सरगुजा समय अंबिकापुर:- ‘सरगुजा समय’ द्वारा अंबिकापुर की तमाम मुख्य जर्जर सड़क और जानलेवा गड्ढों की समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिम्मेदार विभाग हरकत में आ गया है। खबर का त्वरित असर देखने को मिला और प्रशासन ने आनन-फानन में बड़े-बड़े गड्ढों में गिट्टी भराई के बाद अब मुरम मिट्टी डालना शुरू कर दिया है।
प्रशासन की इस पहल से राहगीरों और वाहन चालकों को गहरे गड्ढों से तात्कालिक निजात तो मिल गई है, लेकिन यह अस्थायी पैचवर्क आने वाले दिनों में जनता के लिए दोहरी परेशानी का सबब बन सकता है।
बारिश में कीचड़ और फिसलन: मुरम मिट्टी बारिश का पानी पड़ते ही दलदल में तब्दील हो जाएगी, जिससे सड़क पर दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और हादसों का खतरा बढ़ जाएगा।
सूखे में धूल का गुबार: सूखा मौसम रहने पर तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने से उड़ने वाली धूल से स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और आसपास के रहवासियों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन केवल लीपापोती करने के बजाय सड़क का डामरीकरण या कंक्रीटीकरण कर स्थायी समाधान निकाले, जिससे क्षेत्रवासियों को हमेशा के लिए जर्जर सड़क की समस्या से मुक्ति मिल सके।
विधायक एवं मंत्री राजेश अग्रवाल के लगातार बारिश के बाद सड़क निर्माण होने के मामले को अब आम नागरिक सिर्फ एक जुमला ही मान रही है मंत्री के लगभग 3 वर्ष के कार्यकाल में घटिया सड़क एवं सड़कों का तालाब में तब्दील होना मंत्री के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
