सरगुजा समय अंबिकापुर :- शहर में वर्षो से एक ही स्थान एवं कार्यालय में पदस्थ अधिकारी एवं लिपिक आज के समय में भ्रष्टाचार एवं घूसखोरी का सबसे बड़ा कारण बनता दिख रहे हैं।
जिला में ऐसे को अधिकारी एवं लिपिक हैं जो अपने नौकरी का आधा से अधिक समय एक ही कार्यालय में बिता दें रहे हैं और वह उस कार्यालय का दिग्गज माने जाने लगता हैं उस लिपिक के इसारे पर अधिकारी भी बड़े आसानी से घूमते नजर आते हैं जिससे बड़े आसानी से भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी का खेल बड़े आसानी से खेला जाता हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की अंबिकापुर में वर्षो पदस्थ रहने वाला भ्रष्ट लिपिक अनिल गुप्ता जो की वर्तमान में दरिमा तहसील में पदस्थ हैं कों बीच सड़क पर रिश्वत लेते ACB की टीम ने गिरफ्तार कर लिया हैं।
आरोपी अनिल गुप्ता DEO कार्यालय में पदस्थ लिपिक अखिलेश सोनी कों ACB की होने वाली कार्यवाही का झांसा देते हुए ACB से बचवा देने के एवजी में दो लाख रूपए की मांग की गई जिसको लेकर आरोपी अनिल गुप्ता एवं लिपिक अखिलेश सोनी के बिच एक लाख में सौदा तय हो गया।
जिसे देने के लिए अखिलेश सोनी से आरोपी लिपिक कों शहर के बिच घड़ी चौक के पास बुलाया जहाँ ACB की टीम पहले से तैनात थी ने आरोपी लिपिक अनिल गुप्ता के द्वारा पैसा लेते ही धर लिया।

यह कार्यवाही अंबिकापुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा सकता हैं जिसमे तहसील कार्यालय का बाबू रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया इस लिपिक का आतंक अंबिकापुर में भी काफ़ी तगड़ा था जिसे इस भ्रष्ट लिपिक ने दरिमा तहसील में भी बरकरार रखा आरोपी लिपिक अनिल गुप्ता का आतंक शांत करते हुए एसीबी ने अंबिकापुर के घड़ी चौक के पास रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
अंबिकापुर में ACB के द्वारा इस कार्यवाही की काफ़ी सराहना हो रही हैं जिससे ऐसा माना जा सकता हैं की शहर में सबसे भ्रष्ट पटवारी त्रिभुवन सिंह जो एक शासकीय सेवक हैं जिसका वेतन लगभग 40-50 हजार ही होगा परंतु सम्पति बेहिसाब हैं। अपने भ्रष्टाचार के माध्यम से कमाए जाने वाले अरबों रूपए का हिसाब कब ACB की टीम निकालती हैं यह देखने वाली बात हैं।

क्योंकि इस पटवारी के रसूख के आगे राजस्व विभाग के कई तत्कालीन एवं वर्तमान पदस्थ कई अफसर नतमस्तक हैं जिसके कारण भ्रष्ट पटवारी त्रिभुवन सिंह के घूसखोरी एवं जमीन दलाली से कमाए अरबों रूपए के जाँच करवा पाना इनके बस की बात नहीं हैं ऐसा माना जा सकता हैं क्योंकि कार्यवाही करने वाले कई अफसर इस पटवारी के द्वारा किये भ्रष्टाचार के हिस्सेदार भी हैं जिसके कारण अब कार्यवाही की उम्मीद ACB से ही की जा सकती हैं।

