सरगुजा समय अंबिकापुर :- सरगुजा संभाग में राजस्व विभाग में घूसखोरी चरम सीमा पर हैँ इस विभाग में बिना चढ़ावा चढ़ाएं कुछ भी काम नहीं होता।
राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी के मामले में पटवारी एक ऐसा शब्द हैँ जिसकों राजस्व विभाग में घूसखोरी का प्रथम जड़ माना जा सकता हैँ।
पटवारियों की घूसखोरी एवं कार्यशैली से पूरा राजस्व महकमा बदनामी का दंस झेलता नजर आता हैँ.
ऐसा ही मामला सूरजपुर जिला में देखने कों मिला जहाँ आवेदक रूप सिंह ने अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेजों को दुरुस्त कराने और नौकरी के लिए आवश्यक प्रतिवेदन बनवाने हेतु पटवारी सौरभ गोस्वामी से कई बार संपर्क किया।
जिसके बाद पटवारी ने बिना सेवा शुल्क (रिश्वत) लिए काम नहीं करने का फरमान जारी कर दिया पटवारीवके फरमान जारी करने के बाद आवेदक काफ़ी परेशान था।
पटवारी सौरभ गोस्वामी ने उक्त काम के बदले स्पष्ट रूप से 25 हजार रुपये की मांग रखी। प्रार्थी रूप सिंह ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रिश्वत की रकम कम करने का काफी निवेदन किया, लेकिन पटवारी नहीं माना और अपनी मांग पर अड़ा रहा।
जिसके बाद आवेदक ने ACB से शिकायत कर दी शिकायतकर्ता के शिकायत पर पुरे प्लानिंग के साथ बुधवार को योजना के अनुसार, रूप सिंह केमिकल लगे हुए नोट लेकर पटवारी के कार्यालय पहुंचा। जैसे ही रूप सिंह ने पटवारी सौरभ गोस्वामी को 25 हजार रुपये की गड्डी थमाई, आस-पास सादे कपड़ों में तैनात एसीबी के अधिकारियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
पटवारी के हाथ धुलवाए जाने पर वे गुलाबी हो गए, जो इस बात का वैज्ञानिक प्रमाण था कि उसने रिश्वत के नोटों को छुआ है। गिरफ्तारी के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर टीम आरोपी को लेकर अंबिकापुर स्थित मुख्यालय रवाना हो गई।

