28/05/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर :- कहते हैं की अगर कोई अधिकारी भ्रष्टाचारी एवं अत्यंत रसूखदार हो तों बड़े – बड़े अधिकारीयों की कार्यवाही करने की हिमाकत नहीं होती सम्बंधित रसूखदार के ऊपर कार्यवाही करने के विचार मात्र से रूह कांप जाती हैं जिसका जीता जागता उदाहरण देखने कों भी कई मामलों में भी मिला हैं परंतु अब देखने वाली बात यह हैं की 07 लोगों की टीम जो की दयानिधि निजी हॉस्पिटल के जाँच के लिए बनाई गई हैं अब अगर 07 लोगों की बनी टीम बिना किसी के दबाव में आए ईमानदारी पूर्वक जाँच करके रिपोर्ट दे दिए तों फिर शासकीय डॉक्टर साहब के निजी हॉस्पिटल पर आफत आ सकती हैं।

सरगुजा समय न्यूज़ पोर्टल एवं अन्य वेबसाइट पोर्टलो के साथ- साथ कई अन्य अखबारों ने शहर स्वास्थ्य विभाग में हो रहे दबंगई की एक खबर प्रकाशित की जिसमे यह उल्लेख किया गया की कैसे एक शासकीय डॉक्टर जो की पूर्णकलिक शासकीय सेवा में रहते हुए नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी भी हैं उनके ही स्वयं की धर्मपत्नी के नाम पर संचालित दयानिधि हॉस्पिटल जो की निजी अस्पताल हैं की कई कमियों के वावजूद बेधकड़ धड़ल्ले से बिना किसी रोक टोक के संचालित हैं जिसमे कई असुविधा हैं परंतु किसी की कार्यवाही करने की हिमाकत ही नहीं इसका सबसे बड़ा कारण यह हैं की जो स्वयं नर्सिंग होम एक्ट का नोडल अधिकारी हैं उसके अस्पताल में भला कौन कार्यवाही कर सकता हैं।

लेकिन सबसे बड़ी बात तब हो गई जब उक्त निजी हॉस्पिटल के बारे में कई अखबारों एवं न्यूज पोर्टल में खबर प्रकाशित हुई जिसके बाद 07 लोगों की जाँच टीम गठन कर दिया गया हैं अब इस 07 अधिकारीयों के जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जावेगी अब देखने वाली बात यह हैं की जाँच रिपोर्ट में जिन 07 अफसरों का नाम हैं उनपर किसी रसूखदार एवं दबंग लोगों का दबाव ना बन पाए क्योंकि सम्बंधित निजी हॉस्पिटल में कार्यवाही करने एवं नियम विरुद्ध हॉस्पिटल संचालित करने की जाँच करने के लिए जाँच टीम के लोगों कों उक्त रसूखदार एवं दबंग डॉक्टर के भय से मुक्त होना पड़ेगा।

उक्त रसूखदार एवं दबंग पूर्णकालिक शासकीय सेवक जिनकी पूर्व में भी एक वीडियों वायरल हुई थी जिसमे मेडिकल कॉलेज अस्पताल मरीज कों पैसों के लिए धमकाने के साथ साथ मीडिया कर्मियों से भी जम कर हुज्जतबाजी की गई थी जिसका विरोध मिडियाकर्मियों ने किया तब जा कर दबंग डॉक्टर साहब शांत हुए थे।

बता दे की दयानिधि हॉस्पिटल जो की निजी अस्पताल हैं उसमे कई घोटाले जम कर हुए हैं समय रहते जाँच रिपोर्ट आने के बाद बचें हुए गोलमाल की जानकारी से हम आप सभी कों अवगत करवाएंगे सबसे बड़ी बात यह हैं की दयानिधि हॉस्पिटल जो की शासकीय सेवक होने के साथ – साथ नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी हैं उनकी धर्मपत्नी के नाम पर संचालित निजी हॉस्पिटल पर किसी प्रकार की कार्यवाही हो यह मुमकिन ही नहीं।

जाँच टीम जो की 07 लोगों की बनाई हैं अब इनके जाँच रिपोर्ट की सभी कों इंतजार रहेगी जिसका जल्द से जल्द खुलासा किया जायेगा की कौन कितने पानी में हैं।

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