सरगुजा समय अंबिकापुर:- सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था के तमाम दावे और प्रशासनिक चौकसी कागजी साबित हो रही है।
शहर में एक तरफ जहां शासन-प्रशासन के करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाकर सीसीटीवी कैमरे लगवाए वह अब शो-पीस बने हुए हैं और वर्षो से बंद पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर इस नाकामी का पूरा फायदा उठाकर बेखौफ चोरों ने शहर में तांडव मचा रखा है।
हाल ही में कोणार्क सिटी में लगभग 20 लाख और महर्षि विद्यालय के पास लगभग 8 लाख की सनसनीखेज चोरियों ने पुलिस विभाग के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। यह घटनाएं अब पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन चुकी हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह भी है की जब शहर की ‘तीसरी आंख’ ही अंधी है, तो सुरक्षा कैसे होगी?:- अंबिकापुर शहर की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए लाखों-करोड़ों की लागत से चौक-चौराहों और प्रमुख कॉलोनियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अधिकांश कैमरे ठप है शहर में स्थापित 94 कैमरों में से 77 से अधिक कैमरे धूल फांक रहे हैं और वर्षो से बंद पड़े हैं। मेंटेनेंस और जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण ये कैमरे अपराधियों के लिए वरदान और पुलिस के लिए लाचारी का सबब बन गए हैं।
फुटेज के अभाव में भटक रही पुलिस: जब भी शहर में कोई बड़ी आपराधिक वारदात होती है, तो पुलिस सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज खंगालती है। लेकिन कैमरे बंद होने के कारण पुलिस को अपराधियों का कोई सुराग नहीं मिल पाता, जिससे चोर आसानी से पुलिस की पकड़ से दूर निकल जाते हैं।
चोरों का खुला चैलेंज: 28 लाख पर हाथ साफबंद पड़े कैमरों और कमजोर होती पुलिसिया निगरानी का नतीजा यह है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे एक के बाद एक पॉश इलाकों को निशाना बना रहे हैं।
कोणार्क सिटी में 20 लाख की बड़ी चोरी: शहर की प्रतिष्ठित कॉलोनी कहे जाने वाले कोणार्क सिटी में चोरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए एक सूने मकान को अपना निशाना बनाया। घर के ताले तोड़कर शातिर चोरों ने 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पॉश इलाके में हुई इस बड़ी वारदात ने कॉलोनीवासियों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
महर्षि विद्यालय के पास 8 लाख की चोरी: ठीक इसी तरह, महर्षि विद्यालय के समीप एक अन्य रिहायशी इलाके में चोरों ने 8 लाख रुपये मूल्य के माल पर हाथ साफ कर दिया। एक के बाद एक कुल 28 लाख रुपये की इन दोनों बड़ी चोरियों ने आम नागरिकों में खौफ और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस महकमे के लिए कड़ी चुनौती
शहर में बढ़ती इन वारदातों और बंद कैमरों की बदहाली ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ कम हो रहा है।
नवनियुक्त पुलिस अधिकारियों के सामने अब यह सबसे बड़ी और पहली अग्निपरीक्षा है कि वे इन मामलों का जल्द से जल्द खुलासा करें, लापरवाह मेंटेनेंस एजेंसियों और अधिकारियों पर शिकंजा कसें, और शहरवासियों को यह विश्वास दिलाएं कि अंबिकापुर में उनकी सुरक्षा सुरक्षित हाथों में है।
कुछ महीने पहले सरगुजा समय के द्वारा बंद पड़े सीसी टीवी कैमरे का खबर प्रकाशन किया गया था उसके बाद सुधार कार्य प्रारम्भ किया गया अब जिसके बाद 03 चालू कैमरों से बढ़कर चालू कैमरों की संख्या 17 हो गई है।

