सरगुजा समय अंबिकापुर :- वर्षो पहले ही सरगुजा समय अख़बार के माध्यम से खबर प्रकाशित करए हुए बताया था की कैसे अंबिकापुर शहर बारूद की ढेर में बसा एवं घिरा पड़ा हैँ।
लेकिन सरगुजा में नगर निगम एवं जिला प्रशासन कों आम नागरिकों की जैसे परवाह ही नहीं हैँ अंबिकापुर शहर के रिहासी एरिया में दर्जनों पटाका दुकान संचालित हैँ जिस पर कार्यवाही करने की हिमाकत नगर निगम एवं जिला प्रशासन कभी नहीं कर पाई जिसका खामिहाजा आम नागरिकों कों भुगतना पद रहा हैँ।
आज अंबिकापुर के श्री राम मंदिर के सामने स्थित मुकेश प्लास्टिक एवं मुकेश पटाका दुकान में भीषण आग लग जाने से जिला प्रशासन एवं नगर निगम के साथ साथ फायर डिपार्टमेंट के भी हाथ पांव फूलने लगे हैँ क्योंकि जब बारूद के ढेर में आगजनी की घटना घटती हैँ तो आग पर काबू पाना लगभग असंभव हो जाता हैँ जो की आज देखने कों मिल रहा हैँ।

शहर में बड़ी बड़ी ईमारतों का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा हैँ लेकिन फायर सेफ्टी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया जाता हैँ और फायर NOC लेने के हिसाब से फायर सम्बंधित कार्य कराया जाता हैँ इन तमाम व्यापारियों कों तनिक भी मतलब नहीं रहता की आगजनी में फायर सेफ्टी यँत्र बढ़िया से काम करें बल्कि इनका एक ही उद्देस्य रहता हैँ की सिर्फ फायर NOC मिल जाए बाकि काम कैसे भी हो कोई मतलब नहीं क्योंकि बाद में आगजनी में हुए नुकसान का ठीकरा तों फायर ब्रिगेड के ऊपर फोड़ना ही हैँ।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की अंबिकापुर में दर्जनों पटाका दुकान रिहासी इलाकों में संचालित हैँ लेकिन जिला प्रशासन एवं नगर निगम किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं कर पा रहा हैँ।
आज राम मंदिर रोड़ के पास स्थित मुकेश प्लास्टिक एवं पटाका दुकान में आगजनी का कारण अभी हमें स्पष्ट नहीं हो पाया हैँ लेकिन लोगों के बताये अनुसार दुकान में रखें पड़ाका एवं शॉट सर्किट एक बड़ा कारण आगजनी होना का माना जा सकता हैँ।

