30/05/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर, बलरामपुर, रामानुजगंज :- भारत के साथ साथ कई अन्य और देशों में एक पारम्परिक कला होती हैँ जिस कला में लोग कई अलग अलग रूप बदलकर आम नागरिकों का मनोरंजन करते हैँ इस कला में इंसान रहता कुछ हैँ बनता कुछ हैँ इस तरह के कलाकारी कों दिखाने वाले व्यक्ति कों ही बहरूपिया कहते हैँ इनमे एक ख़ास बात यह होती हैँ की अक्सर बड़े अफसर, नेता मंत्री, पुलिस जैसे रोल में कलाकारी करते हैँ। अपने पद प्रतिष्ठा से निचे गिरने का साहस नहीं दिखा पाते क्योंकि बात इनके स्वाभिमान एवं ईमान की होती हैँ।

खैर हम जिस बहरूपिया कलाकारी में निपूर्ण उच्च पद से चपरासी बनने पर उतारू होकर भ्रष्टाचारी करने वाली नियत से कार्य करने वाले अफसर वर्तमान में बलरामपुर रामानुजगंज में अनुविभागीय अधिकारी सुजीत कुमार गुप्ता जी की कर रहे हैँ? इन साहब के कलाकारी के सामने तो बहरूपिया भी मात खा जाए ये महोदय भ्रष्टाचारी के खेल एवं कलाकारी में इतने उस्ताद है की बड़े – बड़े अफसर तक समझ नहीं पाते और कई लाख एवं कई करोड़ का वारा न्यारा बड़े आसानी से हो जाता हैँ।

अब इन्ही SDO साहब सुजीत कुमार गुप्ता एवं इनके अफसर कार्यपालन अभियंता एन पी डहरिया मतलब की इन दोनों की जोड़ी क्या गजब की चल रही हैँ की इनके दद्वारा खुलेआम भ्रष्टाचार करने के लिए अच्छे कार्य किया जा रहा है।

SDO एवं ई के आपसी मिली भगत की कहानी देखिये की कैसे बड़े आसानी से 31 मार्च कों अपने चहेते ठेकेदारो कों लगभग 20 से 40 लाख ररूपए का भुगतान बिना कार्य कराए कर दिया आपने हाल ही में सुना होगा की एक कथित ठेकेदार ने PHE विभाग के ऊपर भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की चेतावनी दें डाली थी हालांकि बाद में उसने माफ़ी भी मांगी थी।

लेकिन जल संसाधन विभाग बलरामपुर एवं रामानुजगंज में  SDO एवं कार्यपालन अभियंता ने एक अलग ही क्रांति ला डाली हैँ यहाँ बिना कार्य किये ही भुगतान की सुविधा हैँ कई विभाग के ठेकेदारों कों अन्यत्र विभाग में काम छोड़कर इस रामानुजगंज बलरामपुर जल संसाधन विभाग में करना चाहिए क्योंकि यहाँ कार्य करने से पहले बिना कार्य कराए भुगतान कर दिया जाता हैँ।

हालांकि विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिना कार्य के भुगतान करने का मामला जब सरगुजा समय में प्रकाशन के बाद तूल पकड़ा तो राजेंद्र कटारा कलेक्टर जिला बलरामपुर के द्वारा कार्यपालन अभियंता कों फटकार लगाई जिसके बाद अंदरूनी तरीके से कार्य कराया जा रहा हैँ जिसमे कार्यपालन अभियंता एन पी डहरिया एवं SDO सुजीत कुमार गुप्ता जल संसाधन विभाग रामानुजगंज बलरामपुर स्वयं कार्य करवा रहे हैँ।

अब विचारणीय बात यह हैँ की जब कलेक्टर के संज्ञान में समस्त बात हैँ तो समयानुसार पद बदलने वाले SDO सुजीत कुमार गुप्ता के ऊपर कार्यवाही क्यों नहीं की जाती जबकि इस अफसर के द्वारा स्वयं के पद एवं हस्ताक्षर कों छुपाते हुए अवैधानिक रूप से चपरासी बनकर बैंक से विभागीय चेक का विवफान माँगा जो की शासकीय शाखा पर छल पूर्वक किये गए कार्य की श्रेणी में आता हैँ पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई।

यह वही सुजीत गुप्ता हैँ जिसके ऊपर पूर्व में भी करोड़ों रूपए के शासकीय राशि के गबन करने के आरोप में अपराध दर्ज हैँ विभागीय जाँच लंबित हैँ और ना जाने कितने प्रचार के आरोप लगे हुए हैं बावजूद उसके कलेक्टर बलरामपुर के द्वारा बुक के वीडियो पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करना इसके द्वारा किए जाने वाले कारनामों पर बहुत सुकृति देना माना जा सकता है?

खबर अभी और अपडेट हो रहा हैँ इंतजार करें...

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