सरगुजा समय सूरजपुरः- शहर में लगातार बढ़ते रिश्वतखोरी से आम हितग्राही परेशान है अपने आप को शासन का दामाद समझ बेकाम किए वेतन उठाने एवं काम करने के लिए हितग्राहियों से रिश्वत मांगने ये अपना अधिकार समझने लगे है सरगुजा संभाग में लगातार ऐसे रिश्वतखोरी करने वाले एवं अपने आप को शासन का दामाद समझने वाले अफसरों पर एसीबी की टीम लगातार कार्यवाही कर रही है ।
ऐसा ही एक मामला देखने को मिला जहां अंबिकापुर की ACB टीम ने बुधवार को सूरजपुर जिले के प्रेमनगर में एक रिश्वतखोर अफसर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अनुविभागीय अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के जानकारी के अनुसार, ग्राम नवापाराखुर्द निवासी प्रार्थी दिसंबर सिंह ने एसीबी अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अपने खेत में तालाब का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य के सत्यापन और रिपोर्ट तैयार करने के एवज में अनुविभागीय अधिकारी ऋषिकांत तिवारी ने 15,000 की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद मंगलवार, 12 नवंबर 2025, को एसीबी टीम ने ट्रैप की कार्यवाही की। इस दौरान आरोपी अधिकारी को उसके निवास पर प्रार्थी से 15,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी तिवारी के अंबिकापुर स्थित घर की तलाशी में 2,27,500 नकद, जमीन से जुड़े दस्तावेज, बैंक पासबुक, बीमा दस्तावेज और सोना-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह राशि विभिन्न हितग्राहियों से अवैध वसूली की होने की संभावना जताई गई है।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही की गई।

ऐसा माना जा रहा है कि सरगुजा संभाग में शासकीय नौकरों को काम न करने के लिए वेतन चाहिए और काम करने के लिए हितग्राहियों से रिश्वत इस तरह से आम नागरिकों को दबा काम न करने का भय दिखा घूसखोरी करके अपने आप को समाज एवं विभाग में बड़ा रसूखदार बनने की होड़ को पूरा करना माना जा सकता है।

