठौर को फौरन गिरफ्तार कर समय पर चालान पेश किया गया। न्यायालय ने मजबूत गवाही और साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को धारा 307 में 7-7 वर्ष सश्रम कारावास समेत विभिन्न धाराओं में कठोर दंड दिया।
खाकी की साख और जनता में भरोसा:
अपराधियों में खौफ और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए जिस गंभीरता और पेशेवर अंदाज में मनीष परिहार व उनकी टीम ने इन तीनों पेचीदा मामलों को अंजाम तक पहुंचाया, उसकी जिलेभर में मुक्तकंठ से प्रशंसा हो रही है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि अपराध चाहे जितना भी शातिर हो, कानून के फौलादी शिकंजे से बच पाना असंभव है।
सरगुजा पुलिस के पूर्व नगर निरीक्षक मनीष सिंह परिहार को ‘केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक’ से नवाज़ा गया।
⏩ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 के लिए घोषित प्रतिष्ठित ‘केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक’ की सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पूर्व नगर निरीक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके मनीष सिंह परिहार का नाम ‘इन्वेस्टिगेशन फील्ड’ के अंतर्गत शामिल किया गया है। उत्कृष्ट अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, कर्तव्यनिष्ठा और सराहनीय कार्य के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित किया गया है।
⏩ इस गौरवशाली उपलब्धि पर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने पूर्व नगर निरीक्षक मनीष सिंह परिहार को हार्दिक बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
