24/05/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर – आजकल लागातार ठगों द्वारा ठगी के कई रास्ते अपनाते हैं किसी भी प्रकार से आम नागरिकों से लेकर नेता मंत्री शासकीय कर्मचारी अधिकारी कोई भी इन ठगों के गिरफ्त में आ सकता हैं जिससे बचाने के लिए तमाम प्रकार से प्रशासन द्वारा कई अभियान चलाया जा रहा हैं समय समय पर सोशल मीडिया में इन ठगों से बचने के उपाय बताये जाते हैं परन्तु उसके बाद भी ठगी के शिकार लोग हो ही जाते हैं.

जिस हिसाब से ठगी का शिकार आम नागरिक हो रहा हैं उससे यह समझा जाता था की अधिकांश ग्रामीणों कों ही ठगों द्वारा अपना शिकार बनाया जाता हैं परन्तु यहाँ शहर का आलम यह हैं की यहाँ पढ़े लिखें होशियार व्यक्ति भी ग्रामीणों कों पीछे छोड़ते हुए ठगी का शिकार हो जा रहे हैं और तों और बड़े – बड़े रकम की ठगी होने के बावजूद चार- चार साल तक शांति से रहते हैं उसके बाद पानी सर से ऊपर जाता देख पुलिस की शरण में आते हैं और FIR दर्ज करवाते हैं.

बता दे की डॉक्टर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ हैं और शासकीय डॉक्टर हैं उसके बाद उनसे 48 लाख की ठगी लगभग चार साल पहले हुई मतलब यह मामला लगभग 2020 से चल रहा हैं इसका मतलब यह भी माना जा सकता हैं की लगभग चार साल तक डॉक्टर पुलिस और मीडिया से इस पुरे मामले कों छुपाना चाह रहे होंगे अब चार साल बाद बात न बनता देख पुलिस का सहारा ही अंतिम विकल्प होना माना होगा।

 

शहर में यह पहला मामला नहीं हैं जहाँ किसी पढ़े लिखें और पेशा से डॉक्टर ठगी का शिकार हुए हैं इससे पहले भी डॉक्टर ठगी का शिकार हो चुके हैं परन्तु सबसे बड़ी बात यह हैं की इन पढ़े लिखें होशियारों से लाखों लाख रूपए की ठगी हो जाती हैं परन्तु इनके द्वारा इतने बड़े-  बड़े ठगी के रकम कों वर्षो तक छुपाया क्यों जाता हैं और अंत में पुलिस के शरण में जाया जाता हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें की यह पूरा मामला 48 लाख रूपए के ठगी का हैं जो की अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर अभिजीत जैन के साथ हुआ हैं. बता दें की डॉक्टर से पुरानी मर्सिडीज कार लेने के एवज में 48 लाख रुपए की ठगी की गई है।

दरअसल यह पूरा मामला सन 2020 का है। डॉक्टर से मर्सिडीज कार दिलाने के नाम पर मुंबई के कांदीवली निवासी कार व्यवसाई ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों ने सेकेंड हैंड मर्सिडीज कार बिक्री करने के नाम पर ठगी किया है। आरोपियों ने पहले एक खराब सेकेंड हैंड मर्सिडीज कार पीड़ित डॉक्टर को थमा दिया था। पीड़ित के द्वारा आपत्ति करने पर 2021 में एक सप्ताह में दूसरा कार देने का वादा किया गया और कार को वापस मुंबई ले गए।

फिर कभी अंबिकापुर वापस नहीं लौटे। इधर ठगी का एहसाह होने पर पीड़ित डॉक्टर ने कोतवाली थाने में शिकायत किया है। वही पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर आरोपियों को पतासाजी में जुटी हुई है।

https://youtu.be/kOWo5_dHQTA?si=KWObtM-3lyej_7hL

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