शुभांकुर पाण्डेय सूरजपुर :- सूरजपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य का लागातार विवादों से नाता रहा हैं ऐसा नहीं हैं की सूरजपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य नए नवेले विवादित अधिकारी बने हैं इनके बड़े- बड़े कारनामों की तुत्ती छोटे जिले सूरजपुरे से लेकर सरगुजा के रास्ते संचनालय तक पहुँचती हैं परन्तु सरकार कांग्रेस की हो या भाजपा की दोनों पार्टी में प्रचार्य महोदय का जलवा अत्यंत भयानक ही रहा बड़े – बड़े कारनामे को अंजाम देते हुए कई करोड़ का भ्रष्टाचार इनके द्वारा बड़े आराम से कर दिया गया परन्तु प्रभारी प्राचार्य एन. के. बुआड़े कई मंत्रीयों के चरण वंदन से लेकर हर सौख पूरा करने के कारण अत्यंत करीबी माने जाते हैं.
मिली जानकारी के अनुसार एन के बुआड़े के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से आकस्मिकता निधि कर्मचारी को शासन के आदेश के बिना ही नियमित स्थापना में पद परिवर्तित कर दिया गया उनके इस तरह के कारनामे से ऐसा लगता है कि उनके सामने शासन सरकार कुछ भी नहीं है यह अपने आप को उनसे भी अव्वल दर्जा में मानते हैं.
जानकारी के लिए बता दे कि उनके द्वारा कोरोना कॉल में क्लास लगाने के नाम पर भी अत्यंत रूप से फर्जीवाड़ा करते हुए भुगतना किया गया है जिसकी विभागीय जांच होने से फर्जी भुगतान होने की बात सामने आ जाएगी.
सूरजपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य एन के बुआड़े का विवादों से पुराना नाता रहा है इनके द्वारा संचनालय रायपुर में विशेष रूप से काम करते हुए अपने भ्रष्टाचारी वाले नियत से शासन को कई करोड़ रुपए का चपत लगा चुके हैं इनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचारी वाले कारनामे की अगर बात कही जाए तो कई महंगे उपकरण को उसके वाजिब कीमत से लगभग 10 गुने दाम में खरीद कर एक बहुत बड़ा भ्रष्टाचार एवं घोटाला किया गया इसके बारे में हम आपको अगले अंक में पूरे विस्तार के साथ बताएंगे.
मिली जानकारी के अनुसार प्रभारी प्राचार्य एन के बुआड़े के रसूखदारी की बात करें तो इनके द्वारा निजी वाहन से अक्सर सूरजपुर अंबिकापुर रायपुर की यात्रा बड़े आसानी से शासन से यात्रा भत्ता के नाम पर वसूला जाता हैं जबकि सभी जगह के लिए बस ट्रेन की सुविधा उपलब्ध हैं परन्तु साहब तो साहब ही हैं इनके रसूखदारी में कमी नहीं होना चाहिए इस लिए खुलेआम निजी वाहन का उपयोग शासन के खर्चे पर करते हैं जिससे एक बड़े पैमाने में शासकीय वित्तीय अनियमितता करके बड़े पैमाने में भ्रस्टाचार किया जा रहा हैं इनके इस होनहारी के कारण पहले भी इनके द्वारा किये गए भ्रस्टाचार सीबीआई जाँच तक प्रारम्भ हो चुकी थी परन्तु साहब के नेता मंत्रीओं से पहुंच के चक्कर में जाँच नहीं हो पाई.
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इनके द्वारा कई कर्माचारियों को बिना संस्थान में आये घर बैठे पूरे माह का भुगतान बड़े आसानी से करते हैं जिसकी भी विभागीय जाँच करके कड़ी कार्यवाही करने की जरुरत हैं.
लगभग 12 13 साल पहले किए गए भ्रष्टाचार पर आज दिनांक तक किसी प्रकार की कार्यवाही इन अधिकारी पर नहीं हुई मामला अब यहां तक पहुंच गया है कि प्रभारी प्रचार महोदय महज 2 माह में रिटायर हो जाएंगे सरकार को चाहिए कि उनके रिटायर होने से पहले इनके द्वारा कराया गया तमाम कार्यों का ऑडिट पूरे ईमानदारी के साथ करवा इनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए.

