सरगुजा समय बलरामपुर:- छत्तीसगढ़ की पुलिसिया व्यस्था लागातार चरमरा गई हैं जिसका मुख्य कारण छत्तीसगढ़ के घूसखोर पुलिसकर्मी हैं जो बड़े – बड़े अवैध कारोबारियों कों स्वयं के लाभ के लिए संरक्षण दें कर हर महीने मोटी रकम की उगाही करते हैं जिसका खामियाजा आम नागरिकों कों भुगतना पड़ता हैं और कभी कभी उन अपराधियों के अपराध का दंस पुलिस के परिजनों कों भुगतना पड़ता हैं लेकिन उसके बाद भी छत्तीसगढ़ की पुलिस अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही जिसके कारण राज्य में बवाल मचा हुआ हैं इस तरह के बवाल पर लगाम लगाने की जरुरत गृहमंत्री कों हैं परन्तु वहां से भी कोई बड़ी कार्यवाही नहीं होना समझ से परे हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना बलरामपुर के शौचालय में ग्राम संतोषी नगर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्य करने वाले चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी गुरु चंद मंडल ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली जिसके बाद यह मामला आग की तरह शहर में फ़ैल गया और देखते ही देखते लोग आक्रोशित हो गए।
उसके बाद आम नागरिकों ने जम कर बवाल काटते हुए थाने को तहसनहस करतें हुए साथ ही टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया।
जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया पुलिस के द्वारा किए गए लाठीचार्ज के बाद स्थिति और बिगड़ गई पुलिस, एसडीएम की वाहनों के अलावा अन्य दोपहिया और चारपहिया वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की गई जिससे हालात और बेकाबू हो गया बेकाबू हालात देखकर पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला, अश्रु गैस के कई गोले दागे पुलिस व प्रशासन के कई प्रयास तत्काल लोगों के आक्रोश कों शांत नहीं करा पाए और आम नागरिकों एवं मृतक के परिजनों एवं साथियों ने थाने में जम कर तोड़ फोड़ किया।
इधर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा निर्देशानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 196(2) के तहत प्रकरण की न्यायिक जांच करने सूचित किया गया है। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन बलरामपुर में कार्यरत चतुर्थ वर्ग कर्मचारी गुरु चंद मंडल की पत्नी 15-20 दिनों से गायब थी। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। इसी सिलसिले में लगातार गुरु चंद मंडल को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि बीते तीन दिनों से सुबह 6 बजे से लेकर देर शाम तक उसे थाने में ही बैठाकर रखा जाता था, इसे लेकर वह काफी तनाव में था। इसी क्रम में गुरुवार को दोपहर 3:00 से 3.30 बजे के बीच गुरु चंद मंडल, थाने के बाथरूम में अपने ही गमछा के सहारे फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया घटना की जानकारी पुलिस कों जैसे लगी उनके हाथ पाँव फूलना चालू हो गया जो की लाजमी था.
घटना की जानकारी पुलिस के द्वारा स्वास्थ्य विभाग को दी गई, इसके बाद डीपीएम स्मृति एक्का सहित बड़ी संख्या में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी एवं नगर बासी थाने में जमा होने लगे। देर शाम थाने के सामने ही स्वास्थ्य कर्मचारी एवं
स्थानीय नागरिकों ने चक्काजाम कर दिया। डीपीएम स्मृति एक्का ने कहा कि संदिग्ध परिस्थितियों में विभाग के कर्मचारी की मौत हुई है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इधर पुलिस के द्वारा एकत्र भीड़ के आक्रोश को दबाने के लिए जिस प्रकार लाठी चार्ज किया उसके कारण लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है।
न्यायिक जांच के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अंकित कुमार गर्ग ने बताया है कि थाना बलरामपुर में गुरुचंद मंडल पिता शांतीराम मंडल 30 वर्ष, निवासी संतोषीनगर थाना बलरामपुर द्वारा रीना मंडल जो कि वर्तमान में लापता है, जिसकी थाना बलरामपुर में गुम इंसान क्रमांक 42/2024 दर्ज है। उक्त मामले में गुरुचंद मंडल को पूछताछ हेतु थाना बुलाया गया था। 24.10.2024 को गुरुचंद्र मंडल थाना बलरामपुर में आया था। जो दिन में करीब 03.05 बजे थाने के बाथरूम में अपने गमछा से फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है। मृत्यु पुलिस थाना में हुई है। अतः उक्त के संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा निर्देशानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 196(2) के तहत प्रकरण में शव पंचनामा एवं न्यायिक जांच हेतु जिला एवं सत्र न्यायाधीश को नियुक्त करने हेतु सूचित किया.
लागातार जलता छत्तीसगढ़ आखिर वजह कौन :- जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ में लागातार बवाल हो रहा हैं उसका खामियाजा पुरे राज्य की मासूम जनता कों भुगतना पड़ रहा हैं सरगुजा संभाग में हो रहे लागातार अपराधों पर नियंत्रण करने की छमता सरगुजा आईजी की नहीं जान पड़ती ऐसा शहर के हर चौक चौराहों में आम नागरिकों के बिच चर्चा हैं सरगुजा के सीतापुर में संदीप लकड़ा के हत्या की बात हो या फिर सूरजपुर में प्रधान आरक्ष की बच्ची और पत्नी की हत्या की बात हो या अब बलरामपुर में पुलिस अभिरक्षा में युवक की संदिग्ध परिस्थिति में आत्महत्या का मामला हो उसके साथ ही साथ सरगुजा संभाग में लागातार बढ़ते अपराधों एवं अपराधियों के बुलंद हौसले यह गवाही दें रहे हैं की सरगुजा रेंज आईजी की भी इन अपराधियों एवं बढ़ते अपराध पर पर कार्यवाही एवं लगाम लगाने में असमर्थता ही दिख रही हैं.
सीतापुर में संदीप लकड़ा के मुख्य आरोपी कों पुलिस पूरी ताकत लगाने के बाद भी नहीं पकड़ पाई और अंत में वह स्वयं न्यायालय में सरेनडर करने पहुंच गया तब जा कर पुलिस मुख्य आरोपी कों पकड़ कर जम कर वाहवाही लूटने का प्रयास करते हुए अपने मुँह मिया मिट्ठू बनने वाली कहावत कों चरितार्थ किया.
इसी क्रम में सूरजपुर जिला में प्रधान आरक्ष की बच्ची और पत्नी की जघन्य हत्या के मामले में कुख्यात आरोपी कुलदीप साहू का इनकाउंटर करने की तत्काल कई संगठनों एवं परिजनों ने मांग की एवं कुलदीप साहू का इनकाउंटर करने पर ईनाम की घोषणा की जैसे ही कुलदीप साहू के इनकाउंटर करने वालों पर लाखों रूपए की ईनाम की खबर आग की तरह फैली वैसे ही कुलदीप साहू कों बस से गिरफ्तार कर लिया गया जो की अत्यंत गंभीर रूप से जाँच का विषय हैं की इतने बड़े घटना कों अंजाम देने के बाद भी उक्त कुख्यात आरोपी कों प्रथम प्राथमिकता से संरक्षण देकर बचाने का प्रयास कोन कर रहा हैं।

