सोहन भगत मतलब भ्रष्टाचार का दूसरा नाम इसके इसारे पर विजय ट्रेडिंग के संचालक से लाखों रूपए लेने की थी तैयारी? कलेक्टर के तत्पर्ता से फिरा इनके मसूबे में पानी…
सरगुजा समय अंबिकापुर :- शहर में लगभग लगभग हर विभाग में एक शासकीय कर्मचारी अधिकारी ऐसा मिल ही जाता हैं जो पुरे विभाग के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर विभाग कों कलंकित कर देता हैं ऐसा ही मामला अंबिकापुर में क़ृषि विभाग में देखने कों मिल रहा हैं।
सरगुजा समय के द्वारा सर्वप्रथम यह खबर प्रकाशन किया गया था की विजय ट्रेडिंग कंपनी जो की खरसिया रोड़ अंबिकापुर में स्थित हैं के द्वारा मासूम ग्रामीणों के हक़ वाला उर्वरक अवैध तरीके से छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर एवं एक एक किसानों के नाम पर 50-60 बोरा उर्वरक चढ़ा कर बड़े पैमाने में शासन के आँख में धूल झोकते हुए स्वयं करोड़ों का वारा न्यारा किया जा रहा हैं।
जिसके बाद विभाग के अफसरों ने मामले की जाँच की उसके बाद खबर की सत्यता पर मुहर लगी और विजय ट्रेडिंग कंपनी कों विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुए सील कर दिया गया।
परन्तु यह मामला तत्काल ही राजनितिक मोड़ ले लिया एवं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्यवाही करने वाले अफसर की छुट्टी कर दी गई जबकि उसी अफसर कों स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अच्छा कार्य करने के लिए सम्मानित भी किया गया था खैर राजीनीति के कीचड़ की हम बात नहीं कर पाएंगे यह ऐसा दलदल हैं।
फिर जब कार्यवाही करने वाले अफसर की छुट्टी हो गई तो उनके स्थान पर सोहन भगत उर्वरक निरिक्षक के कुर्सी का कमान संभालने पहुंच गए लेकिन ये महोदय अपने आदत से लाचार इनका इतिहास रहा हैं की ये महाशय जिस जिला में भी रहे हैं वहां यह विवादित एवं अपने घूसखोरी वाली प्रविति से चर्चित बने रहे हैं। इसी क्रिया कों सरगुजा में भी इन्होने जारी रखा।
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस विजय ट्रेडिंग कंपनी के विभाग द्वारा किये गए सील दुकान में रखे करोड़ों के उर्वरक पर राजसत की कार्यवाही करना था उस दुकान संचालक से सोहन भगत महोदय करोड़ों के माल कों बचाने में लिए 10 से 15 लाख रूपए की मांग कर डाली लेकिन जब दुकान संचालक ने इसकी बात नहीं मानी तो और पैसा देने से माना कर दिया तब भगत ने DDA क़ृषि कों भ्रमित करते हुए एक राजसात की कार्यवाही के लिए टीम बनवा डाला जिससे उक्त राजसात की कार्यवाही वाली आदेश कों लेकर दुकान संचालक पर दबाव बना सके और बनाया भी।
लेकिन भ्रष्ट उर्वरक निरिक्षक सोहन भगत के तमाम मसूबे पर उस वक्त पानी फिर गया जब सरगुजा कलेक्टर ने विजय ट्रेडिंग कंपनी में राजसात की कार्यवाही हेतु एक नए टीम का गठन कर दिया जिसमे नोडल के रूप में अंबिकापुर SDM फागेश सिन्हा का नाम जोड़ा गया जिनके नेतृत्व में राजसात की कार्यवाही की जानी हैं।
अब इस अनुभवहीन उर्वरक निरिक्षक कों तनिक भी ज्ञात नहीं हैं की जिस राजसात के आदेश कों इसने DDA कों भ्रम में डाल कर बनवाया था उस आदेश कों जारी करने का पावर DDA के पास हैं ही नहीं नियमानुसार इस राजसात के कार्यवाही का आदेश कलेक्टर ही जारी कर सकते हैं।
अब सोहन भगत अपने भ्रष्टाचारी एवं दुकान संचालक से लाखों रूपए के उगाही वाली नियत से गलत तरीके से DDA क़ृषि से राजसात करने का आदेश जारी करवाकर कलेक्टर के कार्यक्षेत्र के चीज कों अपने निजी लाभ साधने के लिए स्वयं के विभाग से आदेश जारी करवाने के मामले में सरगुजा कलेक्टर क्या कार्यवाही करते बाई तब भी देखने वाली बात हैं।
तमाम मामले में अंबिकापुर SDM फागेश सिन्हा ने बताया की सरगुजा कलेक्टर ने विजय ट्रेडिंग कंपनी में रखे उर्वरक कों राजसात करने के लिए टीम का गठन किया गया हैं जिसमे एक सप्ताह में राजसात की कार्यवाही पूर्ण कर दी जाएगी।
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