सरगुजा समय अंबिकापुर :- जिला बलरामपुर रामानुजगंज में हमेशा सुर्खियों में रहने वाला जल संसाधन विभाग हमेशा अपने कारनामों के कारण चर्चा में बना ही रहता हैं यहाँ आने वाले अफसर कों इस विभाग के स्थाई मलाईदार कुर्सी की ऐसी लत लगती हैं की फिर चाहे अपराध पंजीबद्ध हो या जेल हो उससे फर्क नहीं पड़ता यहाँ पदस्थ अफसर किसी भी तरह से सिर्फ और सिर्फ शासन कों वित्तीय छति पहुंचाने एवं स्वयं कों आर्थिक लाभ पहुंचाने का पूरा – पूरा प्रयास करते नजर आते हैं।

दलाली एवं शासकीय राशि ग़बन करने एवं फर्जी भुगतान करने के लिए इस विभाग के पूर्व में पदस्थ भ्रस्टाचार करने में अनुभवी एवं करोड़ों रूपए के हेरफेर करने वाले सब इंजिनियर से प्रमोशन पा कर अनुविभागीय अधिकारी बन बैठे सुजीत गुप्ता की सहयोगिता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा सकती हैं। इस तरह की चर्चाओं का अम्बार पुरे बलरामपुरा जिला के साथ साथ छत्तीसगढ़ में बना हुआ हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल संसाधन संभाग क्रमांक 02 के कार्यपालन अभियंता नारायण प्रसाद डहरिया के द्वारा लाखों रूपए का भुगतान बिना कार्य कराये ही ठेकेदारों कों उनके फर्म में भुगतान करने के लिए पत्र जारी कर भुगतान करने आदेशित कर दिया जिसके बाद उम्मीद हैं की सम्बंधित मामलों में लाखों रूपए का फर्जी भुगतान भी किया जा चूका हैं?
इस फर्जी भुगतान से बड़े पैमाने में शासकीय राशि का ग़बन कर कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी एवं सम्बंधित ठेकेदार जिन्हे फर्जी तरीके से बिना कार्य किये ही भुगतान करने आदेशित किया गया मिल कर शासन के राशि का बंदरबाट कर रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्यपालन अभियंता नारायण प्रसाद डहरिया ने अपने पत्र में उल्लेख किया की अपने प्रद्द्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीपी कंस्ट्रक्सन अंबिकापुर कों 997924, 563689 नौ लाख संतानबे हजार नौ सौ चौबीस, पांच लाख तिरसठ हजार छः सौ नवासी रूपए एवं मेसर्स संजय कुमार गुप्ता जामवंतपुर बी क्लास ठेकेदार कों 431438 चार लाख एकातीस हजार चार सौ अड़तीस रूपए का भुगतान करने आदेशित कर दिया।
अब जिन शक्तियों की बात कार्यपालन अभियंता के द्वारा किया जा रहा हैं क्या वह उन्हें इस लाखों रूपए के भुगतान कों बिना कार्य कराये ही करने के लिए शासन से शक्तियां प्रदान की गई हैं।
या फिर जिन शक्तियों का जनाब हवाला देकर शासकीय राशि का बंदरबाट करने का प्रयास करए हुए भुगतान करवाये हैं वह एक सोची समझी योजना का हिस्सा हैं जिससे शासन कों आर्थिक छति पंहुचाते हुए स्वयं का लाखों रूपए का लाभ पहुंचाने का प्रयास ही किया जाना माना जा सकता हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की इस लाखों रूपए के भुगतान के मामले में फर्जी भुगतान किया गया हैं और जब डहरिया साहब एवं उनके दलाल अफसर कों एहसास हुआ की मामला तूल पकड़ सकता हैं तो अब आनन फानन में कार्य करवाने हेतु बलरामपुर कार्यालय का पूरा छत छपड़ सभी उजाड़ दिया गया जिससे अब कार्यालय लगने वाले स्थान का भी अता पता नहीं हैं।
आपको बता दें की कार्यपालन अभियंता के द्वारा लाखों रूपए फर्जी भुगतान करने के मामले में मुख्य रूप से दलाली पूर्वक कार्य करने वाला अफसर उप अभियंता से प्रमोशन पा कर अनुविभागीय अधिकारी बनने वाला सुजीत गुप्ता ही माना जा सकता हैं क्योंकि पूर्व में भी लगातार इसके द्वारा शासन के पैसों का ग़बन करने एवं फर्जीवाड़ा करके कार्यवाही बच निकलने का अच्छा खासा अनुभव हैं
सबसे बड़ी बात यह हैं की जिस स्थान में SDO सुजीत गुप्ता का पोस्टिंग किया गया हैं वह स्थान उसका निज निवास हैं जबकि गृह ग्राम में किसी व्यक्ति का पोस्टिंग नहीं होता हैं बावजूद उसके SDO सुजीत गुप्ता साहब ने एक नहीं बल्कि दो दो जगह रामानुजगंज एवं बलरामपुर के SDO बन बैठें हैं जिसमे एक जगह पदस्थ हैं वही दूसरे जगह प्रभार में हैं।
SDO सुजीत गुप्ता की कार्यशैली हमेशा विवादों से घिरी रही हैं एवं इसके द्वारा शासकीय राशि का जिस प्रकार ग़बन एवं फर्जीवाड़ा करके भुगतान करने का मामला लगातार सामने आया हैं उससे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कों इस SDO गुप्ता कों फर्जीवाड़ा करके शासकीय राशि का बंदरबाट करने के मामले में महारथ हासिल होने के मामले में अवार्ड दे देना चाहिए।

क्योंकि जिस जगह की पुलिस इन साहब कों दो करोड़ रूपए के फर्जीवाड़ा मामले में खोज रही हो उसी थाना के नाक के निचे साहब पुनः अपने अफसर की दलाली करके लाखों रूपए का भुगतान करा दिए।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की कार्यपालन अभियंता एवं SDO कों इस फर्जी भुगतान करवाने की इतनी जल्दबाजी थी की भुगतान तो मार्च में करवा दिए लेकिन अब बलरामपुर का कार्यालय ही गायब कर डाले जिस हिसाब से अब आम नागरिकों किसानों एवं कार्यालय स्टॉफ कों कार्यालय खोजने में पसीना छुटने लगा हैं क्योंकि बलरामपुर में कार्यालय देखने कों नहीं मिल रहा हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की जिस कार्यालय एवं शासकीय भवन के मरम्मत कार्य के लिए लाखों रूपए का भुगतान किया गया हैं उस कार्यालय एवं आवासीय भवन में हजारों रूपए का कार्य भी नहीं कराया गया हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय अधीक्षण अभियंता जल संसाधन मण्डल बलरामपुर कों शिकायत मिली की बिना कार्य कराये शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया जिसमे अधीक्षण अभियंता ने कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 02 से स्पस्टीकरण भी मांग लिया हैं जिसके जवाब का इंतजार हमें भी हैं की भ्रष्टाचार करने के नियत से लाखों रूपए का फर्जी भुगतान करने वाले अफसर अपने सफाई में क्या जवाब देते हैं।
आपको बता दें की तमाम मामले में कार्यपालन अभियंता नारायण प्रसाद डहरिया से मामले की जानकारी लेने के लिए कई बार फोन लगाया गया लेकिन साहब के द्वारा फोन नहीं उघाया गया जिसे यह कहना गलत नहीं होगा की कार्यपालन अभियंता के द्वारा अपने काली करतूत के माध्यम से शासन कों लाखों रूपए की छति पंहुचा स्वयं एवं अपने दलाल अफसर एवं चहेते ठेकेदारों कों लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा कार्य किया गया हैं।

