सरगुजा समय अंबिकापुर :-
:- आरोपी के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त गैती किया गया जप्त।
:- गंभीर अपराधों मे पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के विरुद्ध की जा रही सख़्ती से कार्यवाही।
मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी तिलसाय साकिन राईखुर्द थाना लुण्ड्रा का थाना लुण्ड्रा आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी लोग 06 भाई बहन है, जीतू नागेश प्रार्थी का तीसरे नंबर का भाई था। दिनांक 02/07/26 के सुबह करीब 8.00 बजे जीतू नागेश अपने खेत में हल जुताई करने गया था कि करीब 10.15 बजे प्रार्थी को पता चला कि प्रार्थी के भाई जीतू नागेश को गांव का झकड़ी उर्फ बुधराम बरगाह गैंता से गंभीर चोट कारित कर दिया है, जिससे काफी चोट आया है, खून निकल रहा है, सूचना पाकर प्रार्थी तुरंत घर आया, तो पता चला कि जीतू नागेश को परिवार रिश्तेदार वाले ईलाज हेतु मेडिकल कालेज अस्पताल अम्बिकापुर ले गये हैं। कुछ देर बाद पता चला कि जीतू नागेश की मृत्यु हो गई है।
बाद पुलिस सहायता केन्द्र मेडिकल कालेज अस्पताल अम्बिकापुर में मृत्यु सूचना रिपोर्ट दर्ज कर शव पंचनामा कार्यवाही कर पी. एम. कराया गया। प्रार्थी के छोटे भाई जीतू नागेश की मृत्यु झकड़ी उर्फ बुधराम बरगाह के द्वारा गैंती से मारकर हत्या करने से हुई है। प्रार्थी के रिपोर्ट पर थाना लुण्ड्रा मे अपराध क्रमांक 155/26 धारा 103(1) बी. एन. एस. का अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना मे लिया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रार्थी एवं गवाहो का कथन लेख किया गया एवं अन्य भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य से झकड़ी उर्फ बुधराम बरगाह क द्वारा जीतू नागेश की हत्या करना सबुत पाये जाने से आरोपी झकड़ी उर्फ बुधराम बरगाह को हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम झकड़ी उर्फ बुधराम बरगाह आत्मज स्व. सोमारसाय उम्र 60 वर्ष साकिन राईखुर्द थाना लुण्ड्रा का होना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ करने पर मृतक से आपसी वाद विवाद होने पर गैती से मृतक को गंभीर चोट कारित कर हत्या कारित करना स्वीकार किया गया, आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त गैती को जप्त किया गया है, आरोपी द्वारा घटना कारित किये जाने एवं आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से आरोपी को प्रकरण मे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा गया है।
सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी लुण्ड्रा निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, सहायक उप निरीक्षक नारायण सिंह, आरक्षक इबनुल खान, राजकुमार यादव, दिलीप मिंज सक्रिय रहे।

