सरगुजा समय अंबिकापुर :- सरगुजा में वन विभाग के कुछ शासकीय अधिकारी की कार्यशैली इस तरह भ्रमित है की आम जनता समझ ही नहीं पा रही की इन अधिकारीयों को शासन नें आम जनता की सेवा एवं विभाग की संपत्ति का बचाव करने रखा है की विभाग के संपत्ति को चपत लगाने वाले माफियाओं के तलवे चाटते हुए गरीबों पर ऊपर कार्यवाही के नाम JCB चला बेघर करते हुए वाहवाही लूटने का झूठा प्रयास करने के लिए।


बता दें की ओरिएण्टल पब्लिक स्कुल अब मासूम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता दिख रहा है लगातार इस स्कुल का विवादों से नाता गहराता जा रहा है, इस स्कुल के छात्र कभी स्टंटबाजी करते दिखते है तो कभी यहां की छात्राओं के द्वारा अश्लील गालियों के बौछार वाली वीडियो वायरल होती है।
जिस कारण इस स्कुल में स्कूली शिक्षा एवं छात्र छात्राओं में सभ्यता के अभाव की काफ़ी चर्चा सोसल मिडिया में लोगों नें किया जिससे स्कुल प्रबंधक की भी काफी किरकिरी होती दिखते रहती है। सोसल मिडिया में छात्राओं के अश्लील गालियों वाले वायरल वीडियो नें इस स्कुल की काफ़ी बदनामी कराई देखते देखते अभी लोग गाली कांड भूलने ही वाले थे तब तक स्टंट वाला वीडियो वायरल हो गया जिससे यह सिद्ध होता है की उक्त स्कुल में छात्र छात्राओं पर अनुशासन का पाठ पढ़ाने में स्कुल प्रबंधक एवं शिक्षक असमर्थ है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की सरगुजा में महामाया पहाड़ जो की सरगुजा के राजनैतिक लोगों के लिए राजनितिक अखाडा है इस पहाड़ में अवैध निर्माण को लेकर आपस में भाजपा एवं कांग्रेस दलों के नेताओं के अपने अलग अलग राग है, परंतु चाहे भाजपा के नेता हो या कांग्रेस के इन दोनों के राग एवं महामाया पहाड़ को अवैध निर्माण से मुक्ति दिलाने के लिए आवाज़ निकलता तो है परंतु ओरिएण्टल पब्लिक स्कुल में जब कार्यवाही के लिए आवाज उठाने की बात आती है तो कांग्रेस के नेता तो महामाया पहाड़ में हुए अवैध निर्माण से मुक्ति की बात ही नहीं करती लेकिन भाजपा के कुछ नेताओं के द्वारा इस महामाया पहाड़ को अवैध निर्माण से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार गरीबों के घर को तुड़वा कर वाहवाही लूटी गई परंतु जब बात आई ओरिएण्टल पब्लिक स्कुल में कार्यवाही की तो हलक से एक आवाज नहीं निकलती है।

आखिर क्या वजह है की वन विभाग के भूमि पर इतने विशाल रूप से कब्ज़ा किये जाने के बावजूद विभाग कार्यवाही नहीं कर पा रहा आखिर वन विभाग के अफसर क्यों इस स्कुल के प्रबंधक से डरे सहमें हुए है क्यों नहीं अन्य लगभग 50 गरीबों के घर जिसकों वन भूमि में अवैध कब्ज़ा होना बताते हुए पुरे पुलिस प्रशासन, राजस्व एवं नगर निगम का अमला पहुंच खूब जम कर JCB चलाते हुए गरीबों के घर को जमींदोज करने की कार्यवाही करते हुए खूब वाहवाही लूटी थी।

लेकिन यही जब वन भूमि में कब्ज़ा कर अवैध रूप से बनाए ओरिएण्टल पब्लिक स्कुल में कार्यवाही करने की बात आती है तो विभाग एवं नेताजी के हाथ पांव फूलने लगते है। जिससे यही बात सिद्ध होता है की समरथ को ना दोष गोसाईं, अथार्थ रसूखदार एवं दबंग व्यक्ति वन भूमि में कब्ज़ा कर ले तो उसकी कोई गलती नहीं मानी जाएगी, बल्कि विभाग के कुछ अफसर ऐसे लोगों के चरण वंदन करते हुए तलवे चाटने का ही कार्य करते नजर आएंगे क्योंकि इनकी कार्यवाही की चाबुक सिर्फ गरीबों के ऊपर चल सकती है, दबंग माफियाओं के ऊपर तो इनकी नजर भी नहीं उठ सकती कार्यवाही तो बड़े दूर की बात है।

सुचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेज में मिली जानकारी के अनुसार उक्त स्कुल प्रबंधक को किसी भी प्रकार से उस भूमि पर निर्माण करने के लिए अनुमति नहीं प्रदान किया गया है और ना ही उक्त भूमि का वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा भी प्रबंधक को प्राप्त नहीं है, बावजूद उसके विभागीय कार्यवाही नहीं होना विभाग के अफसरों के लिए काफ़ी शर्म की बात होना माना जा सकता है।
जहाँ महामाया पहाड़ कई नामों से विख्यात होता नजर आ रहा है वही तरह के अवैध निर्माण में कार्यवाही ना होना भी सरगुजा के लिए एक अभिशाप से कम नहीं है ऐसा माना जा सकता है। महामाया पहाड़ अब ऑक्सीजन पार्क, हाथी पखना गणपति धाम एवं सरगुजा के हजारों लोग यहां प्राकृतिक सुंदरता एवं शुद्ध वातावरण का लुप्त उठाने पंहुचते वही इस अवैध निर्माण स्कुल पर कार्यवाही नहीं होना अत्यंत गंभीर मुद्दा है, जिससे यह प्रतीत होता दिख रहा है की उक्त स्कुल प्रबंधक वन विभाग एवं महामाया पहाड़ को अवैध कब्ज़ा से मुक्ति दिलवाने वाले नेताओं से बड़ी पहुंच रखते है।
खैर अब देखने वाली बात होंगी की जिस प्रकार गरीबों के अवैध निर्माण मकान में JCB चला विभाग नें जमींदोज कर दिया अब उसी प्रकार रसूखदार एवं दबंग वन भूमि में कब्ज़ा कर निर्माण किये गए ओरिएण्टल पब्लिक स्कुल को भी जमींदोज किया जायेगा की प्रबंधक के द्वारा फेकि गई बोटी को उठा विभाग मौन हो जायेगा।

