05/11/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर :- अंबिकापुर नगर निगम की खस्ताहाल स्थिति में नजर आती दिख रही है निगम के ढुलमूल रवैया के कारण खस्ताहाल स्थिति से आम नागरिकों का घर ने निकलना दुशवार होता नजर आ रहा है।


नगर निगम की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी का जीता-जागता नमूना शहर के व्यस्ततम घड़ी चौक पर देखा जा सकता है। जिस चौराहे की पहचान वहां लगे क्लॉक टॉवर से होती है, आज उसी टॉवर से चारों तरफ की घड़ियां गायब हैं। आलम यह है कि घड़ी के खाली ढांचे पर अब घास और पौधे उग आए हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस बदहाली पर नहीं पड़ रही।


अवैध विज्ञापनों से पटा शहर, राजस्व और नियमों की अनदेखी
एक तरफ जहां बुनियादी पहचान और सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव के लिए निगम के पास फुर्सत नहीं है, वहीं दूसरी तरफ शहर के प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों को अवैध होर्डिंग्स व विज्ञापनों से पाटने की खुली छूट दिखाई दे रही है। शहर के चौक-चौराहों पर नियमों को ताक पर रखकर प्रचार बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिन पर कार्रवाई करने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।

चौक चौराहो का अस्तित्व भले खत्म हो जाए परन्तु शहर में अवैध रूप से लगने वाले विज्ञापनों पर लगाम लगाने में निगम असमर्थ नजर आ रही है।

शहर के अवैध होर्डिंग्स पर मेहरबानी क्यों? बिना अनुमति या नियमों के विरुद्ध लगे विज्ञापन बोर्डों पर नगर निगम का डंडा कब चलेगा? स्मार्ट और स्वच्छ शहर के दावों के बीच दिल माने जाने वाले शहर के प्रमुख चौक चौराहो की यह तस्वीर जिम्मेदारों की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार कर रही है। अब देखना यह है कि एक ही मुद्दे में दूसरी बार खबर सामने आने के बाद जिम्मेदार नींद से जागते हैं या घड़ी चौक में घड़ी की जगह अवैध विज्ञापन, अम्बेडकर चौक, गुरुनानक चौक, जय स्तम्भ चौक, गाँधी चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थान में चौक की प्रतिमाओ के चारों तरफ अवैध होर्डिंग लगाने का खेल खुलेआम चल रहा है जिसके वजह से शहर के प्रमुख चौक चौराहो का अस्तित्व खतरे में है एवं अवैध होर्डिंग लगाने वाले मौज में है।

अगले खबर में हम आपको बताएँगे की जब नगर निगम कमिश्नर ही नियम विरुद्ध सवारी कर रहें तब अन्य अवैध कार्यों में लगाम कैसे लगेगा।

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