सरगुजा समय अंबिकापुर (सरगुजा):- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अंबिकापुर दौरे को लेकर शहर में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। सरगुजा पुलिस अधीक्षक (SP) ने बाकायदा पत्र जारी कर नगर पालिक निगम को वीआईपी रूट से आवारा मवेशियों को हटाने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन नगर निगम का अमला चैन की नींद सोता रहा और SP का आदेश सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गया।
इधर निगम की नाकामी देखकर शहर की सड़कों पर भटक रहीं गायों ने मानों तय कर लिया कि जब स्थानीय प्रशासन नहीं सुन रहा, तो अब फरियाद सीधे ‘सूबे के मुखिया’ तक ही पहुंचेगी। मवेशियों का झुंड सर्किट हाउस की ओर बढ़ चला, मानो मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपने जा रहा हो।

वीआईपी रूट पर अचानक गायों का मार्च देख सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। और मवेशी सर्किट हाउस के गेट के सामने पहुंच गई जिससे पुलिस अधिक्षक के आदेश एवं नगर निगम की काफ़ी किरकिरी करा डाली।
अब आनन-फानन में खाकी वर्दीधारियों ने मोर्चा संभाला और लाठी-डंडों के सहारे मवेशियों को सर्किट हॉउस के गेट के सामने रोक दिया। सबसे बड़ी बात यह है की पुलिस अधिक्षक के द्वारा नगर निगम आयुक्त कों लिखें पत्र में यह उल्लेख किया गया था की VIP रूट से मवेशियों को हटवाया जाए परन्तु हुआ ठीक उल्टा VIP रूट से होते हुए मवेशी सर्किट हाउस के मुख्य गेट के सामने तक पहुंच गए और पुलिस अधीक्षक का जारी पत्र एवं नगर निगम की सारी व्यवस्था एवं सुरक्षा के कड़े इंतजाम की पोल खोल दी।

सड़क पर मवेशियों को खदेड़ते पुलिसकर्मियों का यह नजारा शहर भर में चर्चा का विषय बन गया है। लोग अब चुटकी ले रहे हैं कि निगम के ढुलमुल रवैये से परेशान होकर आखिरकार गौमाता को खुद ‘जनदर्शन’ के लिए सड़क पर उतरना पड़ा, लेकिन पुलिस ने बीच रास्ते में ही ‘गिरफ्तारी’ जैसी स्थिति बनाकर उन्हें वापस मोड़ दिया।
