सरगुजा समय जशपुर: जिले के जनपद पंचायत मनोरा में पदस्थ प्रभारी एस.डी.ओ. (RES) संजय कुमार दिवाकर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी बिल पास करने की एवज में 25,000 रुपये की रिश्वत ले रहा था।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कपरोल के पूर्व उप-सरपंच और प्रार्थी रीतू राम यादव ने मनरेगा (रोजगार गारंटी योजना) के तहत वर्ष 2022-23 में कराए गए गेजबियन निर्माण कार्य का मूल्यांकन और बिल भुगतान कराने के लिए SDO संजय कुमार दिवाकर से संपर्क किया था।
आरोप है कि आरोपी अधिकारी ने काम के नाम पर पहले 70,000 रुपये की मांग की, जिसे न देने पर लंबे समय तक मूल्यांकन लटकाए रखा। बाद में दबाव बनाने पर 50,000 रुपये लेकर मूल्यांकन किया गया। हालांकि, जब प्रार्थी बिल भुगतान के लिए दोबारा पहुंचा, तो एस.डी.ओ. ने फिर से 30,000 रुपये की रिश्वत मांग ली।
ACB ने बिछाया जाल
रिश्वत देने से परेशान प्रार्थी रीतू राम यादव ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB की टीम ने ट्रैप प्लान किया। सौदेबाजी के बाद रिश्वत की राशि 25,000 रुपये तय हुई।
आज (17 जून 2026) जैसे ही प्रार्थी ने आरोपी एस.डी.ओ. को रिश्वत की रकम दी, पहले से घात लगाए बैठी ACB की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
कानूनी कार्रवाई
आरोपी एस.डी.ओ. संजय कुमार दिवाकर को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग में इस कार्रवाई के बाद से हड़कंप मचा

