17/05/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर – छत्तीसगढ़ के सरगुजा में विधायक एवं मंत्री राजेश अग्रवाल अपनी बेतुके कारनामों से सरकार की फजीहत करने में तुले हुए है और इनके इस बेतुके कारनामों से मीडिया को बैठे बैठाए खबर बतौर मसाला मिल जा रहा है।

सरगुजा में मंत्रियों का भरमार है सड़के बेकार है अपराधियों की बौछार है पुलिस प्रशासन नेताओं से लाचार और आम जनता परेशान है उसके बाद उसके बाद विधायक मंत्रियों की मनमानी बरकरार है।

दरअसल आपको बता दे कि पूर्व कांग्रेसी नेता एवं कभी टी एस सिंह के सबसे खास एवं करीबी रहने वाले राजेश अग्रवाल वर्तमान में भाजपा से विधायक एवं मंत्री भी है लेकिन अफसोस की बात यह है कि मंत्री महोदय लगातार सरकार की फजीहत करवाते रहते है ऐसा लगता है कि मंत्री महोदय जानबूझ कर सरकार की फजीहत करवाने में तुले हुए है ऐसा हम नहीं कह रहे यह तमाम बातें कह रहे है मंत्री जी के द्वारा पत्र लिख सरकार से ऊटपटांग मांग किया जाना।



मंत्री महोदय के द्वारा कुछ माह पूर्व ही एक पत्र लिख आर टी आई कार्यकर्ता डी के सोनी के पद्मश्री पुरस्कार से नवाजने के लिए सरकार को पत्र लिख डाला जिससे मंत्री महोदय एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी के सोनी की सोशल मीडिया के साथ साथ कई समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों में यह मामला इतना छाया रहा कि मंत्री महोदय को समझ आ गया कि आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी के लिए पद्मश्री पुरस्कार की मांग करना उनका एकदम गलत निर्णय था जबकि यह मामला आम नागरिकों में काफी चर्चा में बना रहा की डी के सोनी ने आरटीआई कार्यकर्ता बन कई तरह से अवैध कमाई कर डाली है।

मंत्री महोदय का एक पत्र डी के सोनी के लिए काफी मुसीबत साबित हुआ कई मीडिया कर्मियों ने अपने खबर में यह तक बताया कि डी के सोनी एक मामूली टाइप करने वाला ऑपरेटर था उसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता बन जम कर धन उगाही कर आज करोड़ों,अरबों का स्वामी है जिसमें कई जगह स्थाई संपत्ति होने का हवाला भी कई अखबार वालों ने प्रकाशित कर डाला जिसमे अग्रिम कड़ी में एक चैनल ने तो डी के सोनी के PHD डिग्री जिससे डॉक्टर की उपाधि मिली एवं डी के सोनी के निवास प्रमाण पत्र पर भी फर्जी होने का सवाल खड़ा कर दावा कर डाला।

न्यूज चैनल ने डी के सोनी को डॉक्टर की उपाधि एवं निवास प्रमाण पत्र फर्जी होने का आरोप लग गया एवं कई तरह के प्राइवेट लोगों से  अवार्ड मिलने को लेकर यह भी बताया कि सभी अवार्ड सेटिंग एवं अवैध कमाई वाले पैसे से लिया जाने का भी आरोप लगा डाला जिससे आरटीआई कार्यकर्ता डी के सोनी एवं विधायक एवं मंत्री राजेश अग्रवाल दोनों को पद्मश्री की मांग करना एवं मांग को पूरा करने के लिए सरकार को पत्र लिखना मंत्री एवं आरटीआई कार्यकर्ता दोनों हंसी के पात्र तो बने ही एवं सरकार की फजीहत भी करवा डाले।



अब पुनः एक और मामला देखने को मिल रहा है कि मंत्री राजेश अग्रवाल आठवीं पास अपने ड्राइवर को अपना निज सहायक बनाने के लिए सरकार को पत्र लिख डाला अब यह मामला पुनः तुल पकड़ लिया की एक आठवीं पास व्यक्ति भले ही वह मंत्री का कितना भी खास क्यों न हो वह निज सहायक नहीं बन सकता चाहे वह मंत्री विधायक का कितना भी खास क्यों न हो निज सहायक बनने के लिए सामने किसी भी व्यक्ति का बारहवीं पास होना आवश्यक है इस मंत्री के लिखे पत्र के बाद उस पत्र के जवाब में लिख कर आया। अब इस तरह के मामले में ऐसा लगता है कि मंत्री महोदय को किसी भी नियम कानून का ज्ञात नहीं है जिसके वजह से बेतुके मांग से अपनी एवं सरकार की फजीहत करवाते रहते है ।

अब गौर करने वाली बात यह है कि आरटीआई कार्यकर्ता डी के सोनी ने इस कौन सा समाज के हित में  महान कार्य कर दिया कि उनके लिए  मंत्री राजेश अग्रवाल को पद्मश्री पुरस्कार की मांग सरकार के करने की जरूरत पड़ गई की यह भी आरटीआई कार्यकर्ता डी के सोनी के पास मंत्री राजेश अग्रवाल की कुछ दुखती नब्ज थी जिससे छोड़ने के लिए मंत्री ने डी सोनी को बतौर गिफ्ट पद्मश्री दिलवाने की डील फाइनल हुई है खैर यह मामला मंत्री जी एवं आरटीआई कार्यकर्ता के बीच की है उससे हमे क्या लेना देना लेकिन मंत्री जी अपने साथ साथ कई लोगों की फजीहत कारवां रहे है ।

अब वही दूसरा मामला यह है कि मंत्री महोदय का अत्यंत करीबी उनका ड्राइवर जो कि आठवीं पास है अब उसे मंत्री जी अपना निज सहायक बनाना चाहते है जबकि निज सहायक बनने के लिए बारहवीं पास होना अनिवार्य है अब इस तरह के बेतुके मांग से तमाम शिक्षित बेरोजगारों पर मंत्री जी का करता तमाचा है कि पढ़े लिखे शिक्षित बेरोजगार मजबदुरी करे एवं अनपढ़ निज सहायक बन घूमे।

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