सरगुजा समय अंबिकापुर :- करोड़ों रूपए के कोयला क्रय विक्रय मामले में गड़बड़झाला करने का एक मामला थाना में दर्ज वर्षो पहले हुआ परन्तु आज दिनांक तक सरगुजा पुलिस उक्त आरोपी को पकड़ने में नाकामयाब रही जिससे यह प्रतीत होता है की यह FIR किसी कार्यवाही के लिए नहीं बल्कि भायदोहन के लिए किया गया होगा क्योंकि शहर में लागातार कई वर्षो से फरार चल रहे आरोपियों की धर पकड़ काफ़ी तीव्रता के साथ किया गया जिसमे सरगुजा पुलिस ने स्वयं की पीठ भी जम कर थपथापाई परन्तु करोड़ों रूपए के कोयला के गड़बड़झाले के मामले में आरोपी का पुलिस गिरफ्त से दूर होना यह अत्यंत ही निंदनीय विषय है और सरगुजा पुलिस की कार्यवाही पर सांवलिया निशान खड़ा करता है।

मिली जानकारी के अनुसार बहूचर्चित सरगुजा के रसूखदार एवं कोयला माफिया संजय मित्तल के द्वारा अंबिकापुर थाना में FIR दर्ज करवाया गया की उनके साथ सामने वाली पार्टी जिस फर्म का स्वामी मोहित पाण्डेय है उसके द्वारा कोयला क्रय विक्रय करने के मामले में करोड़ों रूपए की हेराफेरी किया गया जो अनुबंध कोयला खरीदी के लिए किया गया था उसका मोहित पाण्डेय के द्वारा पालन नहीं किया गया जिससे संजय मित्तल अपने आप को ठगा महसूस करके थाना में अपराध पंजीबंध करवा दीया परन्तु पुलिस की ढुलमूल रवैया शहर वासियों के समझ से परे है क्योंकि उक्त मामले में FIR दर्ज हुए लगभग ढाई वर्ष से ज्यादा समय बीत चूका है उसके बाद भी पुलिस के लम्बे हाथ से करोड़ों रूपए का वारा न्यारा करने वाला आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
कहने को तो सरगुजा में पुलीसिया व्यवस्था के नाम पर रोजाना वाहन चेकिंग से लेकर चोरी, मारपीट, लूटपाट जैसे तमाम प्रकार के अपराधों में तत्काल कार्यवाही की बात करती नजर आती है परन्तु करोड़ों रूपए के कोयला के मामले में सरगुजा पुलिस की उदासीनता समझ से परे है, उक्त मामले में FIR दर्ज होने के लगभग ढाई वर्ष बीतने के पश्चात भी आरोपी सरगुजा पुलिस के पहुंच से बाहर है जिससे ऐसा प्रतीत होता है की सरगुजा के पुलिस विभाग के आला अफसर या तो इस मामले को जानबूझकर ठंढ़े बस्ते में डाल कर सरगुजा की आम जनता को भ्रमित करते किसका सहयोग करने का प्रयास कर रहे है यह तो पुलिस विभाग के आला अफसर ही जाने।
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा संभाग से लेकर छत्तीसगढ़ में कोयला माफिया के नाम से विख्यात व्यक्ति के साथ एक करोड सन्तानबे लाख छत्तीस हजार नौ सौ बत्तर रूपये का कोयला के नाम पर ठगी का मामला अचंभित करता है परन्तु अंदर की बात क्या है यह तो आवेदक और आवेदक के बिच की ही बात है परन्तु हम आपको पूरा मामला थाना में दर्ज FIR के माध्यम से बताते है।
क्या है पूरा मामला और क्या बातें है दर्ज FIR पढ़े :- मैं थाना अम्बिकापुर में उप निरीक्षक के पद पर पदस्थ हूं। श्रीमान नगर पुलिस अधीक्षक अम्बिकापुर सरगुजा छ0ग0 के पत्र क्रमांक/नपुअ/अम्बि./शिका/24/2021 दिनांक 23/09/2021 पत्र प्राप्त हुआ। श्रीमान नगर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा शिकायत पर संज्ञेय अपराध का घटित होना परिलक्षित होने से आवेदक के शिकायत जांच पर प्रथम सूचना पत्र पंजीबद्ध कर कार्यवाही से अवगत कराने आदेश प्राप्त हुआ है। आवेदक संजय मित्तल आ० सत्यनारायण अग्रवाल निवासी अग्रसेन वार्ड, थाना अम्बिकापुर के शिकायत पत्र के जांच पर आवेदक द्वारा अनावेदक से मौखिक अनुबंध के आधार पर 30 हजार टन कोयला खरीदी हेतु आवेदक द्वारा विभिन्न तिथियों में कुल 1,97,36,972/- रूपये का भुगतान किया जाना बताया गया है तथा अनावेदक के द्वारा आवेदक को 53,14,645/- रूपये का कोयला प्रदाय किया गया है तथा शेष 1,44,22,326/- रूपये का कोयला देने में आना कानी कर रहा है अनावेदक सहज विश्वास उर्जा प्रा०लि० डायरेक्टर मोहित पाण्डेया के द्वारा आवेदक के साथ ठगी किया जाना पाया गया। जिस पर अनावेदक के विरूद्ध अपराध धारा 420, 406 भादसं के तहत अपराध पंजीयन हेतु शिकायत पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। नकल आवेदन पत्र जैल है- प्रति श्रीमान पुलिस महानिरीक्षक महोदय सरगुजा संभाग अम्बिकापुर जिला सरगुजा छ०ग० विषय आवेदक के साथ ठगी किये जाने के विरूद्ध शिकायत पत्र आवेदक मेसर्स हिन्द यूनाईटेड प्राईवेट लिमिटेड प्रोपराईटर संजय मित्तल पता पुराना बस स्टेण्ड अम्बिकापुर जिला सरगुजा छ0ग0 अनावेदक सहज विश्वास उर्जा प्राईवेट लिमिटेड डायरेक्टर मोहित पाण्डेया पता मेन रोड नियर वेटरनी हास्पीटल पेण्डूर्थी विशाखापटटनम कार्यालय पता 503 एन0आर0के0 बी०आई०जी० इन्दौर म०पुर महोदय आवेदक का निम्न निवेदन है 01- यह कि आवेदक नगर अम्बिकापुर का स्थाई निवास है, मेसर्स हिन्द यूनाईटेड प्राईवेट लिमिटेड के नाम से कोयला क्रय विक्रय का कार्य करता है, तथा अनावेदक द्वारा सहज विश्वास उर्जा प्राईवेट लिमिटेड कोयला क्रय विक्रय का कार्य करता है, 02- यह कि आवेदक द्वारा अनावेदक के फर्म से 20 हजार टन कोयला क्रय हेतु माह दिनांक 7-6-2019 के पूर्व चल रहा था तथा अनावेदक द्वारा आवेदक को चाही गई कोयले की मात्र देने हेतु सहमती दिया गया अनावेदक व आवेदक के मध्य हुये चर्चा के अनुसार आवेदक द्वारा अनावेदक के उपरोक्त कथनानुसार दिनांक 7-6-2019 से युनियन बैंक के खाता क्रमांक क्रमश 49680********** एवं 55460********** मे विभिन्न तिथीयो को राशि कोयला खरीदी हेतु अंतरित किया गया 03- यह कि आवेदक अनावेदक के उपर अत्यधिक विश्वास करता था, जिस कारण मौखिक अनुबंध के अंतर्गत अनावेदक के कथनानुसार राशि उपरोक्त वर्णित बैंक खाता में अंतरित किया करता था, तथा आवेदक व अनावेदक के मध्य दिनांक 26-11-2019 को 20 हजार टन कोयला खरीदी हेतु लिखित अनुबंध का भी निष्पाद किया गया आवेदक द्वारा दिनांक 29-9-2020 तक अनावेदक को विभिन्न तिथीयो में कुल 19736972 एक करोड सन्तानबे लाख छत्तीस हजार नौ सौ बत्तर रूपये का भुगतान कर चुका है, तथा अनावेदक अभी तक आवेदक को प्रेषित कोयला का मुल्य 5314645/- रूपये हुआ है, तथा शेष बकाया राशि व अनुबंध के अनुसार बकाया कोयला को अनावेदक द्वारा आज दिनांक तक प्रेषित नहीं किया गया है। 04- यह कि आवेदक का अनावेदक से हुये लिखित एवं मौखिक अनुबंध के अनुसार आवेदक से प्राप्त राशि का कोयला अनावेदक आवेदक को प्रदान करने हेतु बाध्य है किन्तु अनावेदक द्वारा आवेदक को अनेको निवेदन के उपरांत भी कोयला प्रदान नही किया जा रहा है जिससे आवेदक को व्यवसायिक छति हो रही है, अनावेदक के द्वारा आवेदक की बकाया राशि 14422326/- रूपये को गबन करने की नियत से न तो आवेदक को कोयला भेजा जा रहा है और न ही आवेदक के निवेदन का उतर दिया जा रहा है, जिससे यह ऐसा प्रतित होता है कि अनावेदक के मन में लालच उत्पन्न हो रहा है जिस कारण से अनावेदक उपरोक्त कृत्य कर रहा है 05- यह कि अनावेदक द्वारा किया गया उपरोक्त कृत्य एक आपराधिक कृत्य है जिसके लिये उसके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाना आवश्यक है अत श्रीमान से निवेदन है कि आवेदक के आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुये अनावेदक द्वारा किये गये राशि गबन किये जाने के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करते हुये उचित कार्यवाही करने की कृपा करे दिनांक 15-1-2021 आवेदक
संजय मित्तल हस्ताक्षर अस्पष्ट मेसर्स हिन्द यूनाईटेड प्रा०लि०
उक्त तमाम बातें अंबिकापुर के थाना में दर्ज FIR में आवेदक के द्वारा बताये गए तमाम बातों पर है परन्तु सरगुजा के रसूखदारों एवं कोयला माफिया कर मामले में सर्वप्रथम नाम आने वाले व्यक्ति के FIR को सरगुजा पुलिस का तनिक भी गंभीरता से नहीं लेना और आरोपी का लगभग ढाई सालों से बेखौफ घूमना समझ से परे है अब देखना यह है की सरगुजा पुलिस शहर की जनता से चलानी कार्यवाही से ऊपर उठ कर करोड़ों रूपए के गड़बड़झाला के मामले में आरोपी को पकड़ पाती है या फिर उक्त आरोपी की पहुंच क़ानून के हाथ से भी लम्बी है जिससे वह लागातार बचता नजर आ रहा है।

