सरगुजा समय अंबिकापुर :- छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की सभी सरकारें शराब नीति कों बहुत तगड़े से अपनाती हैं और यह होना भी लाजमी ही हैं क्योंकि शराबनीति से राज्य सरकार का खजाना भरता हैं शराब नीति से राज्य सरकार अत्यधिक राजस्व की वसूली होती हैं जिसके कारण ही सभी दलों की सरकारों का इस नीति पर ध्यान देना लाजमी हैं। फिर भले तमाम झूठे वादों से राज्य की जानता कों मोहित करते हुए शराब बंदी की बात कह कर शासन सत्ता में आया जाए लेकिन सत्ता में आते के साथ ही शराब बंदी तो बहुत दूर की बात हैं अलग अलग डिपार्टमेंट वाले मंत्री भी शराब नीति पर ध्यान देना चालू कर देते हैं।

खैर हमें इन सब मामलों से क्या अगर स्वास्थ्य मंत्री कों स्वास्थ्य विभाग में कम एवं शराब नीति वाले आबकारी विभाग पर ज्यादा रूचि हैं तो यह उनका निजी मामला हो सकता हैं। लेकिन यह माना जा सकता हैं की स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा स्वास्थ्य विभाग कों छोड़ दारू दुकान का निरिक्षण करना एवं सोशल मीडिया में पोस्ट करके वाहवाही लूटना कही ना कही विपक्ष कों बैठें बैठयें राजनीती गरमानें वाला मुद्दा प्रदान कर दिया गया हैं।

परंतु स्वास्थ्य मंत्री जी का इस तरह से शराब दुकान पर ज्यादा ध्यान एवं शराब दुकान के संचालन की सतत निगरानी काबिले तारीफ हैं क्योंकि मंत्री महोदय ने स्वयं सोशल मीडिया में शराब दुकान के व्यवस्थाओं एवं संचालन के अचैक निरिक्षण कार्य कों प्रमुखता से अपने सोशल मीडिया अकाउंट में पोस्ट कर लोगों कों जानकारी दिया।
शराब दुकान का निरिक्षण करने वाले स्वास्थ्य मंत्री के नाक के निचे वाले सरगुजा में लागातार विवादित डॉक्टर संदीप त्रिपाठी के कारनामें इन्हे नहीं दिख रहे या फिर यह माना जा सकता हैं की उक्त शासकीय डॉक्टर पर मंत्री जी के वरदान स्वरूप अभयदान एवं आशीर्वाद प्राप्त हो सकता हैं जिसके कारण तमाम शिकायतों एवं विवादों के बावजूद डॉक्टर संदीप त्रिपाठी कों सरगुजा नर्सिंग होम एक्ट का नोडल प्रभारी पद से पृथक करने की हिमाकत सम्बंधित विभाग के आला अफसर एवं ईमानदार कलेक्टर नहीं कर पा रहे हैं।

सरगुजा गजब हैं यहाँ जिसके खिलाफ शिकायत की जाती हैं वहीं अफसर उक्त शिकायत की जाँच करता हैं एवं स्वयं पर लगे सैकड़ों आरोप कों क्लीन चिट दें देता हैं यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि सरगुजा की सिस्टम ही इस तरह की कहानी बयां कर रही हैं।

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें की कन्या परिसर रोड़ में स्थित दयानिधि हॉस्पिटल में कई असुविधा हैं बावजूद उसके सिर्फ और सिर्फ यह निजी हॉस्पिटल इस लिए संचालित हो पा रहा हैं की सरगुजा नर्सिंग होम एक्ट के प्रभारी डॉक्टर संदीप त्रिपाठी की धर्मपत्नी के नाम से यह हॉस्पिटल संचालित हैं जिससे ऐसा प्रतीत होता हैं की रसूखदार एवं दबंग डॉक्टर के नर्सिंग होम एक्ट के प्रभार में रहते हुए इस हॉस्पिटल का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता फिर भले स्वास्थ्य मंत्री ही क्यों ना हो ऐसा अभी तक की विभागीय कार्यशैली की वस्तु स्थिति कों देखते हुए माना जा सकता हैं।

स्वास्थ्य मंत्री जी के शराब दुकान के निरिक्षण वाली पोस्ट कों पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गंभीरता से लेते हुए अपने x सोशल मीडिया में भी पोस्ट कर अपने मन की बात एवं स्वास्थ्य मंत्री की मनसा कों जाहिर किया हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की शुभांकुर पाण्डेय के द्वारा दयानिधि हॉस्पिटल एवं डॉक्टर संदीप त्रिपाठी के शासकीय सेवा से संबंधित RTI सुचना के अधिकार के तहत लगभग 50 से अधिक मुद्दों में जानकारी मांगी गई हैं जिसका कई जवाब अत्यंत हास्यास्पद स्थिति में प्राप्त हुए हैं जिसका खुलासा जल्द ही खबर के माध्यम से किया जायेगा।

