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सरगुजा की आम जनता के अधिकारों का हनन ग्राउंड खराब किसके इसारे पर, पहले भी हेलीपेड बनाने में हुई थी जिला प्रशासन की किरकिरी?
सरगुजा समय अंबिकापुर :- सरगुजा में अभी खेलो इण्डिया ट्राईबल गेम्स का आयोजन किया जा रहा हैं जहाँ देश के लगभग 30 राज्यों से खिलाड़ियों का आगमन हुआ हैं जहाँ अपने अपने ताकत का हुनर सभी अंबिकापुर के गाँधी स्टेडियम में आयोजित खेलो इण्डिया ट्राईबल गेम्स 2026 में दिखा रहे हैं।

परंतु सबसे बड़ी बात हैं इस आयोजन के लिए चुने गए स्थल का सरगुजा में प्रशासनिक व्यवस्थाओ एवं निर्णय अधिकांश रूप से आम नागरिकों एवं सरगुजावासियों के विपरीत रहता हैं।
ऐसा अधिकांश रूप से देखा जाता रहा हैं लगातार सरगुजा के आम नागरिकों द्वारा इस तरह के प्रशासनिक निर्णय का विरोध किया जाता रहा हैं बावजूद उसके प्रशासन के कान में जू तक नहीं रेंगति जिसका कारण क्या हैं यह तो सरगुजा जिला प्रशासन ही समझ सकती हैं। की आम नागरिकों कों होने वाली समस्याओं की भनक जिला प्रशासन कों क्यों नहीं लगती हैं और अगर लगती भी हैं तो जिला प्रशासन आम नागरिकों कों होने वाले समस्याओं कों नजरअंदाज क्यों करता हैं।

हम आपके जानकारी के लिए बता दें की सरगुजा में स्थित ग्राउंड के ऊपर राजनितिक प्रशासनिक एवं आर्थिक रूप से सदैव खतरा मंडराता रहता हैं यहाँ आम नागरिकों के गाँधी स्टेडियम कों कभी हेलीपैड बना दिया जाता हैं तो कभी पुनः लाखों खर्च कर आम नागरिकों के खेलकूद हेतु मैदान तैयार किया जाता हैं तो कभी वही लाखों रूपए की बर्बादी करके पुरे ग्राउंड कों तहस नहस करते हुए बड़े बड़े डोम लगाकर खेलो इण्डिया गेम्स का आयोजन कर देते हैं।

जबकि इस तरह से गाँधी स्टेडियम कों बर्बाद किये बगैर भी कलाकेंद्र ग्राउंड, पीजी कॉलेज ग्राउंड, पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड, क़ृषि महाविद्यालय ग्राउंड, जैसे कई अन्य स्थान हैं जहाँ इस आयोजन कों करने से बना बनाया गाँधी स्टेडियम खराब नहीं होता लेकिन इस कार्यक्रम कों गाँधी स्टेडियम में जानबुच कर करना यह दर्शाता हैं की गाँधी स्टेडियम ग्राउंड कों बनाने घास उगाने एवं पुनः पहले जैसे तैयार करने में मोटी रकम का वारा न्यारा करते हुए बड़े भ्रष्टाचार करने की साजिस पहले ही रची जा चुकी हैं।

आखिर क्यों सरगुजा में ग्राउंड राजनितिक एवं प्रशासनिक षड्यंत्र का होते हैं शिकार जहाँ आम जनता मासूम बच्चों के तकलीफ कों नहीं समझा जाता शहर में कालाकेंद्र मैदान पीजी कॉलेज मैदान जैसे राजनितिक मैदान घोषित हो चूका हैं आय दिन यहाँ नेता मंत्री मुख्यमंत्रीयों का आना जाना लगा रहता हैं जिससे छोटे छोटे बच्चे स्कुल जाने के लिए काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं।

तमाम मामले की जानकारी के लिए खेल एवं युवा विभाग के रामकुमार सिंह से लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया की सब ठीक चल रहा हैं पहले से टीम ने निरिक्षण करके इस जगह कों फ़ाइनल किया था जिसके बाद सरगुजा कलेक्टर ने इस स्थान कों फ़ाइनल करके दिलवाया हैं। जब बात स्वच्छता एवं बाथरूम के साफ सफाई की की गई तो रामकुमार सिंह ने बताया की सभी व्यवस्था चका चक हैं कोई कमी नहीं हैं।

लेकिन सरगुजा समय के टीम ने जो जानकारी और फोटो संग्रहण किया उसमे शौचालय के अंदर घुसना ही आफत भरा दिखा क्योंकि सफाई के नाम पर यहाँ कुछ नहीं था बल्कि शौचालय के मुख्य द्वार पर ही मल त्याग कर दिया हैं ऐसे कई कमियों के बिच यह सरगुजा खेलों इण्डिया ट्राईबल 2026 का आयोजन किया जा रहा हैं।

इस तरह के कृत्य से सरगुजा जो की एक दौर में स्वच्छता अभियान में अपने आपक कों नंबर 1 की स्थिति लाया था उसकी धज्जियाँ उड़ती नजर आएँगी एवं नेशनल लेबल पर सरगुजा में स्वच्छता अभियान की धज्जियाँ उड़ती नजर आएगा जिससे सरगुजा की बदनामी होना लाजमी हैं।

