सरगुजा समय अंबिकापुर :- अंबिकापुर शहर कई विधायकों एवं मंत्रीयों वाला शहर हैं लगातार यहाँ मंत्रियों का काफिला सड़कों पर धूल उड़ाते हुए दिख ही जाता हैं परन्तु शहर में आम नागरिकों की समस्याओं कों इन विधायक एवं मंत्रीयों द्वारा लगातार दरकिनार किया जा रहा हैं ऐसा माना जा सकता हैं।
एक ओर जहाँ प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय से अगर छत्तीसगढ़ राज्य के विकास की बात करते हैं तो उनकी शुरुवाती बात ही मोदी की गारंटी से होती हैं ठीक उसी प्रकार सरगुजा में विधायक मंत्रियों का हाल होना माना जा सकता हैं। यहाँ के भी विधायक मंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन की सरकार हैं से चालू होता हैं परन्तु धरातल पर सब मामला खोखला नजर आता हैं।

अगर आम जनता या फिर पत्रकार इन विधायक मंत्रीयों से सरगुजा में खस्ताहाल सड़कों एवं तमाम अवस्थाओं के बारे में बात या सवाल करते हैं तो इनकी भी बात विष्णुदेव की सरकार हैं विकास की सरकार हैं से चालू होता हैं परन्तु आम नागरिकों कों इस सरकार में विकास कम विनाश ज्यादा नजर आ रहा हैं. जिस हिसाब से सोशल मिडिया में आम नागरिकों की सरकार के प्रति असंतुस्टी एवं नाराजगी देख से स्पस्ट होता हैं।
सरगुजा के आम नागरिक वर्षो तक खस्ताहाल सड़कों में धूल मिट्टी फाकते हुए ना जाने कितने लोग बीमारी के आगोश में पहुंच गए कितने घरों का चिराग इस घटिया सड़कों के कारण बुझ गया बावजूद उसके सिर्फ सत्तापक्ष एवं विपक्ष के द्वारा सिर्फ आरोप प्रत्यारोप का खेल खेला जाते रहा एवं आम नागरिकों का जान जाते रहा।

खैर मरता क्या नहीं करता वाली कहावत यहाँ पर लागु हो सकती हैं नेता मंत्री एवं अधिकारियो की फ़जीहत बनी सड़कों कों आनन फानन में एम जी तोड़, रायगढ़ रोड़, बिलासपुर रोड़ में पैचरिपेरिंग जैसे कार्य कराया गया जिससे आम नागरिकों कों थोड़ा राहत प्रदान कर दिया गया लेकिन अभी भी सबसे महत्वपूर्ण सड़क सदर रोड़ देवीगंज रोड़ की खस्ताहाल से आम नागरिकों का जीवन अस्त व्यस्त हैं।

आपको बता दें की अंबिकापुर शहर में सदर रोड़ वह सड़क हैं जिस सड़क में सैकड़ो निजी अस्पताल एवं सरगुजा संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल मेडिकल कॉलेज में भी यह सड़क जाता हैं जहाँ प्रतिदिन हजारों मरीज का आना जाना इस घटिया सड़क से हैं।
लगातार आम नागरिकों एवं दूर दराज से आये उन लोगों के लिए यह सड़क आफत या काल की सड़क बन रही हैं जिन्हे इलाज के लिए निजी अस्पताल एवं मेडिकल कालेज जाना हैं उनके लिए यह सड़क सबसे बड़ी मुसीबत साबित हो रही हैं। बावजूद इसके सदर रोड़ एवं देवीगंज रोड़ रिपेरिंग करने का जहमत सम्बंधित विभाग नहीं उठा रहा या फिर यह कहाँ जा सकता हैं की सम्बंधित विभाग के अफसर अपने एयर कंडीशन वाले रूम से बाहर निकलते ही नहीं होंगे जिसके वजह से इन्हे इस सड़क की दुर्दशा नहीं दिखती होंगी।

अब देखने वाली बात यह भी होंगी की कुम्भकरणीय निद्रासन में जाने वाले विधायक, मंत्री एवं सम्बंधित विभागीय अधिकारी इस सदर रोड़ एवं देवीगंज रोड़ की खस्ताहाल बेकार सड़क की सुध कब तक लेते हैं एवं आम नागरिकों कों होने वाली समस्याओं से कब तक निजात दिलाते हैं।

