25/05/2026
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सरगुजा समय सूरजपुर:- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला के प्रतापपुर थाना में नए नवेले थाना प्रभारी को थाना संचालन करने के लिए विशेष स्वरुप से एक एएसआई द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है यह माना जा सकता है।

क्योंकि पांच दिवस पूर्व ही थाना प्रतापपुर का प्रभार संभालने वाले प्रभारी कों कार्यकाल कैसे करना है उसकी सिख थाना में ही मौजूद एक एएसआई विजेंद्र यादव द्वारा दिया जा रहा है ऐसा माना जा सकता है?

यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि उक्त थाना की कार्यशैली ही बता रही हैं जहाँ पर खुलेआम रूप से सट्टा एवं जुआ का कारोबार उक्त थाना के संरक्षण में फल फूल रहा हैं वही एक शिकायतकर्ता के द्वारा शिकायत करने पर बिना FIR दर्ज किये लगभग सुबह के 10:30 बजे से शाम लगभग 4:00 बजे तक इस लिए बैठाया गया की अभी तत्काल में शिकायतकर्ता नहीं आ पाया हैं जब तक शिकायतकर्ता नहीं आता हैं तब तक थाना में बैठें रहो का आदेश पारित एक स्टार बिजेंद्र यादव के द्वारा मौखिक रूप से किया जाता हैं।

जिससे यह सिद्ध होता हैं की बिना अपराध पंजीबंध किये पूछताछ के लिए बुलाकर जब तक शिकायतकर्ता नहीं आता हैं तब तक यही थाना में बैठें रहो और अगर आज शिकायतकर्ता नहीं आता हैं और अगले दिन आता हैं तब तक यही थाना में बैठें रहो का मौखिक आदेश पारित ए एस आई द्वारा किया जाता हैं जिसके पीछे थाना प्रभारी की मौन स्वीकृति भी होना माना जा सकता हैं।

सबसे बड़ी अजीब विडंबना यह है कि जिस थाना प्रभारी के क्षेत्र में लगातार खुलेआम जुआ सट्टा खेलने और खिलवाने का मामला आम नागरिकों के मुख पर हमेशा रहता है परंतु थाना प्रभारी एवं थाना स्टॉफ के द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। उससे यह स्पस्ट होता है कि बड़े अपराधियों को इस थाना में संरक्षण प्रदान किया जाता है एवं जिसके खिलाफ पूर्व में किसी भी थाना में शिकायत दर्ज न हो उसे बुलाकर प्रताड़ित कर अवैध उगाही का जरिया समझा जाता है।

मामले की विस्तृत जानकारी हम आपको अगले अंक में बताएंगे लेकिन जब इस पूरे मामले से जब हमने पुलिस अधीक्षक  सूरजपुर कों अवगत कराया तो उन्होंने तत्काल मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान में लेकर आगे बात की जिसके बाद शिकायतकर्ता के मामले में जिसके खिलाफ शिकायत किया गया था वह जो स्वयं थाना में आया था उस व्यक्ति को थाना प्रभारी एवं ए एस आई वीरेंद्र यादव ने घर जाने की अनुमति प्रदान की।

विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस व्यक्ति ने उक्त  शिकायत पत्र कों थाना प्रतापपुर में दिया था उसे पुलिस के द्वारा पूर्व में ही फैना काटकर मामला न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए जानकारी दिया था।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जो तथ्य प्राप्त हुआ उससे अब विचारणीय बात यह है कि अगर थाना प्रतापपुर के द्वारा शिकायतकर्ता को पूर्व में ही अगर फैना काटकर न्यायालय में जाने के लिए सुझाव दिया जा चुका था तो फिर उक्त शिकायत करता में जो आप रूपी है उसको प्रतापपुर थाना के द्वारा क्यों बुलाकर दिनभर बैठने का प्रयास किया गया कहीं ना कहीं यह एक आर्थिक उगाही का षड्यंत्र है जो की एक एएसआई विजेंद्र यादव के द्वारा रचा गया कृत्य है जिस पर उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है।

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें की जब हमारी टीम ने उक्त ए एस आई से मामले की जानकारी लेने फोन में बात की तब विजेंद्र यादव साहब से पूछा गया की सर मामले में अपराध पंजीबद्ध हैं क्या तो उन्होंने बड़े निराले अंदाज में बताया की अपराध पंजीबद्ध नहीं हैं लेकिन तत्काल अपराध दर्ज कर रिमांड में लेकर जेल भेज देंगे।

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