सरगुजा समय अंबिकापुर :-
:- आरोपी द्वारा प्रार्थी को झांसा देकर बहाने से सिम एवं 02 खाता खुलवाकर खातों में अवैध ट्रांजेक्शन कर घटना की गई थी कारित।
मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी ज्ञानेन्द्र पाण्डेय साकिन डीपाडीह कला थाना शंकरगढ़ जिला बलरामपुर रामानुजगंज, हाल मुकाम नमनाकला थाना गांधीनगर द्वारा थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि प्रार्थी आरोपी आयुष सिन्हा के गोधनपुर स्थित निर्माणाधीन मकान में मुंशी सुपरवाइजर का काम करता था इस दौरान आरोपी आयुष सिन्हा प्रार्थी कों जरुरी काम का बहाना बताकर प्रार्थी कों साथ ले जाकर प्रार्थी के नाम पर नया सिम ले लिया गया एवं धोखे से बैंक ऑफ महाराष्ट्र और केनरा बैंक बनारस चौक में ले जाकर दो नए खाते खुलवा लिए। आरोपी द्वारा इन खातों में उसके पास मौजूद मोबाइल नंबर जो प्रार्थी के नाम पर था उसे लिंक करवा दिया।

खाता खुलने के बाद आरोपी आयुष सिन्हा ने प्रार्थी से दोनों बैंकों की पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक जबरन अपने पास रख लिया । जब प्रार्थी ने अपने दस्तावेज वापस मांगे, तो आरोपी उसे लगातार घुमाता रहा। बाद में प्रार्थी को पता चला कि उसके नाम पर खुले इन बैंक खातों से संदिग्ध रूप से लाखों रुपयों के अवैध ट्रांजेक्शन किए जा रहे हैं। दीप सिन्हा उर्फ आयुष सिन्हा निवासी सतीपारा अंबिकापुर द्वारा प्रार्थी से झूठ बोलकर प्रार्थी के नाम से नया सिम लेकर और प्रार्थी के नाम का बैंक में खाता खुलवाकर खाते का दुरूपयोग किया है। प्रार्थी कि रिर्पोट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 528/25 धारा 419, 420 भा.द.वि. एवं 238 बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दौरान विवेचना पुलिस टीम द्वारा प्रार्थी का कथन लेखबद्ध कर प्रकरण सदर के आरोपी आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा को हिरासत में लेकर थाना लाकर उछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा पिता स्व० त्रिभुवन सिन्हा उम्र 32 साल निवासी सत्तीपारा नेहरू वार्ड शिव मंदिर के पास थाना कोतवाली अम्बिकापुर का होना बताया, आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ कर प्रार्थी से लिये गये बैंक खाता, पासबुक एटीएम चेकबुक एवं उक्त खाता में लिये गये ठगी रकम पेश करने हेतु नोटिस दिया गया, जो आरोपी द्वारा गोलमोल जवाब देते हुये खाता धारकों को नहीं जानना न ही बैंक खाता लेना बताया गया, आरोपी के द्वारा प्रकरण में विवेचना में सहयोग न करते हुये साक्ष्य छिपाना पाये जाने से प्रकरण में धारा 238 बी.एन.एस. जोडी गई। आरोपी के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण में आरोपी कों गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है।
ससम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक अदीप प्रताप सिंह, सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय, आरक्षक नितिन सिन्हा, विवेक राय, शिव राजवाड़े सक्रिय रहे।
