सरगुजा समय अंबिकापुर –
युवती को मध्य प्रदेश उज्जैन से पुलिस टीम द्वारा बरामद किया गया
घटना के 02 आरोपियों की गिरफ्तारी कर न्यायिक निर्माण पर भेजा गया।
➡️मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 19.11.25 को शादी पार्टी में काम करने के बहाने पीड़िता को उसकी सहेली अलका ने शादी पार्टी में काम करने पत्थलगांव ले जाना पीड़िता की बहन को बताया एवं पीड़िता को उज्जैन लेजाकर अशोक से नगदी 2 लाख रुपए लेकर विक्रय कर दिया गया।
जहां आरोपी अशोक ने पीड़िता से विधि विरुद्ध विवाह कर लिया इसके बाद आरोपी महिला ने पीड़िता का फोन उठाना बंद कर दिया। दिनांक 29 नवंबर को शाम आरोपी अशोक ने प्रार्थना को फोन कर बताया कि अलका ने तुम्हारी बहन को मेरे पास ₹200000 में बेच दिया है और जब तक मुझे मेरा पैसा वापस नहीं मिल जाएगा तब तक मैं तुम्हारी बहन को नहीं छोडूंगा।

आरोपी ने प्रार्थना को पुलिस एवं अन्य जगहों पर घटना के संबंध में जानकारी देने एवं रिपोर्ट लिखने से माना किया था एवं पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी थी। प्रार्थना की रिपोर्ट पर दिनांक 26.11.25 को थाना मणिपुर में अपराध क्रमांक 323/2025 धारा 143 (2),187,3(5) बी एन एस पंजीबद्धकर विवेचना में लिया गया।
➡️विवेचना दौरान प्रकरण के आरोपी का पता हेतु उज्जैन पुलिस टीम रवाना की गई। जहां उज्जैन में भंवर सिंह के कब्जे से पीड़िता को बरामद किया गया आरोपी भंवर सिंह को हिरासत में लिया गया।
पीड़िता से पूछताछ पर जानकारी मिली कि अल्का उसे उज्जैन स्टेशन पर अशोक मुकेश और भंवर सिंह को सौंप कर वहां से चली गई।
जिसे उज्जैन से 15 किलोमीटर दूर ऑटो से लेकर अपने गांव बड़ोदिया लेकर आए और अशोक एवं मुकेश ने जबरन भंवर सिंह से उसकी शादी कर दी एवं भंवर सिंह पीड़िता को भागने की कोशिश करने पे जान से मारने की धमकी देता था।

मणिपुर पुलिस टीम द्वारा भंवर सिंह के निवास प्रेमनगर मैं दबिश दी गई जहां आरोपी 1.भंवर सिंह गोहाना पिता उमराव सिंह उम्र 25 वर्ष कमला नेहरू मार्ग प्रेम नगर चिमनगंज उज्जैन को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जिसे अपना स्वीकार किया आरोपी की निशानदेही पर घटना के अन्य आरोपी मुकेश सिंह गोहाना पिता उमराव सिंह उम्र 32 वर्ष कमला नेहरू नगर मार्ग प्रेम नगर चिमनगंज उज्जैन को गिरफ्तार कर थाना मणिपुर लाकर विवेचना में अग्रिम कार्यवाही करते धारा 140 (3) 142,144, (2)64 2D बीएस जोड़ी गई प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध अपराध सबूत पाए जाने पर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी मणिपुर निरीक्षक अश्विनी सिंह, सहायक उप निरीक्षक शौखी लाल, आरक्षक सत्येंद्र दुबे की मुख्य भूमिका रही।

