सरगुजा समय अंबिकापुर – मां महामाया माता मंदिर परिसर में आज अंग्रेजी महीने के नए साल के शुरुवात को भक्तों का तांता लगा रहा जहां हजारों की संख्या में माता के दर्शन करने भक्तों की लंबी लंबी कतारें देखने को मिली ।
इसी बीच अचानक से मंदिर परिसर में आग लग गया जिसको लेकर अब भक्तों के द्वारा तरह तरह के कयास लगाए जा रहे है किसी का कहना है कि यह साल के शुरुवात में ही मंदिर परिसर में आग लगना अशुभ संकेत है।

परन्तु इस तरह से आग लगने की घटना अधिकतर भक्ति एवं भक्तों के लापरवाही का नतीजा होता है अक्सर मंदिर परिसर हो या किसी देवी देवताओं का पंडाल किसी भी जगह दीपक जलाने एवं ठीक भगवान की मूर्ति के पास दीपक रखने की होड़ सी मची रहती है जिसके वजह से कई बार भक्तों की लापरवाही का खामियाजा इसी तरह से भुगतना पड़ता है अक्सर दीपक जला कर भगवान को दिखाने के चक्कर में भीड़ में लापरवाही होती है जिसके वजह से इस तरह की घटना घट जाती है ।
उसके बाद व्यक्ति अपनी लापरवाही को दोष ना देते हुए शुभ अशुभ जैसे तमाम बातों को मनगढ़ंत तरीके से समाज में पेस करता है जबकि थोड़ी सी सतर्कता एवं दीपक जलाने में सावधानी बरतने मात्र से इस तरह की घटना को घटने से बचाया जा सकता है।

