11/05/2026
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सरगुजा समय अंबिकापुर :-
चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी एवं संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय अम्बिकापुर के संयुक्त तत्वावधान् में नेतृत्व एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राजेश श्रीवास्तव प्राचार्य साईं बाबा आदर्श महाविद्यालय अंबिकापुर  एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में मंगल पाण्डेय संयोजक नवा बिहान नशा मुक्ति जागरूकता अभियान सह निर्देशक चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी, अजय तिवारी वरिष्ठ समाजसेवी  कर्मयोग राज्य समन्वयक आर्ट आफ लिविंग छत्तीसगढ़, अंचल ओझा मुख्य कार्यकारी सरगुजा साइंस ग्रुप एवं एजुकेशनल सोसायटी एवं  अनिल कुमार मिश्रा समन्वयक नवा बिहान नशा मुक्ति जागरूकता अभियान  सह डायरेक्टर छत्तीसगढ़ प्रचार एवं विकास संस्थान उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भगवान गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्वागत गीत के माध्यम से किया गया। कार्यशाला में मंगल पाण्डेय द्वारा व्यक्तित्व विकास के विभिन्न आयामों—संचार कौशल, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन एवं व्यवहारिक परिवर्तन—पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने प्रेरणादायक उदाहरणों एवं लघु वीडियो क्लिप्स के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मविकास के लिए जागरूक किया।


मुख्य अतिथि डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक को शारीरिक से अधिक मानसिक रूप से सक्रिय एवं सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने सकारात्मक सोच, आदर्श आचरण एवं निरंतर अध्ययन की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रशिक्षार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षक बनने हेतु प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने में युवाओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने शिक्षा में सकारात्मक सोच एवं आदर्श आचरण पर जोर देते हुए प्रशिक्षार्थियों को प्रतिदिन 8 घंटे नियमित अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।

उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे सूर्य चमकने के लिए तपता है। वैसे ही सफलता के लिए परिश्रम आवश्यक है। साथ ही उन्होंने सूर्य, चंद्रमा, मंगल एवं बुध आदि ग्रहों से संबंधित ज्योतिषीय ज्ञान भी सरल रूप में समझाकर सभी को जागरूक किया।


अजय तिवारी ने नेतृत्व के गुणों पर चर्चा करते हुए बताया कि एक सच्चा नेता वहीं होता है जो पहले स्वयं की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करता है। उन्होंने पारिवारिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं को समझाते हुए विद्यार्थियों को प्रभावी नेतृत्व के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि अनिल कुमार मिश्रा एवं अंचल ओझा ने भी व्यक्तित्व विकास,जीवन दक्षता के विभिन्न आयामों पर अपने अनुभवों को साझा किया।


कार्यक्रम के अंत में श्रीमती सुमन पाण्डेय द्वारा सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला ने प्रशिक्षार्थियों में आत्मविश्वास, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस प्रकार यह कार्यशाला प्रशिक्षार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास हेतु अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।समस्त कार्यक्रम प्राचार्य महोदय डॉ.अंजन सिंह के मार्गदर्शन एवं सहायक प्राध्यापकों डॉ. पूजा दुबे, सुमन पाण्डेय, रानी पाण्डेय ,चंदा सिंह,नीरू त्रिपाठी एवं श्वेता तिवारी के निर्देशन और निरीक्षण में संपन्न हुआ । 

कार्यक्रम को सफल बनाने में  बी एड चतुर्थ सेमेस्टर के प्रशिक्षणार्थियों एवं रेवती पाण्डेय इन्टर्नशिप छात्रा राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर का सराहनीय योगदान रहा।

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