सरगुजा समय अंबिकापुर :- सरगुजा संभाग के साथ – साथ जिला आबकारी अधिकारी गायकवाड़ साहब अब शासन के कार्य कों करने से ज्यादा महत्वपूर्णता शराब दुकान में पनप रहे दलालों कों दें रहे हैं।
गायकवाड़ साहब के द्वारा लगातार बाहरी लोगों कों संरक्षण देकर शराब माफिया बनवाने के लिए जोर लगा रहे हैं ऐसा माना जा सकता हैं क्योंकि जब शासकीय शराब दुकान में बाहरी व्यक्ति जिसे शराब माफिया की संज्ञा देना लाजमी हैं कों शासकीय दुकान में घुसकर दुकान संचालन करने की अनुमति किसके द्वारा प्रदान की गई।
अगर गायकवाड़ साहब का यह शराब माफिया अजीज हैं तो आला अफसर कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे और अगर गायकवाड़ साहब का कोई मामला नहीं हैं तो फिर अपने आप कों शराब माफिया समझने वाले व्यक्ति के ऊपर अपराध पंजीबंध क्यों नहीं किया गया यह जाँच का विषय हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की अंबिकापुर के गंगापुर शराब दुकान मे नियमों की आबकारी एक्ट की लगातार धज्जियां उड़ाई जा रही है।
यहाँ के सुपरवाइजर एवं जिला आबकारी अधिकारी लगातार अपने आप कक सर्वे सर्वा समझते हुए आबकारी अधिकारी एवं आबकारी मंत्री कों अपने चरणों की धूल समझने की कोशिस कर रहे हैं जबकि इन गायकवाड़ साहब कों इतना याद नहीं की इनके द्वारा उत्पन्न करने वाले शराब माफिया कों अपने विभाग के अफसर एवं आबकारी मंत्री से ऊपर क्यों समझ रहे हैं।
आपको बता दें की गंगापुर शराब दुकान में बेखौफ़ होकर जिला आबकारी अधिकारी गायकवाड़ एवं शराब दुकान के सुपरवाइजर के द्वारा बाहरी लोगों की एंट्री करवा कर ग्राहकों से गाली गलौज एवं धमकाने चमकाने के लिए छूट दिया गया हैं।
जानकारी के अनुसार सूत्रों से मिली जानकारी में तमाम शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार लोगो पर नए नवेले शराब माफिया जिसकों जिला आबकारी अधिकारी गायकवाड़ के द्वारा उत्पन्न किया जा रहा हैं उस पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता हैं जिससे यह प्रतीत होता हैं की आबकारी अधिकारी अपने आप कों विभाग एवं आबकारी मंत्री कों अपने चरणों की धूल समझ बैठें हैं।

बता दें की अंबिकापुर के बस स्टैंड स्थित गंगापुर शराब दुकान में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शराब बिक्री के स्पष्ट नियमों के बावजूद यहां बाहरी लोगों का शासकीय दुकान में प्रवेश खुलेआम जारी हैं यहाँ आबकारी अधिकारी के द्वारा उत्पन्न करें हुए शराब माफिया कों बेरोकटोक आवाजाही करने की मौन स्वीकृति देना माना जा सकता हैं।
इस तरह की कार्यशैली पर आबकारी अधिकारी एवं आबकारी मंत्री के द्वारा आबकारी एक्ट का सीधे-सीधे कानून और व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता हैं।
अंबिकापुर गंगापुर के शराब दुकान की स्थिति यह कि बाहरी व्यक्ति परिसर के अंदर लगे सीसी टीवी कैमरे के नीचे काउंटर मे बैठकर ग्राहकों को शराब तक मुहैया कराते है, गंगापुर शराब दुकान के परिसर के अंदर सीसी टीवी कैमरे लगे होने के बाद भी लोगों का जमावड़ा लगना अब आम बात हो गई है, हालांकि कुछ लोगो ने इसकी शिकायत आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से कर कार्रवाई की मांग की थी, शिकायत के बाद भी अधिकारी गंभीर नहीं है, विभागीय उदासीनता के कारण यहां आए दिन विवाद और हंगामे की आशंका बनी रहती है।
हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार आबकारी विभाग के अधिकारी सब जानकर भी आंख मूंदे बैठे हुए है।

अब विचारणीय बात यह हैं की गंगापुर शराब दुकान में किसका राज चल रहा हैं अगर आबकारी अधिकारी गायकवाड़ साहब ईमानदार हैं तो शराब दुकान में अवैध तरीके से शराब विक्रय करने वाले के ऊपर शासकीय कार्य में हस्तक्षेप करने वाले के ऊपर अपराध पंजीबद्ध करके शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगता हैं। और अगर ऐसा नहीं होता हैं तो आबकारी अधिकारी गायकवाड़ साहब की उत्पन्न की जाने वाली शराब माफिया की तुलना इस व्यक्ति कों दी जा सकती हैं।
अब देखने वाली बात यह हैं की उक्त मामले में कार्यवाही करने का साहस कौन साहब करते हैं या फिर सभी अपना कलम बचाने के चक्कर में पड़ते हैं।

