सरगुजा समय अंबिकापुर :- कहते है की अगर सरगुजा मे आपको नियमविरुद्ध तरीके से कार्य करना हैबर कार्यवाही से भी बचना है तो यहाँ के अफसरों को अपने इसारे मे नचाना सिख लीजिये उसके बाद आपका कोई बाल भी बांका नहीं कर पायेगा।
ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि सरगुजा मे बेईमानों की बोलती तुत्ती बयां कर रही है। हमने आपको लगातार अपने खबरों के माध्यम से बताया था की कैसे विजय ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा अवैध तरीके से उर्वरक खाद बेचकर करोड़ों रूपए की कमाई किया गया।
बावजूद उसके क़ृषि विभाग के अफसरों ने कार्यवाही करने की हिमाकत नहीं जुटा पाई। क़ृषि विभाग अंबिकापुर के तत्कालीन उर्वरक निरिक्षक सोहन भगत ने इस मामले मे लाखों रूपए की डील करते करते एक लाख के रिश्वत लेते ACB के हत्थे चढ़ गया जिससे इस घूसखोर अधिकारी की विजय ट्रेडिंग कंपनी के संचालक से लाखों रूपए की अवैध उगाही वाली मनसा अधूरी ही रह गई।
अब विचारणीय बात यह है की इस पुरे मामले मे क़ृषि विभाग के उप संचालक पीताम्बर दीवान जिन्होंने अपने अधिकार के बाहर जाकर कलेक्टर के अधिकार क्षेत्रवाले कार्य को करते हुए राजसात की टीम बना डाला जिसके ऊपर भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई।
इसी क्रम मे सरगुजा कलेक्टर अजित वसंत ने भी विजय ट्रेडिंग कंपनी के ऊपर राजसात की कार्यवाही करने के लिए टीम बनाई जिसमे सात दिवस के भीतर कार्यवाही करने का आदेश पारित हुआ लेकिन सरगुजा कलेक्टर का यह आदेश भी फेल होता कई महीनों बाद भी दिख रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की सरगुजा कलेक्टर अजित वसंत ने विजय ट्रेडिंग कंपनी पर राजसात की कार्यवाही के लिए जिससे जो टीम बनाई थी उसके नोडल अधिकारी तत्कालीन SDM फागेश सिन्हा अंबिकापुर का तबादला अन्यत्र हो गया वही कलेक्टर की बनाई टीम मे क़ृषि तत्कालीन उर्वरक निरिक्षक सोहन भगत घूसखोर निकल गया जिसे 1 लाख रूपए के रिश्वत लेते ACB की टीम ने रंगे हाथ पकड़ जेल भेज दिया।
अब विचारणीय बात यह है की सरगुजा कलेक्टर अजित वसंत के जिले वाले क्षेत्र में ईमानदार अफसर मौजूद है जो इस विजय ट्रेडिंग कंपनी पर राजसात की कार्यवाही कर सके या फिर इसी प्रकार से विजय ट्रेडिंग कंपनी के इसारे पर अफसर नाचते नजर आएंगे और करोड़ों के उर्वरक के बचाव हेतु 10-15 लाख वाली डील जो सोहन भगत ने चालू किया था उसपर अमल करते नजर आएंगे।

