सरगुजा समय अंबिकापुर :-
: डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में थाना मणीपुर एवं साइबर सेल एवं रायपुर पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही, आरोपी कों रायपुर से पकड़कर की गई कार्यवाही।
:- नगर निगम के मास्टर प्लान में दर्ज 6.25 एकड़ तालाब और अनुसूचित जनजाति की कीमती भूमि में हेरफेर करने के मामले में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत किया गया है अपराध दर्ज।
:- भू-स्वामी के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी कर गैर-अनुसूचित जनजाति के नाम फर्जी बैनामा एवं वंशावली तैयार कर जमीन का किया गया था अवैध अंतरण|
:- मामले में शामिल अन्य आरोपी फरार है जिनका सरगर्मी से पता तलाश किया जा रहा है, फरार आरोपियों कों शीघ्र कर लिया जायगा गिरफ्तार।
मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि कलेक्टर कार्यालय सरगुजा द्वारा कराई गई जांच के आधार पर आवेदक द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि अम्बिकापुर स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास खसरा क्रमांक 3714 (रकबा 0.250 हेक्टेयर/0.231 हेक्टेयर) स्थित है, जो नगर निगम के मास्टर प्लान 2021 एवं तालाबों की शासकीय सूची में दर्ज 6.25 एकड़ तालाब क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा है।
इस भूमि का उपयोग स्थानीय निवासियों द्वारा निस्तारी, स्नान एवं छठ पूजा जैसे धार्मिक व सामाजिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है। जांच के दौरान यह स्पष्ट पाया गया कि उक्त भूमि वर्ष 1954-55 के पूर्व राजस्व अभिलेखों में मूल रूप से अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामी जैलाल पिता बोधन गोड़ के नाम पर दर्ज थी।
आरोपियों ने मिलीभगत कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए और धोखाधड़ी करते हुए एक अन्य व्यक्ति (जयलाल पिता देवराम) की वंशावली व नामांतरण का दुरुपयोग कर खुद को वारिसान बताया।

तत्पश्चात, विक्रेता चंद्रशेखर यादव व अन्य सह-खातेदारों के साथ मिलकर अनुसूचित जनजाति भूमि को गैर- अनुसूचित जनजाति के नाम पर पंजीकृत कराकर अवैध अंतरण और फर्जी बैनामा निष्पादित कर लिया गया। आवेदक की रिपोर्ट पर मामले में थाना मणीपुर में अपराध क्रमांक 168/26 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामले कों संज्ञान में लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा. पु. से.) द्वारा थाना मणीपुर एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम का गठन कर मामले के आरोपियों कों शीघ्र गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम में संयुक्त पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपियों का सरगर्मी से पता तलाश किया जा रहा था।
दौरान विवेचना एवं आरोपी पता तलाश आरोपी आजाद इराकी के सम्बन्ध में तकनिकी जानकारी प्राप्त कर आरोपी के संभावित ठिकाने पर रायपुर पुलिस टीम के साथ रेड कार्यवाही की गई, पुलिस टीम द्वारा आरोपी आजाद इराकी कों रायपुर से पकड़कर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम आजाद इराकी आत्मज रियाजुद्दीन इराकी उम्र 43 वर्ष, निवासी मस्जिद मोहल्ला जयनगर, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर का होना बताया, आरोपी कों हिरासत में लेकर घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किया गया जो आरोपी ने अपने मेमोरेण्डम कथन में स्वीकार किया कि उसने यह जानते हुए भी कि भूमि के दस्तावेज फर्जी व कूटरचित हैं, 40 लाख रुपये में उक्त विवादित जमीन का सौदा किया था।

आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी आजाद इराकी को प्रकरण में गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। पुलिस द्वारा प्रकरण में शामिल अन्य फरार सह-आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है तथा मामले की अग्रिम वैधानिक विवेचना जारी है।
सम्पूर्ण कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक रायपुर क्राइम संजय सिंह, थाना प्रभारी मणीपुर उप निरीक्षक सी. पी. तिवारी, उप निरीक्षक रायपुर गेंन्दूराम नवरंग, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, आरक्षक मनीष सिंह, रमेश राजवाड़े, उमाशंकर साहू, अनिल सिंह, रायपुर से आरक्षक संदीप सिंह, महिपाल सिंह सक्रिय रहे।
