सरगुजा समय अंबिकापुर: अंबिकापुर के निजी चिकित्सा क्षेत्र में कथित दलाली, रसूख के दम पर दखलंदाजी और उगाही के खेल पर अब कानून का कड़ा शिकंजा कसता नजर आ रहा है। चोपड़ापारा स्थित DHT केयर हॉस्पिटल की संचालक डॉ. दीपिका टोप्पो की शिकायत पर अजाक थाना पुलिस ने नवीन द्विवेदी और सुशील कुमार राय के खिलाफ गैर-जमानती व संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार एवं सोसल मिडिया में वायरल आडियो की माने तो नवीन द्विवेदी अपने आप को सरगुजा में समस्त संचालित निजी अस्पतालों का संरक्षक मानता है अथार्त जिसकों नवीन द्विवेदी चाहेगा वही अपना निजी अस्पताल सरगुजा में संचालित कर पायेगा जिसके लिए नवीन द्विवेदी को भरपूर आर्थिक चढ़ावा की उम्मीद रहती है अगर कोई निजी अस्पताल संचालक इसको आर्थिक चढ़ावा नहीं चढ़ाता है तो यह नवीन द्विवेदी अपने दलाली वाले प्रविति में उतर निजी अस्पतालों की खामिया उजागर करने की धमकी देकर निजी अस्पताल के संचालकों पर दबाव बनाता दीखता है।
बता दें की नवीन द्विवेदी पर लगातार निजी अस्पतालों में कथित हस्तक्षेप और दलाली के आरोप लगते रहे है जिसके बाद यह मुद्धा स्थानीय स्तर पर, शहर के निजी अस्पतालों के संचालन, फार्मेसी और डायग्नोस्टिक व्यवस्थाओं में लंबे समय से बिचौलियों और कथित सिंडिकेट का हस्तक्षेप एवं आर्थिक लाभ अर्जित करने का चारागाह बनता रहा है।
दखल और दबाव का खेल: मीडिया रिपोर्ट्स और शिकायतों के मुताबिक, नवीन द्विवेदी पर स्वास्थ्य महकमे, नेताओं और प्रशासनिक पहुंच का हवाला देकर कई निजी अस्पतालों के मामलों में दखल देने और कथित पदाधिकारी बनकर दबाव बनाने के आरोप लगते रहे हैं। यह नवीन द्विवेदी के वायरल आडियो की अगर माने तो यह DTH हॉस्पिटल के स्टॉफ को फोन लगाकर धमकाने प्रलोभन देने एवं बहकाने और हॉस्पिटल बंद करवा देने की बात कहता सुनाई देता है।
महीने की बंधी वसूली की मांग: शिकायतकर्ता चिकित्सक दंपत्ति के अनुसार, अस्पताल संचालन के एवज में लाखों रुपये की एकमुश्त मांग और हर महीने 5 लाख रुपये की अवैध उगाही का दबाव बनाया जा रहा था। दम्पति के शिकायत से यह तो माना जा सकता है की नवीन द्विवेदी के द्वारा तमाम निजी अस्पतालों को अपना चारागाह बना डाला है जिससे इसके द्वारा निजी अस्पताल संचालकों को भय दिखा कर अवैध उगाही की जाती है।
जातिगत अपमान और 65 लाख की हेराफेरी का मामला
वित्तीय हेराफेरी: अस्पताल प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि फार्मेसी संचालन और वित्तीय लेन-देन की आड़ में करीब 65 लाख रुपये की हेराफेरी व कथित वसूली की गई।
धमकियां और गाली-गलौज: रकम न देने पर अस्पताल बंद कराने, झूठे मामलों में फंसाने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर प्रताड़ित करने व जान से मारने की धमकियां दी गईं।
BNS (भारतीय न्याय संहिता): धारा 296 (अभद्रता व गाली-गलौज), धारा 351(3) (आपराधिक धमकी), और धारा 3(5) (साझा मंशा)।
SC/ST एक्ट: धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) के तहत गैर-जमानती मामला दर्ज।
सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज:- अजाक थाना अंबिकापुर में दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई करते हुए धाराएं लगाई गई हैं ऐड देखना यह है की पुलिस अपराध दर्ज करने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है या फिर नवीन द्विवेदी के रसूख एवं राजनीतिक पकड़ के आगे बौनी साबित होती है।
आपको बता दें की इस कार्रवाई के बाद शहर के स्वास्थ्य जगत में हड़कंप मच गया है और यह मांग जोर पकड़ रही है कि निजी अस्पतालों में चल रहे बिचौलियों व दलाली के पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच की जाए। और दलाली करने वाले दलालों पर चुन चुन के कार्यवाही की जाए।
