सरगुजा समय अंबिकापुर – अंबिकापुर सरगुजा में जहां 14 विधानसभा सीटों में समस्त 14 सीटों में भाजपा ने जीत हासिल की है या फिर आम नागरिकों के कथनानुसार यह कहा जाए कि मोदी एवं भाजपा लहर में इन्हें तगड़ा फायदा मिला है जिसके कारण वार्ड पार्षद का भी चुनाव अपने दम पर नहीं जितने वाला व्यक्ति अब विधायक एवं मंत्री बन घूम रहा है।
सरगुजा की स्थिति अत्यंत बत्त से बत्तर होती नजर आ रही है जिसका कारण शहर में सत्तापक्ष एवं विपक्ष गंभीर रूप से माना जा रहा है आम नागरिकों के गुस्से और नफरत का आलम इस कदर है कि लगातार सभी अपने मन के गुस्से और नफरत को सोशल मीडिया के माध्यम से निकाल रहे है परन्तु इन शासन सत्ता में बैठे विधायक मंत्रियों के कान में जू तक नहीं रेंग रही इन्हें सिर्फ अपने विधायकी, मंत्रीपना एवं सांसदी में मिलने वाले सुख सुविधाओं को भोगने से फुर्सत नहीं मिल रही ऐसा तमाम प्रकार का आरोप आम जनता सोशल मीडिया पर मन की भड़ास एवं आक्रोश निकाल रही है।

विधायक, मंत्री एवं सांसद के निष्क्रियता के कारण सरगुजा अंबिकापुर अब अपनी पहचान खोते हुए नया आयाम अपनी कमियों पर लिखने को तैयार है जहां कभी स्वच्छता सुंदरता एवं शांत वातावरण के माहौल का डंका बजता था जहां बाहरी लोग शहर में आने के बाद यहां की तारीफ करते नहीं थकते थे अब वही अंबिकापुर आम जनता के लिए निष्क्रिय नेताओं के कारण अभिशाप बनता नजर आ रहा है लगातार खराब सड़कों से हो रही मौतों से कितने परिवारों के चिराग बुझ जा रहे है उसके बाद भी इन चंद जनप्रतिनिधियों के कान में जू नहीं रेंग रहा।
सूत्रों की माने तो शहर में स्कूटी सवार होकर सड़क का मुआयना करने की एक परंपरा पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव के द्वारा प्रारंभ किया गया था खैर स्कूटी वाले कहानी को आगे बढ़ाते हुए आपको अवगत कराना चाहेंगे कि पूर्व कांग्रेसी विधायक एवं वर्तमान में भाजपा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी एम जी रोड़ का स्कूटी से ही मुआयना कर जम कर वाहवाही लूटा था।

क्या आज सरगुजा के तमाम विधायक मंत्री और सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव, और उनके तमाम पूर्व मंत्री काला कुर्ता पैजामा या धोती पहन कर शहर के एम जी रोड़ ,रामानुजगंज रोड, रायगढ़ रोड़ और बिलासपुर रोड़ का भ्रमण मात्र दो – दो किलोमीटर करने की हिम्मत कर आम जनता को होने वाली परेशानियों को समझने की कोशिश कर कर सकते है , तो इसका जवाब आएगा नहीं क्योंकि शासन सत्ता का सुख भोगने वाले नेता मंत्री संसद एवं राजाओं वाली ठाठ बाठ भोगने वालों को जनता की तकलीफों से कोई लेना देना नहीं है।
आम नागरिकों के कहे अनुसार आपको बता दे कि सरगुजा में भाजपा कांग्रेस दोनों अलग – अलग पार्टी होने का एक मात्र ढोंग ही है आम नागरिकों को गुमराह करने की यह सबसे बड़ी चाल है। छत्तीसगढ़ में सत्ता की कमान चाहे भाजपा के हाथों में हो या फिर कांग्रेस के हाथ में सरगुजा सदैव ठगा जाता रहा है क्योंकि राजनीतिक पार्टियों में जनता को दिखाने एवं गुमराह करने के लिए ही पक्ष विपक्ष का खेल है, वरना दोनों ही पार्टियों के अधिकांश दिग्गज नेताओं का आपस में बिजनेस पार्टनर होना कोई इत्तफाक नहीं है ।

खैर बारिश अब रुक चुकी है अब तो महोदय बारिश का रोना भी नहीं रो सकते है देखने वाली बात यह है कि अब शहर की सड़कों पर कब काम लगती है कब यहां की खराब सड़कों पर त्राहि त्राहि करने वाली जनता को इस घटिया सड़क से निजात मिलती है।

